ADVERTISEMENT
Saturday, July 4, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

AI इम्पैक्ट समिट से भारत बनेगा दुनिया का नया ‘AI पावरहाउस’?

UB India News by UB India News
February 17, 2026
in खास खबर, टेक्नोलॉजी, ब्लॉग
0
AI इम्पैक्ट समिट से भारत बनेगा दुनिया का नया ‘AI पावरहाउस’?
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बारे में यह कहा जाता है कि यह चौथी औद्योगिक क्रांति का इंजन बन चुका है।  आने वाले दशक में दुनिया की अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और सामाजिक संरचना कैसी होगी, इसका फैसला AI की नैतिकता और इसके उपयोग से तय होगा। राजधानी दिल्ली में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो’ 2026 का आयोजन 16 से 20 फरवरी तक भारत मंडपम में हो रहा है। यह  ग्लोबल साउथ का सबसे बड़ा एआई समिट है। पहली बार इंटरनेशनल एआई इवेंट साउथ एशिया के किसी देश में हो रहा है। यह आयोजन भारत के लिए क्यों इतना अहम है और दुनिया पर इसका क्या असर होगा, हम इस लेख में जानने की कोशिश करेंगे।

दरअसल इस आयोजन का मुख्य फोकस “पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस” पर है, यानी AI को मानवता की सेवा, समावेशी विकास और सस्टेनेबल फ्यूचर के लिए इस्तेमाल करना। यह समिट AI की चर्चा को मॉडल कंपटीशन से आगे ले जाकर वास्तविक दुनिया में उसके प्रभाव पर केंद्रित करता है, जहां पॉलिसीमेकर्स, फाउंडर्स, रिसर्चर्स, इन्वेस्टर्स और टेक लीडर्स मिलकर AI के भविष्य पर विचार करते हैं।

RELATED POSTS

मोदी सरकार के सम्भावित कैबिनेट विस्तार को लेकर बिहार में चर्चा जोरों पर …………….

जब सत्ता के दो मंत्री आमने-सामने हों, तो सवाल केवल भरत तिवारी का नहीं, व्यवस्था की विश्वसनीयता का भी है………………

भारत के लिए क्यों है अहम?

भारत वर्तमान में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है। AI इम्पैक्ट समिट में भारत की भागीदारी और नेतृत्व के पीछे कई ठोस कारण हैं-

ग्लोबल साउथ की आवाज

भारत खुद को ‘ग्लोबल साउथ’ (विकासशील देशों) के नेता के तौर पर स्थापित कर रहा है। भारत का तर्क है कि AI का लाभ केवल अमीर देशों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इस समिट के जरिए भारत यह सुनिश्चित करना चाहता है कि AI तकनीक सस्ती, सुलभ और समावेशी हो।

डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर

जिस तरह से यूपीआई और आधार के जरि भारत में डिजिटल क्रांति हुई अब वैसी ही उम्मीद ‘IndiaAI’ मिशन से है। समिट में भारत ने अपने “AI फॉर ऑल” (AI for All) विजन को शेयर किया, जिसका उद्देश्य कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा में AI का उपयोग करना है।

वर्कफोर्स और टैलेंट हब

दुनिया में सबसे ज्यादा AI ट्रेंड इंजीनियरों की संख्या के मामले में भारत शीर्ष देशों में है। इस सम्मेलन के जरिए भारत अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को आकर्षित करना चाहता है ताकि वे यहां अपने ‘AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ खोलें, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हों।

रेगुलेशन और संप्रभुता

भारत एआई को पूरी तरह प्रतिबंधित करने के बजाय ‘सुरक्षित और विश्वसनीय AI’ के पक्ष में है। समिट में भारत ने डेटा संप्रभुता (Data Sovereignty) पर जोर दिया गया है, ताकि भारतीय नागरिकों का डेटा सुरक्षित रहे और उसका उपयोग देश के विकास के लिए हो।

दुनिया पर क्या पड़ेगा इसका वैश्विक प्रभाव?

AI इम्पैक्ट समिट के निर्णय केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं; इनका असर पूरी मानवता पर पड़ेगा

वैश्विक सुरक्षा और मानक

परमाणु ऊर्जा की तरह ही AI को भी रेग्यूलेट करने के लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों की आवश्यकता है। समिट में ‘AI सुरक्षा संस्थानों’ के बीच सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है ताकि स्वायत्त हथियारों (Autonomous Weapons) और साइबर हमलों के खतरे को रोका जा सके।

आर्थिक असमानता को कम करना

यदि AI का सही डिस्ट्रीब्यूशन नहीं हुआ, तो विकसित और विकासशील देशों के बीच की खाई और बढ़ जाएगी। यह सम्मेलन तकनीकी हस्तांतरण (Technology Transfer) और ओपन-सोर्स AI मॉडल को बढ़ावा देने पर आधारित है ताकि छोटे देश भी पिछड़ न जाएं।

जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य

समिट में इस बात पर विशेष चर्चा हो सकती है क कैसे AI का उपयोग कार्बन उत्सर्जन कम करने और लाइलाज बीमारियों (जैसे कैंसर) की जल्द पहचान के लिए किया जा सकता है। यह वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।

डीपफेक और लोकतंत्र की सुरक्षा

दुनिया भर में चुनावों के दौरान एआई के गलत इस्तेमाल (गलत सूचना और डीपफेक) का खतरा बढ़ा है। समिट ने टेक कंपनियों को ‘वॉटरमार्किंग’ और ‘कंटेंट ऑथेंटिकेशन’ जैसे टूल विकसित करने के लिए प्रेरित करेगा।

एक्सपो की खास बातें

  1. यह एक्सपो 70,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैले 10 एरेना में आयोजित होगा, जो वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप, शिक्षाविदों और अनुसंधान संस्थानों, केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों को एक साथ लाएगा।
  2. इस एक्सपो में एआई तंत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रदर्शित करने वाले 13 देशों के मंडप भी होंगे। इनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीका के पवेलियन शामिल हैं।
  3. इस एक्सपो में 300 से अधिक चुनिंदा प्रदर्शनी मंडप और लाइव प्रदर्शन होंगे जिन्हें तीन मुख्य विषयों – लोग, ग्रह और उन्‍नति – के आधार पर तैयार किया गया है। इसके अलावा एक्सपो में 600 से अधिक उच्च क्षमता वाले स्टार्टअप शामिल होंगे, जिनमें से कई वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक और जनसंख्या-स्तरीय समाधान कर रहे हैं।
  4. अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों सहित 25 लाख से अधिक आगंतुकों के भाग लेने की उम्मीद है। इस आयोजन का उद्देश्य वैश्विक एआई पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर नयी साझेदारियों को बढ़ावा देना और व्यावसायिक अवसर पैदा करना है।
  5. इसमें 500 से अधिक सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें 3,250 से अधिक दूरदर्शी वक्ता और परिचर्चा सदस्य शामिल होंगे। इन सत्रों का मुख्य उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में एआई के परिवर्तनकारी प्रभाव को स्वीकार करना और यह सुनिश्चित करने के लिए भविष्य की कार्रवाइयों पर विचार-विमर्श करना होगा कि एआई से प्रत्येक वैश्विक नागरिक को लाभ मिले।
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

मोदी सरकार के सम्भावित कैबिनेट विस्तार को लेकर बिहार में चर्चा जोरों पर …………….

मोदी सरकार के सम्भावित कैबिनेट विस्तार को लेकर बिहार में चर्चा जोरों पर …………….

by UB India News
July 3, 2026
0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कैबिनेट की सूरत पूरी तरह नहीं पर बदलने वाली है। पीएम मोदी के आसपास बैठने वाले...

जब सत्ता के दो मंत्री आमने-सामने हों, तो सवाल केवल भरत तिवारी का नहीं, व्यवस्था की विश्वसनीयता का भी है………………

जब सत्ता के दो मंत्री आमने-सामने हों, तो सवाल केवल भरत तिवारी का नहीं, व्यवस्था की विश्वसनीयता का भी है………………

by UB India News
July 3, 2026
0

बिहार के भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर का मामला अब केवल एक पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गया है।...

23 विपक्षी दलों ने CJI को लिखा पत्र, ECI और SIR पर उठाए गंभीर सवाल…………..

23 विपक्षी दलों ने CJI को लिखा पत्र, ECI और SIR पर उठाए गंभीर सवाल…………..

by UB India News
July 3, 2026
0

देश में चुनावी प्रक्रिया को लेकर 23 विपक्षी दलों ने CJI सूर्यकांत और सुप्रीम कोर्ट के अन्य जजों को पत्र...

पनामा नहर पर किसका है नियंत्रण?

पनामा नहर पर किसका है नियंत्रण?

by UB India News
July 3, 2026
0

पनामा नहर के आसपास चीन की बढ़ती गतिविधियों से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प चिंतित हैं. उनका आरोप है कि चीन...

नई नवेली टीम अब नए जोश के साथ अपने अध्यक्ष के स्वागत की पूरी तैयारी में………………

नई नवेली टीम अब नए जोश के साथ अपने अध्यक्ष के स्वागत की पूरी तैयारी में………………

by UB India News
July 3, 2026
0

उत्तर प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों की तैयारियां शुरू...

Next Post
मैं नेहरूवादी हूं, मैं राजीववादी हूं, लेकिन मैं राहुलवादी नहीं हूं…………….

मैं नेहरूवादी हूं, मैं राजीववादी हूं, लेकिन मैं राहुलवादी नहीं हूं................

एआई समिट के दूसरे द‍िन आज होंगी कई घोषणाएं ,हेल्थ केयर सेक्टर में हो सकते हैं बड़े ऐलान…………..

एआई समिट के दूसरे द‍िन आज होंगी कई घोषणाएं ,हेल्थ केयर सेक्टर में हो सकते हैं बड़े ऐलान..............

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend