उत्तर प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. भाजपा ने यूं तो काफ़ी पहले से रणनीति बनाकर काम शुरू कर दिया है, लेकिन कल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन लखनऊ दौरे पर आ रहे हैं. इस दो दिन के दौरे में वह कई ज़रूरी बैठकें कर आगे की राजनीति पर काम करेंगे. भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन शनिवार को अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार लखनऊ आ रहे हैं. वह शनिवार और रविवार को लखनऊ में पार्टी के पदाधिकारियों से मुलाक़ात करेंगे. उनके स्वागत को लेकर लखनऊ में तैयारियां ज़ोर शोर से चल रही हैं.
एयरपोर्ट से लेकर पार्टी ऑफिस और जिन-जिन सड़कों से वह गुज़रने वाले हैं, उनको खूब सजाया संवारा जा रहा है. पार्टी कार्यकर्ता धूमधाम से अपने अध्यक्ष के स्वागत में खड़े दिखाई देंगे. बात करें नितिन नबीन की बैठकों की तो सीएम योगी आदित्यनाथ से लेकर डिप्टी सीएम, मंत्रियों, प्रदेश महामंत्री संगठन, प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश पदाधिकारी, सभी जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष और अवध क्षेत्र के प्रभारियों समेत कई जिम्मेदार लोगों से अलग-अलग बातचीत करेंगे. भाजपा के बड़े चेहरों के साथ जहां रणनीति पर चर्चा होगी, वहीं जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष से लेकर शक्ति केंद्रों के पदाधिकारियों को वह दिशानिर्देश देंगे.
सहयोगी दलों के नेताओं से भी मिल सकते हैं नितिन नवीन
संभव है कि वह सहयोगी दलों के नेताओं से भी मुलाकात करें. यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की कई बैठकें हुई हैं लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष के आगमन को देखते हुए साल 2027 के चुनाव की तैयारियों के सिलसिले में होने वाली ये अब तक की सबसे बड़ी बैठक कही जा सकती है. राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का ख़ास ज़ोर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को घर-घर तक पहुंचाने की रणनीति बनाना. इसके साथ ही सरकार और संगठन के बीच बेहतर सामंजस्य कैसे बने। इस पर भी वह फोकस करेंगे.
अयोध्या का मसला चुनावी मुद्दा न बने, इस पर भी भाजपा का रहेगा जोर
अयोध्या के राम मंदिर मामले में चल रही उठापटक के बीच भाजपा कैसे इसे चुनावी मुद्दा ना बनने दे, यह पार्टी की कार्ययोजना का अहम हिस्सा है. अयोध्या राम मंदिर विवाद की शुरुआत सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के सोशल मीडिया पोस्ट से हुई है, इसको देखते हुए भाजपा इस मामले को लेकर ख़ास सतर्क है. लोकसभा चुनाव में अयोध्या की फैजाबाद सीट की हार और अब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राम मंदिर का विवाद भाजपा की चिंता की बड़ी वजह है. सूत्र बता रहे हैं कि साल 2022 में हारी हुई सीटों पर अलग से रणनीति बनाकर काम करने की दिशा में काम हो रहा है.
जीत-हार के कम अंतर वाली सीटों पर भी रहेगा फोकस
इसके अलावा वे सीटें जहां जीत हार के मार्जिन में ज़्यादा अंतर नहीं था, वे सीटें भी भाजपा के एजेंडे में शामिल हैं. जिन सीटों पर पार्टी आसानी से जीती थी, फोकस उन पर भी है. लेकिन उनको लेकर पार्टी में एक आत्मविश्वास है कि ऐसी सीटों पर ज़्यादा दिक्कत नहीं होगी. फ़िलहाल यूपी भाजपा के पदाधिकारी पूरी कोशिश में हैं कि पार्टी के अध्यक्ष नितिन नवीन के पहले यूपी दौरे को वो ऐतिहासिक बनाएं. इससे एक माहौल बनाने में भी मदद मिलेगी और पार्टी की आगे की कार्ययोजना को बेहतर तरीके से बूथ तक ले जाने में भी आसानी होगी. प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की टीम की घोषणा हो चुकी है. नई नवेली टीम अब नए जोश के साथ अपने अध्यक्ष के स्वागत की पूरी तैयारी में जुट गई है.







