भारत की राजधानी दिल्ली में आयोजित AI के ‘महाकुंभ’ में ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनियों के लीडर्स के साथ-साथ दुनियाभर के पॉलिटिकल लीडर्स हिस्सा ले रहे हैं। इसमें एआई और भविष्य की टेक्नोलॉजी के प्रभाव को लेकर दुनियाभर के इंडस्ट्री लीडर्स चर्चा करेंगे। यह ग्लोबल साउथ में होने वाला पहला एआई समिट है। इससे पहले तीन एआई समिट यूके, दक्षिण कोरिया और पेरिस में आयोजित किए गए थे।
भारत में आयोजित होने वाले एआई समिट में इंक्लुसिव और इम्पैक्टफुल एआई के भविष्य के एजेंडे पर ग्लोबल लीडर्स बात करेंगे। इसे तीन मुख्य पिलर्स People, Planet और Progress में बांटा गया है। एआई समिट को 7 वर्किंग ग्रुप्स के अलावा ग्लोबल नॉर्थ औरग्लोबल साउथ द्वारा को-चेयर किया जाएगा। 5 दिन तक चलने वाले इस समिट में 700 सेशन प्लान किए गए हैं, जिनमें एआई सेफ्टी, गवर्नेंस और इथिकल यूज से लेकर डेटा प्रोटेक्शन को लेकर चर्चाएं की जाएंगी।
पहला AI Summit 2023 में यूके के Bletchley Park में आयोजित किया गया था। इसे AI सेफ्टी समिट का नाम दिया गया था। इसके बाद अगले साल यानी 2024 में दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में AI Summit का आयोजन किया गया था। पिछले साल फरवरी में पेरिस में AI Impact Summit का आयोजन किया गया था।
भारत AI के सेक्टर में तेजी से उभरता हुआ मार्केट है। IndiaAI Mission के लिए सरकार ने 10,372 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश किया है ताकि भारत में एआई के लिए कंप्रिहेंसिव इकोसिस्टम डेवलप किया जा सके। इसके लिए 38 हजार से ज्यादा GPU ऑर्डर किया जा चुका है, जो 12 से ज्यादा एआई मॉडल्स को ट्रेन करने में इस्तेमाल किए जाएंगे। भारत में एआई टैलेंट को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ी तैयारी की है।
आज दूसरा दिन, होंगी अहम घोषणाएं
India AI Impact Summit 2026 का आज दूसरा दिन है। भारत मंडपम में हो रहे आयोजन में कई घोषणाएं आज की जाएंगी। विभिन्न एआई कंपनियां अपने मॉडलों का प्रदर्शन करेंगी। सोमवार को टॉप 70 एआई प्रोजेक्ट्स को चुना गया।
क्या है BharatGen जिसे आज किया जाएगा लॉन्च
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दूसरे दिन आज भारतजेन (BharatGen) को ऑफिशियली लॉन्च किया जाएगा। यह भारत की सरकार द्वारा सपोर्टेड AI इनिशिएटिव है, जिसका फोकस पूरे देश में इनक्लूसिविटी, इनोवेशन और कल्चरल रिप्रेजेंटेशन को बढ़ावा देने के लिए सॉवरेन मल्टीलिंगुअल लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) बनाने पर है। इस दौरान कंपनी के एग्जीक्यूटिव VP और हेड ऋषि बल मौजूद रहेंगे।
एआई की भूमिका पर विचार-विमर्श
सोमवार से शुरू हुए इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों, मंत्रियों, वैश्विक प्रौद्योगिकी नेताओं, प्रख्यात शोधकर्ताओं, बहुपक्षीय संस्थानों और उद्योग जगत के हितधारकों को एक साथ लाया गया ताकि समावेशी विकास को आगे बढ़ाने, सार्वजनिक प्रणालियों को मजबूत करने और सतत विकास को सक्षम बनाने में एआई की भूमिका पर विचार-विमर्श किया जा सके। साथ ही यह पहली बार है कि इस मुद्दे पर इतने बड़े पैमाने पर वैश्विक सम्मेलन का आयोजन ग्लोबल साउथ में किया जा रहा है। पांच दिवसीय शिखर सम्मेलन जो 20 फरवरी को समाप्त होगा, इसमें 100 से अधिक सरकारी प्रतिनिधि भाग लेंगे, जिनमें 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और उप मंत्री शामिल हैं। साथ ही सीईओ, संस्थापक, शिक्षाविद, शोधकर्ता, सीटीओ और परोपकारी संगठनों सहित 500 से अधिक वैश्विक एआई नेता भी शामिल होंगे।
18 फरवरी को सेमिनार का आयोजन
18 फरवरी को हैदराबाद स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के सहयोग से एआई और उसके व्यापक प्रभावों पर एक महत्वपूर्ण रीसर्च सेमिनार आयोजित किया जा रहा है। यह सेमिनार शिखर सम्मेलन का प्रमुख शैक्षणिक मंच माना जा रहा है, जहां एआई से जुड़े विभिन्न आयामों पर गंभीर विमर्श होगा। इस सेमिनार के लिए अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका सहित विभिन्न देशों से लगभग 250 शोध प्रस्तुतियां प्राप्त हुई हैं, जो इस विषय पर वैश्विक रुचि और सहभागिता को दर्शाती हैं। कार्यक्रम में एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव भी भाग ले रहे हैं।
19 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण
19 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन भाषण देंगे, जो वैश्विक सहयोग की दिशा तय करेगा और समावेशी एवं जिम्मेदार एआई के लिए भारत के दृष्टिकोण को प्रस्तुत करेगा। शिखर सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण तीन प्रमुख वैश्विक प्रभाव चुनौतियां हैं – एआई फॉर ऑल, एआई बाय हर और युवआई – जिनका समापन फाइनलिस्टों की घोषणा और ग्रैंड फिनाले शोकेस के साथ होगा। समावेशी, जिम्मेदार और विकासोन्मुखी एआई को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई ये चुनौतियां राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और वैश्विक विकास उद्देश्यों के अनुरूप स्केलेबल, उच्च-प्रभाव वाले एआई समाधानों को गति प्रदान करने के लिए शुरू की गई थीं।
एआई के क्षेत्र में नवाचार
इस आयोजन को एआई के क्षेत्र में नवाचार, निवेश और सहयोग के अवसरों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। प्रदर्शनी में 13 देशों के मंडप भी हैं, जो कृत्रिम मेधा (एआई) परिवेश में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रदर्शित करते हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीका के मंडप शामिल हैं। प्रदर्शनी में 600 से अधिक उच्च क्षमता वाले स्टार्टअप शामिल होंगे, जिनमें से कई वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक और आम लोगों के लिए समाधान विकसित कर रहे हैं। ये स्टार्टअप ऐसे कार्यशील समाधानों का प्रदर्शन करेंगे जो पहले से ही वास्तविक दुनिया में लागू हैं।
एआई परिवेश को बढ़ावा
यह एक्सपो देश में उभरती एआई परिवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। इस प्रदर्शनी में वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियां, स्टार्टअप, शैक्षणिक संस्थान एवं शोध संगठन, केंद्र एवं राज्य सरकारों के प्रतिनिधि और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय साझेदार एक मंच पर इकट्ठा हुए हैं। लगभग 70,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली यह प्रदर्शनी वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप, अकादमिक और अनुसंधान संस्थानों, केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों को एक साथ लाती है।