बजट सत्र के 13वें दिन लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन नहीं चल पाईं। लोकसभा की कार्यवाही करीब 10 मिनट ही चल पाई। वहीं, राज्यसभा की कार्यवाही दो घंटे तक चल पाई। अब दोनों सदनों की कार्यवाही 9 मार्च से शुरू होगी। शुक्रवार को सुबह 11 बजे सदन शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने ‘हरदीप पुरी इस्तीफा दो’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। इसके 5 मिनट बाद ही सदन स्थगित कर दी गई।12 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। इस बार हंगामे के बीच एजुकेशन और कानून मंत्रालय से जुड़े कुछ बिल पेश किए। इसके बाद चेयर पर मौजूद संध्या राय ने लोकसभा 9 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी। संसद का बजट सत्र दो चरण में हो रहा है। पहला- 28 जनवरी से 13 फरवरी तक है। दूसरा चरण 23 दिन के ब्रेक के बाद 9 मार्च से शुरू होगा, जो 2 अप्रैल तक चलेगा।
इधर BJP सांसद निशिकांत दुबे ने शुक्रवार को राहुल गांधी पर आरोप लगाए कि वे सत्ता पाने के लिए देश के बंटवारे की प्लानिंग कर रहे थे।
दुबे ने X पर एक पोस्ट में लिखा-
सोरोस, फोर्ड फाउंडेशन और टुकड़े-टुकड़े गैंग के सरगना राहुल गांधी जी के खिलाफ मेरे आरोप ये हैं, जिनके लिए मैंने लोकसभा स्पीकर से बहस करने की इजाज़त मांगी है। क्या लोकसभा में विपक्ष के नेता सत्ता पाने के लिए भारत के बंटवारे की प्लानिंग कर रहे हैं?
इससे पहले निशिकांत ने राहुल गांधी के खिलाफ लोकसभा में सब्सटेंसिव मोशन पेश किया है। राहुल पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया है। दुबे ने राहुल की संसद सदस्यता खत्म करने और चुनाव लड़ने पर लाइफटाइम बैन लगाने की मांग की है।
राजीव शुक्ला ने पूछा- एमएसपी को लीगल कब बनाएंगे
कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि पंजाब में किसान परेशान हैं। मंत्रीजी बताएं कि एमएसपी को लीगल कब बनाएंगे, इसका सीधा जवाब दें। इस पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा- हमने लागत में 50 फीसदी लाभ जोड़कर एमएसपी तय की है। इनकी सरकार में ऐसा कुछ नहीं था। अब किसान फायदे में हैं। इसलिए खुश भी हैं।
शिवराज सिंह ने दिग्विजय सिंह को कहा- धन्यवाद
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के सीहोर, रायसेन और नर्मदापुरम में मूंग की फसल के सवाल के जवाब में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा- मैं मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्हें मेरे संसदीय क्षेत्र की इतनी चिंता है। सीहोर, रायसेन और हरदा में मूंग की भरपूर पैदावार हो रही है। इसलिए उसके लिए अलग से क्लस्टर की जरूरत नहीं है। मूंग की फसल की वृद्धि के प्रयास हमारी सरकार ने ही किए थे और आज भी हम कर रहे हैं।
RJD सांसदों का प्रदर्शन, पीएम मोदी-नीतीश कुमार के इस्तीफे की मांग
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग की और केंद्र से आरक्षण नीति में राजनीतिक अल्पसंख्यकों और OBC के लिए कोटा बढ़ाने का आग्रह किया। प्रदर्शनकारी अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़े वर्गों (OBCs), और अत्यंत पिछड़े वर्गों (EBCs) के लिए 65% आरक्षण की मांग कर रहे हैं और इसे संविधान की नौवीं अनुसूची में रखने की मांग कर रहे हैं।
रिजिजू बोले- कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर हम राहुल को नोटिस देना चाहते थे
किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार ने मोशन लाने का फैसला किया था। राहुल गांधी ने नियमों को तोड़ा और एक अनपब्लिश्ड किताब का गैर-कानूनी तरीके से जिक्र किया। उन्होंने अपने बजट भाषण में भी कई बातें कहीं – ‘देश बिक गया’ और PM के लिए दूसरी बकवास बातें। कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर हम उन्हें नोटिस देना चाहते थे।
उन्होंने कहा कि प्राइवेट मेंबर निशिकांत दुबे एक सब्सटेंटिव मोशन लाए हैं, इसलिए अभी के लिए, हम उस मोशन को हटा रहे हैं जो सरकार लाने वाली थी। कोई भी MP मोशन ला सकता है। सब्सटेंटिव मोशन के मंजूर होने के बाद, हम स्पीकर से बात करने के बाद तय करेंगे कि हम इसे प्रिविलेज कमेटी या एथिक्स कमेटी को भेज सकते हैं या सीधे हाउस में चर्चा के लिए ला सकते हैं। यह बाद में तय किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा- राहुल गांधी भ्रम फैलाना चाहते हैं
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर कहा- “कौन-सा किसान का मुद्दा, झूठ, लोगों में भ्रम फैलाना, जो चीज देश के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि किसानों के हित के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होगा। ये देश में सिर्फ भ्रम फैलाना चाहते हैं। ये युद्ध कराना चाहते हैं।”
संसद: ‘लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी के खिलाफ’, राज्यसभा में भाषण के बड़े हिस्से को हटाने पर भड़के खरगे
राज्यसभा में शुक्रवार (13 फरवरी) को बोलते हुए विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने पिछले संबोधन के बड़े हिस्से को सदन के रिकॉर्ड से हटाने पर नाराजगी जताई। खरगे ने कहा कि 4 फरवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान उनके भाषण का एक बड़ा हिस्सा बिना किसी औचित्य के आधिकारिक रिकॉर्ड से हटा दिया गया था। खरगे ने इस कदम को ‘लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ’ बताया।






