लोकसभा में आज भी एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा जारी है। लोकसभा में बुधवार को बिल पर बोलते हुए विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर के प्रदर्शन में नफरत और गुस्सा नहीं था। दुनिया कैसे बदल रही है, छात्र अच्छे से समझ रहे हैं। छात्रों की मांग जायज थी।
“जो हुआ उसमें कुछ भी गलत नहीं”
राहुल गांधी ने कहा, “मैं देश की सड़कों पर हमारे भविष्य ने जो किया, उससे बहुत उत्साहित और आश्वस्त था। यह कोई गुस्सा नहीं था, न ही हिंसा और न ही नफरत। यह देश के युवाओं और देश की भावी पीढ़ी की एक गहरी अभिव्यक्ति थी और मुझे लगता है कि सभी राजनीतिक दलों को, भाजपा के मेरे मित्रों सहित, इस अभिव्यक्ति का सम्मान करना चाहिए। मुझे पूरा विश्वास है कि अगर भाजपा के मेरे मित्र जाकर अपने बच्चों से पूछें कि वे अपने भाइयों और बहनों द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में क्या महसूस करते हैं, तो उन्हें अपने ही बच्चों में सहमति मिल जाएगी। जो हुआ उसमें कुछ भी गलत नहीं है और हर भारतीय को इस पर गर्व होना चाहिए।”
“युवा सच्चाई के पीछे दौड़ता रहता है”
लोकसभा में बोलते हुए उन्होंने कहा, युवाओं को आप इडियट कहते हैं। छात्रों पर हर भारतीय को गर्व है। छात्र समझ रहे हैं कि दुनिया कैसे बदल रही है। युवा सच्चाई के पीछे दौड़ता रहता है। उसके लिए सच्चाई मीठी होती है। युवा खुले दिल और विचारों के हैं, जिसे सीखने की ललक है, वही छात्र है। गांधी जी ने कहा था कि घर की खिड़की सभी तरह की हवाओं के लिए खुली रहनी चाहिए। मैंने छात्रा से पूछा कि इडियट के बारे में क्या राय है? जो स्टूडेंट नहीं है, उसके बारे में क्या? छात्रा ने कहा कि स्टूडेंट गर्व से सच्चाई के साथ होता है। दूसरी तरह के लोग इमेज की चिंता करते हैं। इडियट अपने आप को भगवान मानता है। इसके लिए अपनी इमेज बनाने की कोशिश करता है।”
राहुल के शब्द पर रिजिजू ने जताई आपत्ति
राहुल गांधी ने बोलते हुए कहा, “मैंने सोचा कि इडियट भी है और स्टूडेंट भी है। उससे पूछा कि ये तीसरी कैटेगरी कहां जाती है- अंध भक्त। ये तीन कैटेगरी हैं। अंध भक्त इंडियट को फॉलो करता है। राहुल के इस बयान पर हंगामा शुरू हो गया। किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी ने असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया है। स्पीकर ने कहा कि जो शब्द असंसदीय होगा, उसे निकाल दिया जाएगा। राहुल गांधी ने कहा कि इडियट शब्द की जगह मैं दूसरा शब्द दे देता हूं। इस पर स्पीकर ने कहा कि इसके लिए आपको व्यवस्था देने की जरूरत नहीं है, मैं व्यवस्था दे चुका हूं।
“आप चाहते हैं कि बीजेपी बोले तो मैं चुप होकर बैठ जाता हूं”
राहुल गांधी ने किरेन रिजिजू की आपत्ति पर कहा, “ये अससंदीय तब है, जब मैं किसी और मेंबर के खिलाफ इसका इस्तेमाल करता” उन्होंने स्पीकर के लिए कहा, “अगर आप चाहते हैं कि देश में सिर्फ बीजेपी बोले तो मैं चुप होकर बैठ जाता हूं। कोई दिक्कत नहीं है। जब भी बोलता हूं, रिजिजू जी खड़े हो जाते हैं। आप उनको जगह दे रहे हैं।” स्पीकर ने इस पर कहा कि सदन में अच्छी व्यवस्थाएं, मर्यादाएं रही हैं। हमें अच्छी मर्यादा बनाने का प्रयास करना चाहिए। जो सदन में मर्यादा तर्क से बोलता है, देश भी सुनता है और सम्मान भी करता है। शब्दों का चयन ऐसा हो, जो संसदीय मर्यादा के अनुरूप हो।
आरएसएस ने शिक्षा व्यवस्था पर कब्जा कर लिया है: राहुल
राहुल गांधी ने पेपर तैयार करने से पहुंचाने और चेकिंग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ये एग्जाम सिस्टम नहीं, एक्सटॉर्शन सिस्टम है। 30 से 40 लाख में पेपर लीक हो रहा है। राजनाथ सिंह ने कहा था कि ये यूपीए सरकार नहीं है, यहां मंत्रियों के इस्तीफे नहीं होते। धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया। उन्होंने कहा, “निजी कंपनियां शिक्षा व्यवस्था में शामिल हैं। निजी कंपनियां परीक्षा करा रही हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने शिक्षा व्यवस्था पर कब्जा कर लिया है। धर्मेंद्र प्रधान नहीं, आरएसएस शिक्षा मंत्रालय चला रहा था।”
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा, “आप छात्रों को गोली मारते हो, गृह मंत्री में साहस नहीं है कि यहां बैठें। मैंने उनकी कारकेड देखी, 30 गाड़ियां थीं। बुरी तरह से हिले हुए थे। गृह मंत्री डरे हुए हैं, इसलिए यहां आज नहीं हैं। बच्चों पर पैलेट गन मारे गए। उन्होंने (गृह मंत्री अमित शाह) आदेश दिया कि बच्चों को शॉक दिया जाए। किरेन रिजिजू ने राहुल के भाषण पर आपत्ति जताते हुए कहा, “किस बेस पर आपने ये बयान दिया। आप माफी मांगिए। अगर जांच की मांग करें तो मानते हैं। स्पीकर ने कहा कि राहुल जी आप बिल पर बोलें। इनक्वायरी की मांग कर सकते हैं, लेकिन इस तरह की बात ना कहें।
बलों का प्रयोग गृह मंत्री के आदेश पर ही होता है: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने आगे कहा, “बलों का प्रयोग गृह मंत्री के आदेश पर ही होता है, किसी और के आदेश पर नहीं।” स्पीकर ने कहा कि आप मेरे कहने के बाद भी चेयर के आदेश की बार-बार अवहेलना कर रहे हैं, यह उचित नहीं है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि आप होम मिनिस्टर के फायरिंग वाले ऑर्डर की कॉपी निकालिए। सदन में रखिए। ऑर्डर की कॉपी दिखाइए कि किस ऑर्डर नंबर के तहत गृह मंत्री ने किस अधिकारी को फायरिंग के ऑर्डर दिए। मंगलवार को राहुल गांधी ने नव नियुक्त केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी पर हमला बोला था।
संसदीय कार्य मंत्री ने हस्तक्षेप किया
इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए कहा, अगर राहुल गांधी ने असंसदीय शब्द का इस्तेमाल नहीं किया होता, तो किसी को कोई आपत्ति नहीं होती। मेरा मानना है कि वह एक छात्र के नाम पर उस शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन असल में उस शब्द का इस्तेमाल वही कर रहे हैं। वह असंसदीय शब्द का इस्तेमाल नहीं कर सकते। इसे सदन की कार्यवाही से हटाया जाना चाहिए।
वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कहा, मैं विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता हूं कि नेता प्रतिपक्ष (एलओपी) द्वारा इस्तेमाल किए गए असंसदीय शब्द को कार्यवाही से हटा दिया जाए। मैं अपनी ओर के सभी सदस्यों से आग्रह करता हूं कि वे शांति बनाए रखें और उनकी बात सुनें।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, कई लोगों को लगता है कि छात्रों को पेपर लीक की वजह से गुस्सा आया है। हमारी शिक्षा व्यवस्था पहले ही क्रूर है। लाखों रुपये गरीबों से लिए जाते हैं। हर चीज प्राइवेटाइज है। पेपर लीक, एक परीक्षा में कुछ होता है, दूसरे में कुछ। एक में रिएग्जाम होता है, दूसरे में नहीं होता है। यह एक बेहद खराब व्यवस्था है। यह सिस्टम और इसकी आत्मा को कब्जे में कर लिया गया है। इसे आरएसएस ने कब्जे में किया है। राजनाथ सिंह जी ने कहा कि हम यूपीए नहीं है, हमारे मंत्री कभी इस्तीफा नहीं देते। वो सही कह रहे हैं। यहां जो हुआ, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, उससे कुछ हासिल नहीं हुआ। क्योंकि धर्मेंद्र प्रधान कभी नहीं चलाते। उसे आरएसएस चलाता है। मंत्री के दफ्तर में बैठा एक ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी)। छात्रों को कुछ बोलने नहीं दिया जाता। उन्हें अपने मन की चीज फॉलो नहीं करने दी जाती। उन्हें वह इतिहास पढ़ना पडता है, जो आरएसएस लाना चाहता है। हर यूनिवर्सिटी में आज आरएसएस से जुड़ा वाइस चांसलर है। धर्मेंद्र प्रधान सिर्फ एक व्यक्ति हैं, आपका असली दुश्मन आरएसएस है।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री ने क्या आपत्ति जताई?
- केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने दखल देते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया है।
- उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि अगर संसदीय मर्यादा में रहते हुए राहुल गांधी को बात करनी है। हम बात सुनने को तैयार हैं।
राहुल गांधी लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान बोल रहे थे। उन्होंने अपने संबोधन में ‘बेवकूफ’ और ‘अंधभक्त’ शब्दों का इस्तेमाल किया। इसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। सत्तापक्ष ने राहुल गांधी की ओर से इस्तेमाल शब्दों पर आपत्ति जताई।
रिजिजू ने और क्या-क्या कहा?
संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने कहा, राहुल गांधी ने असंसदीय शब्द का इस्तेमाल किया, जिस पर सत्तापक्ष के सदस्य उत्तेजित हुए हैं।
उन्होंने आगे कहा, आपको (राहुल गांधी) पता है कि असंसदीय शब्दों को लेकर नियम हमने नहीं बनाए हैं। नियमों के मुताबिक संसदीय मर्यादा में रहते हुए आपको बात करनी है तो हम आपकी बात सुन रहे हैं। बार-बार आपने असंसदीय शब्द का इस्तेमाल किया। हमने आपके भाषण को बाधित नहीं करना चाहा। हमारा यही कहना है कि आप असंसदीय शब्द का इस्तेमाल न करें।
उन्होंने राहुल गांधी से अनुरोध करते हुए कहा, आप विपक्ष के नेता हैं। आप ऐसे परिस्थिति खराब न करें। स्पीकर साहब ने भी जिक्र किया है।
किरेन रिजिजू ने कांग्रेस को याद कराया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण के समय प्रधानमंत्री के बोलने से रोकने का प्रयास हुआ। विपक्ष के सदस्य सीट के बिल्कुल नजदीक तक आए। और भी कई बार आपने (विपक्ष) ने प्रधानमंत्री को बोलने नहीं दिया।
उन्होंने कहा, आप लोगों ने ऐसी परिस्थितियां बनाईं। आपने असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया। आपको हमने नियम के बारे में बताया। मैंने और हमारे बाकी साथियों ने भी कहा है कि आप अपना भाषण दीजिए। लेकिन जो शब्द आपने इस्तेमाल किया है, उस पर आपत्ति है।







