ADVERTISEMENT
Friday, July 31, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

2026 के लिए खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी ,इस महीने महंगाई दर 2.75% रही………….

UB India News by UB India News
February 13, 2026
in कारोबार, खास खबर
0
भारत में थोक महंगाई दर नवंबर में 1.89% के मुकाबले दिसंबर में 2.37 प्रतिशत …..
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

जनवरी 2026 में खुदरा महंगाई की दर (Inflation Rate) बढ़ गई है। महंगाई की दर बढ़कर 2.75% हो गई है। यह नया आंकड़ा कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) की नई सीरीज के आधार पर तैयार पहली रिपोर्ट है। इसमें 2024 को आधार वर्ष (Base year) माना गया है। इस महीने ग्रामीण इलाकों में महंगाई 2.73% और शहरी इलाकों में 2.77% रही।

लक्ष्य से नीचे है महंगाई

जनवरी में भले ही खुदरा महंगाई ( Retail Inflation ) की दर बढ़ गई हो, लेकिन यह अच्छी बात है कि महंगाई बढ़ने के बावजूद यह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) लक्ष्य से नीचे है। रिजर्व बैंक ने इस अवधि के लिए 4% का मध्यम-अवधि का लक्ष्य तय किया है। RBI का लक्ष्य 2% से 6% के बीच महंगाई बनाए रखना है। नई CPI सीरीज के तहत, महंगाई लगातार 12 महीनों से RBI के लक्ष्य के अंदर बनी हुई है। पिछले साल के अंतिम महीने यानी दिसंबर 2025 में, पुरानी 2012-आधारित सीरीज के अनुसार, खुदरा महंगाई सिर्फ 1.33% थी।

RELATED POSTS

19 साल बाद कोलकाता लौटने पर भावुक हुईं तस्लीमा नसरीन, बोलीं- यह घर वापसी

‘अरे यार पापा’ बोलने वाली जेन जी की भाषा पर चर्चा क्यों?

बदल गया बेस ईयर

कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स या CPI की गणना के लिए अब आधार वर्ष (Base Year) बदल कर साल 2012 की जगह साल 2024 कर दिया गया है। इसमें लोगों की खर्च करने की आदतों को बेहतर ढंग से समझने के लिए कंजप्शन बास्केट (Consumption Basket) को भी बदला गया है। इस बदलाव का मकसद अर्थव्यवस्था में कीमतों के रुझान को और सटीक तरीके से मापना है। यह बदलाव केंद्र सरकार के सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने किया है।

जीडीपी के लिए भी बदलेंगे बेस ईयर

MoSPI ने अन्य महत्वपूर्ण आर्थिक संकेतकों (Macroeconomic Indicators) के लिए भी आधार वर्ष अपडेट करने का प्रस्ताव दिया है। प्रस्ताव है कि ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) और इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) के लिए आधार वर्ष 2022-23 कर दिया जाए। ये दोनों ही संकेत RBI के लिए मौद्रिक नीति (Monetary Policy) तय करते समय बहुत महत्वपूर्ण होते हैं।

CPI के नए बास्केट में क्या है खास?

नई CPI टोकरी में चीजों के वजन (weight distribution) का आधार पूरी तरह से घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण (Household Consumption Expenditure Survey – HCES) 2023-24 पर आधारित है। नया वेटेज लोगों के पिछले एक दशक में खर्च करने के तरीकों में आए बदलावों को दिखाता है। कुल मिलाकर, लोगों का खर्च लगभग दोगुना हो गया है, जो बढ़ती आय और बेहतर जीवन स्तर को दर्शाता है। अब कंजप्शन बास्केट के खाने-पीने की चीजों में, चावल और गेहूं जैसे अनाज का हिस्सा काफी कम हो गया है। अब ये चीजें पहले के मुकाबले आधी रह गई हैं। वहीं, फल, ताजी सब्जियां, डेयरी उत्पाद, मछली और मांस जैसी चीजों पर खर्च काफी बढ़ा है। यह बदलाव गांवों और शहरों दोनों जगह देखा जा रहा है, जो पूरे देश में लोगों की खान-पान की आदतों में आए बदलाव को दिखाता है।

खाने-पीने की चीजों का भी वेटेज घटा

नई CPI सीरीज में एक बड़ा बदलाव खाने-पीने की चीजों के वेटेज को लेकर है। पहले खाने-पीने की चीजों का कुल वेटेज 45.9% था, जो अब घटकर 36.75% रह गया है। सिर्फ फूड का वेटेज ही 39.1% से घटकर 34.77% हो गया है। उल्लेखनीय है कि ऐतिहासिक रूप से, खाने-पीने की चीजें CPI में सबसे ज्यादा उतार-चढ़ाव वाली रही हैं। खाने-पीने की चीजों का वजन कम होने से महंगाई के आंकड़ों में बड़े बदलाव दिख सकते हैं।

ये भी शामिल

नए बास्केट में लोगों की बदलती खर्च करने की आदतों को भी शामिल किया गया है। अब ओवर-द-टॉप (OTT) प्लेटफॉर्म, डिजिटल सब्सक्रिप्शन और अन्य डिजिटल सेवाओं जैसी नई चीजें भी इसमें जोड़ी गई हैं। इसमें एयर फेयर (हवाई जहाज का किराया) और टेलीकॉम सेवाओं जैसी चीजों के लिए अतिरिक्त उप-विभाजन (Sub-divisions) और डेटा स्रोत जोड़े गए हैं। अब बास्केट से टाइपराइटर और कैसेट प्लेयर जैसी पुरानी चीजें हटा दी गई हैं, ताकि यह इंडेक्स लोगों के मौजूदा खर्च के पैटर्न से मेल खा सके।

स्ट्रक्चरल क्लासिफिकेशन में भी बदलाव

इस बास्केट के संरचनात्मक वर्गीकरण (Structural Classification) को भी बढ़ाया गया है। पहले की सीरीज में 6 ग्रुप और 23 सब-ग्रुप थे, वहीं नई सीरीज में 12 डिवीजन, 43 ग्रुप, 92 क्लास और 162 सब-क्लास हैं। इससे भारत की महंगाई मापने का बास्केट वैश्विक मानकों के करीब आ गई है।

भौगोलिक कवरेज भी बढ़ा

इस बास्केट का भौगोलिक कवरेज (Geographical Coverage) भी बढ़ाया गया है। अब ग्रामीण इलाकों में 686 जिलों के 1,465 गांवों को शामिल किया गया है, जबकि पहले 582 जिलों के 1,181 गांवों को शामिल किया जाता था। शहरी इलाकों में 434 शहरों के 1,395 बाजारों को शामिल किया गया है, जो पहले 310 शहरों के 1,114 बाजारों से ज्यादा है।

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

20 साल बाद कोलकाता क्यों जा रही हैं बांग्लादेशी लेखक तसलीमा नसरीन?

19 साल बाद कोलकाता लौटने पर भावुक हुईं तस्लीमा नसरीन, बोलीं- यह घर वापसी

by UB India News
July 31, 2026
0

बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन शुक्रवार को 19 साल बाद कोलकाता पहुंचीं। कोलकाता पहुंचने पर तस्लीमा नसरीन बेहद खुश दिखाई दीं।...

‘अरे यार पापा’ बोलने वाली जेन जी की भाषा पर चर्चा क्यों?

‘अरे यार पापा’ बोलने वाली जेन जी की भाषा पर चर्चा क्यों?

by UB India News
July 31, 2026
0

बदलाव प्रकृति का नियम है. पीढ़ियों के बदलने के साथ बहुत कुछ बदल जाता है. पहनावा, खान-पान और भाषा यानी...

CJP प्रदर्शन में घायल पुलिसकर्मियों के परिजनों का दर्द…………..

CJP प्रदर्शन में घायल पुलिसकर्मियों के परिजनों का दर्द…………..

by UB India News
July 31, 2026
0

दिल्ली के जंतर मंतर पर सीजेपी और दिल्ली पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद अब पुलिसकर्मियों का परिवार सामने...

सरकारी नौकरी की आस में वर्षों वक्त बर्बाद …………………

नीट-यूजी पेपर लीक के बाद परीक्षा प्रणाली को जड़ से बदलने का अवसर……………

by UB India News
July 31, 2026
0

भारत की परीक्षा व्यवस्था इन दिनों अपने सबसे बड़े मंथन के दौर से गुजर रही है। गत दिनों नीट-यूजी 2026...

सार्वजनिक विमर्श में गालियों का महिमामंडन एक गंभीर मुद्दा…………….

सार्वजनिक विमर्श में गालियों का महिमामंडन एक गंभीर मुद्दा…………….

by UB India News
July 31, 2026
0

गाली इन दिनों राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में हैं। जंतर-मंतर पर प्रधानमंत्री मोदी को लेकर दी गईं खुलेआम गंदी गालियां...

Next Post
पाकिस्तान का कश्मीर से एकमात्र संबंध कब्ज़ा किए गए हिस्से को खाली करना है…………..

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट की स्थिति ...........

बिहार में बकाया बिजली बल पर लगने वाले ब्याज (सरचार्ज) को पूरी तरह होगा माफ …………

बिहार में बकाया बिजली बल पर लगने वाले ब्याज (सरचार्ज) को पूरी तरह होगा माफ ............

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend