हाल के सालों में भारतीय पासपोर्ट की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिला है. हालांकि, अभी भी भारत की रैंकिंग एक दशक पहले के स्तर से नीचे है. भारत की अब तक की सबसे बेहतर रैंकिंग 2006 में 71वीं रही थी. फिलहाल भारत 75वें स्थान पर है, लेकिन वीजा-फ्री या वीजा-ऑन-अराइवल की सुविधा देने वाले देशों की संख्या के मामले में अभी भी कई देशों से पीछे है.
टॉप-10 सबसे ताकतवर पासपोर्ट 2026
| रैंकिंग | देश का नाम | कितने देश वीजा फ्री |
| 1 | सिंगापुर | 192 देश |
| 2 | जापान, साउथ कोरिया | 187 देश |
| 3 | स्वीडन, संयुक्त अरब अमीरात | 186 देश |
| 4 | बेल्जियम, डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, आयरलैंड, इटली, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्पेन, स्विट्जरलैंड | 185 देश |
| 5 | ऑस्ट्रिया, ग्रीस, माल्टा, पुर्तगाल | 184 देश |
| 6 | हंगरी, मलेशिया, न्यूजीलैंड, पोलैंड, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया | 183 देश |
| 7 | ऑस्ट्रेलिया, क्रोएशिया, चेक गणराज्य, एस्टोनिया, लातविया, यूनाइटेड किंगडम | 182 देश |
| 8 | कनाडा, लिकटेंस्टीन, लिथुआनिया | 181 देश |
| 9 | आइसलैंड | 180 देश |
| 10 | अमेरिका | 179 देश |
10वें स्थान पर है अमेरिका
एशियाई देश इस सूची में लगातार मजबूत बने हुए हैं. सिंगापुर, जापान और दक्षिण कोरिया दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट वाले देशों में शामिल हैं. इन देशों के नागरिक 185 से ज्यादा देशों में बिना वीजा या आसान वीजा सुविधा के साथ यात्रा कर सकते हैं. वहीं, कभी शीर्ष पर रहने वाले अमेरिका और ब्रिटेन की स्थिति में गिरावट आई है. अमेरिका अब 10वें स्थान पर है और वीजा-फ्री पहुंच के मामले में 37 देशों से पीछे है.







