आज बिहार विधानसभा का बजट सत्र हंगामेदार रहने की संभावना है. विपक्ष लॉ एंड ऑर्डर, दुष्कर्म मामलों और राबड़ी देवी प्रकरण को लेकर विधानसभा और विधान परिषद के बाहर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर सकता है. पहले सत्र में प्रश्नकाल होगा, जिसमें अलग-अलग विभागों से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे और मंत्री जवाब देंगे. इसके बाद शून्यकाल और ध्यान आकर्षण के जरिए महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार का ध्यान खींचा जाएगा. दूसरा सत्र दोपहर 2 बजे से शुरू होगा, जिसमें विभिन्न विभागों के बजट पर चर्चा होगी. संबंधित मंत्री जवाब देंगे और सरकार विनियोग विधेयक पेश करेगी. चर्चा के बाद कई विभागों का बजट पास होने की संभावना है.
मिली जानकारी के अनुसार, विपक्षी दल के विधायक मंत्री अशोक चौधरी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़े मुद्दों को लेकर सदन में हंगामा कर सकते हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार कई महत्वपूर्ण मामलों पर जवाब देने से बच रही है और जनता से जुड़े मुद्दों की अनदेखी कर रही है। इसी को लेकर विपक्ष सदन में सरकार को कटघरे में खड़ा करने की तैयारी में है। दूसरी ओर जदयू के विधायक सुनील कुमार से माफी की मांग भी जोर पकड़ सकती है। इस मुद्दे को लेकर सत्तारूढ़ दल के विधायक भी आक्रामक रुख अपना सकते हैं, जिससे सदन में गतिरोध की स्थिति बनने की संभावना है।
सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद आज प्रश्नकाल काफी अहम माना जा रहा है। प्रश्नकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण विभागों से जुड़े सवाल उठाए जाएंगे। इनमें ग्रामीण कार्य विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, जल संसाधन विभाग, लघु जल संसाधन विभाग, पथ निर्माण विभाग, भवन निर्माण विभाग तथा श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग शामिल हैं। इन विभागों से जुड़े विकास कार्यों, योजनाओं के क्रियान्वयन, बजट खर्च और जमीनी स्तर पर योजनाओं की स्थिति को लेकर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। विपक्ष इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है।
इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2025-26 से जुड़ी अनुपूरक बजट मांगों पर भी सदन में चर्चा होने की संभावना है। इस दौरान विभिन्न विभागों के लिए अतिरिक्त बजट की मांग और उसके औचित्य पर विस्तार से वाद-विवाद होगा। सरकार इन मांगों को लेकर अपना पक्ष रखेगी और विपक्ष खर्च के औचित्य और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा सकता है। अनुपूरक बजट पर चर्चा के बाद सरकार की ओर से जवाब दिया जाएगा और आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
बताया जा रहा है कि सदन के पहले हाफ में प्रश्नकाल और जरूरी सरकारी कार्यों को निपटाया जाएगा, जबकि दूसरे हाफ में बजट और अन्य विधायी कार्यों पर चर्चा की जाएगी। हालांकि, अगर हंगामा ज्यादा बढ़ता है तो सदन की कार्यवाही बाधित होने की भी आशंका बनी हुई है।
बजट सत्र को लेकर राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म है। विपक्ष जहां जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, वहीं सरकार विकास कार्यों और योजनाओं के जरिए अपनी उपलब्धियां गिनाने की तैयारी में है। ऐसे में बुधवार को सदन की कार्यवाही काफी अहम मानी जा रही है और सभी की नजरें इस पर टिकी हुई हैं।







