पटना का कुख्यात बदमाश राजीव कुमार उर्फ सूर्या बुधवार की सुबह पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में घायल हो गया। सूर्या के पैर में गोली लगी है। इलाज के लिए NMCH अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना के बाद पुलिस के वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के आपराधिक इतिहास को देखते हुए उसकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। मामले की जांच और विधिसम्मत कार्रवाई जारी है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सूर्या लंबे समय से पुलिस की वांछित सूची में शामिल था और उस पर डकैती, अवैध हथियार रखने, शराब तस्करी समेत करीब 20 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. वह लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था और कई जिलों में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा था.
STF को सूचना मिली थी कि राजीव गायघाट इलाके में छिपा हुआ है और बड़ी वारदात को अंजाम देने की प्लानिंग कर रहा है। STF और पटना पुलिस की टीम ने राजवी को घेर लिया।
खुद को घिरा हुआ देखकर राजीव ने STF के जवानों पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में STF ने भी फायरिंग की। राजीव के पैर में एक गोली लगी और वो जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस और अपराधी के बीच 3 राउंड फायरिंग हुई है। उसके बाद STF की टीम ने उसे दबोच लिया। उसके पास से पिस्टल भी बरामद की गई है।
पुलिस मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी का एनकाउंटर
जानकारी के अनुसार, आज सुबह स्पेशल टास्क फोर्स और पुलिस को सूचना मिली थी कि वह पटना के गायघाट इलाके में छुपा है और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने वाला है. रंगदारी वसूलने के उद्देश्य से भी आया हुआ था. STF ने उसके मूवमेंट पर नजर रखी, जिसके बाद टीम ने घेराबंदी की. खुद को घिरता देख अपराधी ने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें वह घायल हो गया. यह मुठभेड़ अपराध के खिलाफ पुलिस की सख्त नीति और कार्रवाई का बड़ा संकेत मानी जा रही है.
पुलिस ने अपराधी के पास से बरामद की पिस्टल
जानकारी के अनुसार पुलिस ने सूर्या के पैर में गोली मारकर उसके गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने उसके पास से एक पिस्टल बरामद किया है. पुलिस की देख रेख में उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है. बता दें कि गिरफ्तार आरोपी खाजेकला का रहने वाला है. अतिरिक्त बल की तैनाती कर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. गायघाट इलाके में पुलिस आगे की जांच में जुटी है.
अपराधियों को उन्हीं की भाषा में मिलेगा जवाब- एसपी
एसपी परिचय कुमार ने बताया कि बिहार में बढ़ते अपराध के बीच पुलिस ऑपरेशन लंगड़ा चला रही है. ताकि लॉ एंड ऑर्डर दुरुस्त किया जा सके. अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए पुलिस यह अभियान चला रहा है. इस अभियान के माध्यम से पुलिस उन्हीं की भाषा में जवाब दे रही है. अब गोली का जवाब गोली से दिया जा रहा है.
इस साल में पुलिस का पांचवा एनकाउंटर
नए साल में बिहार पुलिस का ये पांचवा एनकाउंटर है। इससे पहले 22 जनवरी पटना में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटर परमानंद यादव और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई थी। एनकाउंटर में परमानंद यादव के पैर में लगी थी। STF की टीम ने परमानंद का पटना से मसौढ़ी तक करीब 20 KM तक पीछा किया और उसके बाद परमानंद ने फायरिंग शुरू कर दी थी।
परमानंद यादव लॉरेंस गैंग का बिहार प्रभारी है, वो बिहार-झारखंड मे गैंग से जुड़े काम देखता है। पटना सहित बिहार और झारखंड में हत्या-लूट जैसे 24 से अधिक संगीन केस दर्ज हैं। मुठभेड़ मसौढ़ी थाना इलाके में हुई है।
वहीं 11 जनवरी की रात पटना के मनेर में पुलिस ने कुख्यात नीतीश यादव का हाफ एनकाउंटर किया। नीतीश पर एक स्वर्ण कारोबारी को लूटपाट के दौरान गोली मारने का आरोप है।
इससे पहले 2 जनवरी को हुई मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी मैनेजर राय जख्मी हुआ था। पुलिस के अनुसार, पटना एसटीएफ और खगौल पुलिस की कुख्यात अपराधी मैनेजर राय से हुई मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से करीब 6 राउंड गोलियां चलाई गईं।
मुठभेड़ में अपराधी मैनेजर राय के पैर में गोली लगी। घायल अपराधी को इलाज के लिए पटना एम्स में भर्ती कराया गया। पुलिस ने मौके से दो कारतूस और एक कट्टा बरामद किए। मामला खगौल थाना क्षेत्र के पास का है। मैनेजर राय पर हत्या, रंगदारी समेत 20 केस है। पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी।







