बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को 31 साल पुराने जालसाजी मामले में मंगलवार को विशेष अदालत से जमानत मिल गई है. लेकिन एक दूसरे मामले की सुनवाई बाकी होने के कारण वे अभी न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे. पप्पू यादव के वकील शिवनंदन भारती ने बताया कि 1995 के केस में बेल मिल गई है, लेकिन गिरफ्तारी के दौरान पुलिस के काम में बाधा डालने के आरोप में बुद्धा कॉलोनी थाने में दर्ज मामले की वजह से उन्हें हिरासत में रहना होगा. इस मामले की सुनवाई बुधवार, 11 फरवरी को होगी. वकील ने आरोप लगाया कि पुलिस ने साजिश के तहत यह केस दर्ज किया, जबकि पप्पू यादव ने खुद वारंट देखकर गिरफ्तारी देने की बात कही थी. उन्होंने अधिकारियों पर दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया और कहा कि अदालत ने मामले को गंभीरता से लिया है.
टना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी
पटना सिविल कोर्ट को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है. अज्ञात व्यक्ति ने मेल भेजकर कोर्ट में धमाका करने की बात कही है. धमकी मिलने के बाद पटना पुलिस तुरंत हरकत में आ गई. सुरक्षा के मद्देनज़र कोर्ट परिसर को खाली कराया जा रहा है. मौके पर पुलिस के विशेष दल के साथ बम स्क्वॉड की टीम भी पहुंच गई है और जांच जारी है. बता दें कि सिविल कोर्ट को पहले भी उड़ाने की धमकी मिल चुकी है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं.
पीरबहोर थाने की पुलिस मौके पर, सर्च ऑपरेशन जारी
घटना की जानकारी मिलते ही पीरबहोर थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। कोर्ट परिसर में सघन सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है। संदिग्ध वस्तुओं की जांच के लिए बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड को भी अलर्ट पर रखा गया है। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है। हालांकि, सर्च ऑपरेशन के बाद कोर्ट में कामकाज शुरू होने की संभावना है।
पटना सिविल कोर्ट के अधिवक्ता विजय कुमार,का कहना है कि, ‘पटना सिविल कोर्ट को उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुबह से ही कोर्ट को बंद कर दिया गया है। अभी कोई भी अधिकारी परिसर के भीतर नहीं जा रहे हैं। हम लोग भी बाहर आ गए हैं।यहां स्थिति बहुत खराब है।
छठी बार मिली धमकी, बढ़ी चिंता
यह छठी बार है, जब पटना सिविल कोर्ट को इस तरह की धमकी दी गई है। बार-बार मिल रही धमकियों से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, अब तक किसी भी धमकी के बाद कोई विस्फोटक सामग्री मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।






