सांसद में लगातार आठ दिन काफी हंगामा देखने को मिला. जहां राहुल गांधी ने बार-बार सरकार पर आरोप लगाया कि उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा है. जिस किताब को लेकर लोकसभा में हंगामा मचा था दिल्ली पुलिस में पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे जो उस किताब के लेखक हैं, उन पर किताब लीक होने के मामले में स्पेशल सेल में एफआईआर दर्ज की है.आरोप है कि मंजूरी मिलने से पहले ही किताब की फ्री प्रिंट कॉपी और पीडीएफ फाइल सोशल मीडिया और कुछ मार्केटिंग प्लेटफॉर्म्स पर अवैध रूप से सर्कुलेट की जा रही है. पुलिस ने इसे पब्लिकेशन ब्रीच माना है और स्पेशल सेल इस बात की जांच कर रही है कि संवेदनशील जानकारी वाली यह किताब ऑनलाइन कैसे लीक हुई. केंद्रीय रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि इस किताब को छापने का ऑर्डर नहीं दिया गया था, फिर भी यह किताब सामने आई है.राहुल गांधी ने संसद में इस किताब को दिखाते हुए सवाल उठाए थे. वहीं पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने स्पष्ट किया है कि जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है और अगर कोई कॉपी मिल रही है तो वह गैर कानूनी है.
पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी (Four Stars of Destiny)’ पर पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने कहा कि किताब अभी तक प्रकाशित नहीं हुई। इसका कोई हिस्सा सार्वजनिक नहीं किया गया।
कंपनी ने कहा कि पब्लिशिंग के सभी राइट्स हमारे पास हैं। अब तक किताब की न तो कोई छपी हुई कॉपी आई है और न ही डिजिटल कॉपी सामने आई है।
इसके जवाब में राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा- या तो नरवणे झूठ बोल रहे हैं, या पेंगुइन कंपनी।
दरअसल, कंपनी की सफाई इसलिए आई क्योंकि किताब की अनअथॉराइज्ड कॉपियों के लीक और ऑनलाइन सर्कुलेशन का दावा सामने आया था। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने FIR भी दर्ज की है।
राहुल बोले- कंपनी या आर्मी चीफ झूठ बोल रहे
राहुल गांधी ने मंगलवार को लोकसभा के बाहर कहा- एमएम नरवणे ने X पर पोस्ट किया है, ‘हेलो दोस्तों, मेरी किताब अब अवेलेबल है। लिंक फॉलो करें। हैप्पी रीडिंग’। या तो एमएम नरवणे झूठ बोल रहे हैं, या पेंगुइन झूठ बोल रहा है। मैंने आर्मी चीफ पर विश्वास करना चुना।
उन्होंने आगे कहा कि क्या आप एमएम नरवणे के बजाय पेंगुइन पर विश्वास करेंगे? किताब में कुछ ऐसी बातें हैं जो सरकार के लिए असुविधाजनक हैं।
कांग्रेस का दावा- कंपनी ने दवाब में पोस्ट डिलीट किया
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने X पर लिखा कि पेंगुइन इंडिया ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया है, जाहिर है वे भारी दबाव में हैं। पेंगुइन ने जो उचित समझा वो किय, लेकिन चीफ अभी भी सच्चाई के साथ खड़े हैं। यह किताब 2024 में प्रकाशित हुई थी और अमेजन पर बिक्री के लिए उपलब्ध थी।
पवन खेड़ा ने आर्मी चीफ नरवणे का एक पोस्ट भी शेयर किया है, जिसमें नरवणे ने पेंगुइन इंडिया की पोस्ट शेयक करते हुए लिखा था- मेरी किताब अब अवेलेबल है। लिंक फॉलो करें।
Penguin India has deleted their tweet, they are clearly under immense pressure.Khair, jo penguin ne uchit samjha, wo kiya. But the Chief still stands with the truth. The book was published in 2024 and was available for purchase on Amazon. https://t.co/i9VbLiLoWK— Pawan Khera 🇮🇳 (@Pawankhera) February 10, 2026
बुक की टाइपसेट पीडीएफ कॉपी वायरल
पुलिस के मुताबिक इस किताब के पब्लिकेशन के लिए अभी संबंधित अधिकारियों से आवश्यक मंजूरी नहीं मिली है। पुलिस जांच में सामने आया कि इसी टाइटल वाली किताब की PDF कॉपी कुछ वेबसाइट्स पर उपलब्ध थी।
आशंका जताई गई है कि पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने जो कॉपी तैयार की थी, यह वही हो सकती है। इसके अलावा, कुछ ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म्स पर किताब के कवर को इस तरह दिखाया गया, जैसे वह खरीद के लिए उपलब्ध हो।
इस पूरे मामले की जांच के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने केस दर्ज किया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अप्रकाशित और बिना मंजूरी वाली किताब की सामग्री कैसे सार्वजनिक हुई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
राहुल गांधी ने संसद में उठाया किताब का मुद्दा
लोकसभा में 2-3 फरवरी को राहुल गांधी ने एक मैगजीन में छपे आर्टिकल को पढ़ने की कोशिश की थी। उन्होंने दावा किया था कि इसमें नरवणे की बुक के अंश हैं। स्पीकर ओम बिरला ने इसकी इजाजत नहीं दी।
इसके बाद लोकसभा में हंगामा हो गया था, जिससे कार्यवाही स्थगित कर दी गई थी। वहीं, हंगामा करने वाले आठ सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया था। तब से किताब चर्चा में है।
किताब चीन से झड़प और अग्निवीर योजना का रिव्यू
4 फरवरी को राहुल किताब की कॉपी लेकर संसद पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगर आज पीएम आए तो उन्हें यह किताब दूंगा। राहुल ने किताब का वह पेज खोलकर दिखाया, जिसमें लिखा है कि प्रधानमंत्री ने आर्मी चीफ से कहा था- जो उचित समझो वह करो!।
राहुल ने कहा कि सरकार और रक्षा मंत्री कह रहे है कि किताब का अस्तित्व नहीं है। देखिए यह रही किताब। नरवणे की इस अनपब्लिश बुक में चीन के साथ भारतीय सेना की 2020 की झड़पों के साथ-साथ अग्निवीर योजना का रीव्यू किया गया है।
नरवणे 2019 से 2022 तक सेना प्रमुख रहे
नरवणे 2019 से 2022 तक सेना प्रमुख रहे हैं। उन्होंने पिछले साल कसौली में आयोजित खुशवंत सिंह लिस्टरेचर फेस्टिवल में बताया था कि उन्होंने अपनी किताब पेंगुइन पब्लिशर ग्रुप को छपने के लिए दे दी है।
अब यह पब्लिशर्स और सरकार के बीच का मामला है। किताब रक्षा मंत्रालय को मंजूरी के लिए भेजी गई है। एक साल से ज्यादा हो चुका है, लेकिन इसे पब्लिश करने की मंजूरी नहीं मिली है।
सांसद में लगातार आठ दिन काफी हंगामा देखने को मिला. जहां राहुल गांधी ने बार-बार सरकार पर आरोप लगाया कि उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा है. जिस किताब को लेकर लोकसभा में हंगामा मचा था दिल्ली पुलिस में पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे जो उस किताब के लेखक हैं, उन पर किताब लीक होने के मामले में स्पेशल सेल में एफआईआर दर्ज की है.आरोप है कि मंजूरी मिलने से पहले ही किताब की फ्री प्रिंट कॉपी और पीडीएफ फाइल सोशल मीडिया और कुछ मार्केटिंग प्लेटफॉर्म्स पर अवैध रूप से सर्कुलेट की जा रही है. पुलिस ने इसे पब्लिकेशन ब्रीच माना है और स्पेशल सेल इस बात की जांच कर रही है कि संवेदनशील जानकारी वाली यह किताब ऑनलाइन कैसे लीक हुई. केंद्रीय रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि इस किताब को छापने का ऑर्डर नहीं दिया गया था, फिर भी यह किताब सामने आई है.राहुल गांधी ने संसद में इस किताब को दिखाते हुए सवाल उठाए थे. वहीं पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने स्पष्ट किया है कि जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है और अगर कोई कॉपी मिल रही है तो वह गैर कानूनी है.
पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी (Four Stars of Destiny)’ पर पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने कहा कि किताब अभी तक प्रकाशित नहीं हुई। इसका कोई हिस्सा सार्वजनिक नहीं किया गया।
कंपनी ने कहा कि पब्लिशिंग के सभी राइट्स हमारे पास हैं। अब तक किताब की न तो कोई छपी हुई कॉपी आई है और न ही डिजिटल कॉपी सामने आई है।
इसके जवाब में राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा- या तो नरवणे झूठ बोल रहे हैं, या पेंगुइन कंपनी।
दरअसल, कंपनी की सफाई इसलिए आई क्योंकि किताब की अनअथॉराइज्ड कॉपियों के लीक और ऑनलाइन सर्कुलेशन का दावा सामने आया था। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने FIR भी दर्ज की है।
राहुल बोले- कंपनी या आर्मी चीफ झूठ बोल रहे
राहुल गांधी ने मंगलवार को लोकसभा के बाहर कहा- एमएम नरवणे ने X पर पोस्ट किया है, ‘हेलो दोस्तों, मेरी किताब अब अवेलेबल है। लिंक फॉलो करें। हैप्पी रीडिंग’। या तो एमएम नरवणे झूठ बोल रहे हैं, या पेंगुइन झूठ बोल रहा है। मैंने आर्मी चीफ पर विश्वास करना चुना।
उन्होंने आगे कहा कि क्या आप एमएम नरवणे के बजाय पेंगुइन पर विश्वास करेंगे? किताब में कुछ ऐसी बातें हैं जो सरकार के लिए असुविधाजनक हैं।
कांग्रेस का दावा- कंपनी ने दवाब में पोस्ट डिलीट किया
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने X पर लिखा कि पेंगुइन इंडिया ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया है, जाहिर है वे भारी दबाव में हैं। पेंगुइन ने जो उचित समझा वो किय, लेकिन चीफ अभी भी सच्चाई के साथ खड़े हैं। यह किताब 2024 में प्रकाशित हुई थी और अमेजन पर बिक्री के लिए उपलब्ध थी।
पवन खेड़ा ने आर्मी चीफ नरवणे का एक पोस्ट भी शेयर किया है, जिसमें नरवणे ने पेंगुइन इंडिया की पोस्ट शेयक करते हुए लिखा था- मेरी किताब अब अवेलेबल है। लिंक फॉलो करें।
Penguin India has deleted their tweet, they are clearly under immense pressure.Khair, jo penguin ne uchit samjha, wo kiya. But the Chief still stands with the truth. The book was published in 2024 and was available for purchase on Amazon. https://t.co/i9VbLiLoWK— Pawan Khera 🇮🇳 (@Pawankhera) February 10, 2026
बुक की टाइपसेट पीडीएफ कॉपी वायरल
पुलिस के मुताबिक इस किताब के पब्लिकेशन के लिए अभी संबंधित अधिकारियों से आवश्यक मंजूरी नहीं मिली है। पुलिस जांच में सामने आया कि इसी टाइटल वाली किताब की PDF कॉपी कुछ वेबसाइट्स पर उपलब्ध थी।
आशंका जताई गई है कि पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने जो कॉपी तैयार की थी, यह वही हो सकती है। इसके अलावा, कुछ ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म्स पर किताब के कवर को इस तरह दिखाया गया, जैसे वह खरीद के लिए उपलब्ध हो।
इस पूरे मामले की जांच के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने केस दर्ज किया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अप्रकाशित और बिना मंजूरी वाली किताब की सामग्री कैसे सार्वजनिक हुई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
राहुल गांधी ने संसद में उठाया किताब का मुद्दा
लोकसभा में 2-3 फरवरी को राहुल गांधी ने एक मैगजीन में छपे आर्टिकल को पढ़ने की कोशिश की थी। उन्होंने दावा किया था कि इसमें नरवणे की बुक के अंश हैं। स्पीकर ओम बिरला ने इसकी इजाजत नहीं दी।
इसके बाद लोकसभा में हंगामा हो गया था, जिससे कार्यवाही स्थगित कर दी गई थी। वहीं, हंगामा करने वाले आठ सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया था। तब से किताब चर्चा में है।
किताब चीन से झड़प और अग्निवीर योजना का रिव्यू
4 फरवरी को राहुल किताब की कॉपी लेकर संसद पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगर आज पीएम आए तो उन्हें यह किताब दूंगा। राहुल ने किताब का वह पेज खोलकर दिखाया, जिसमें लिखा है कि प्रधानमंत्री ने आर्मी चीफ से कहा था- जो उचित समझो वह करो!।
राहुल ने कहा कि सरकार और रक्षा मंत्री कह रहे है कि किताब का अस्तित्व नहीं है। देखिए यह रही किताब। नरवणे की इस अनपब्लिश बुक में चीन के साथ भारतीय सेना की 2020 की झड़पों के साथ-साथ अग्निवीर योजना का रीव्यू किया गया है।
नरवणे 2019 से 2022 तक सेना प्रमुख रहे
नरवणे 2019 से 2022 तक सेना प्रमुख रहे हैं। उन्होंने पिछले साल कसौली में आयोजित खुशवंत सिंह लिस्टरेचर फेस्टिवल में बताया था कि उन्होंने अपनी किताब पेंगुइन पब्लिशर ग्रुप को छपने के लिए दे दी है।
अब यह पब्लिशर्स और सरकार के बीच का मामला है। किताब रक्षा मंत्रालय को मंजूरी के लिए भेजी गई है। एक साल से ज्यादा हो चुका है, लेकिन इसे पब्लिश करने की मंजूरी नहीं मिली है।







