सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के 1.16 करोड़ लाभार्थियों को राहत देते हुए समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने बड़ी घोषणा की है। उन्होंने साफ कहा है कि किसी त्रुटि को लेकर किसी लाभुक की पेंशन बंद नहीं होगी।
लाभार्थियों के शारीरिक सत्यापन से जीवन प्रमाणीकरण के लिए महीने में एक बार प्रखंड और पंचायत स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। शिविर में सत्यापन नहीं हो पाया तो लाभार्थी के घर भी जाकर प्रमाणीकरण किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित हो कि हर योग्य को नियमित रूप से पेंशन का भुगतान होता रहे। बुधवार को सूचना भवन के संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में मंत्री ने कहा कि योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जीवन प्रमाणपत्र जारी कराने में किसी को भी किसी प्रकार की कठिनाई होने पर भी पेंशन योजनाओं से वंचित नहीं किया जाएगा। पेंशन प्राप्तकर्ताओं के नाम, आधार कार्ड या अंगूठे के निशान में विसंगति जैसी समस्याओं के कारण पेंशन प्राप्त करने में आ रही दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए जीवन प्रमाणपत्र प्रक्रिया को सरल बनाने का निर्णय लिया गया है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रत्येक लाभार्थी को उनकी पेंशन मिले। मंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में अब सप्ताह में दो दिन अंडा और दूध दिया जा रहा है। इससे राज्य में कुपोषण में कमी आई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश के अनुसार राज्य सरकार समाज के हर वर्ग तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है।
वहीं, समाज कल्याण विभाग की सचिव वंदना प्रेयषी ने बताया कि पेंशनधारकों का जीवन प्रमाणीकरण अत्यंत महत्वपूर्ण था, क्योंकि यह अंतिम बार 2021 में किया गया था। लगभग 70 लाख लाभार्थियों के लिए सत्यापन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। विभाग अपनी कल्याणकारी योजनाओं से लगभग 3.5 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंचता है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभार्थियों की संख्या 2005 में 12 लाख थी, जो अब बढ़कर 1.16 करोड़ हो गई।
राज्य में भिखारियों का सर्वेक्षण किया जाएगा
सचिव वंदना प्रेयषी ने बताया कि कि मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना के तहत गरीबी उन्मूलन के लिए राज्यभर में भिखारियों का सर्वेक्षण किया जाएगा। यह योजना वर्तमान में 10 जिलों में चल रही है। इसके तहत भिखारियों के लिए सेवा कुटीर और शांति कुटीर चलाई जा रही हैं। चालू वित्त वर्ष (2025-26) में यह योजना 14 जिलों में लागू की जाएगी, जबकि शेष 14 जिलों में इसे अगले वित्त वर्ष (2026-27) में लागू किया जाएगा। प्रेसवार्ता दिव्यांगजन सशक्तीकरण निदेशालय, समेकित बाल विकास परियोजना एवं सक्षम के निदेशक योगेश कुमार सागर, सामाजिक सुरक्षा निदेशालय के निदेशक धर्मेंद्र कुमार, महिला एवं बाल विकास निगम की उप सचिव सह नोडल अधिकारी मार्गन सिन्हा आदि मौजूद रहीं।







