झारखंड के साथ सोन नदी के जल बंटवारे को लेकर एमओयू के लिए कैबिनेट में स्वीकृति मिली. 7.75 मिलियन एकड़ फीट जल में से 5. 75 मिलियन एकड़ फीट बिहार को और 2 मिलियन एकड़ फीट झारखंड को पानी मिलेगा. दरभंगा हवाई अड्डा के पास लॉजिस्टिक पार्क एवं कार्गो हब निर्माण के लिए 50 एकड़ भूमि अधिग्रहणकिए जाने के लिए 138 करोड़ 82 लाख 88 हजार रुपए की स्वीकृति. बिहार अधिवक्ता कल्याण न्यास समिति को सहायता हेतु एक मोस्ट 30 करोड रुपए राशि दिए जाने की स्वीकृति. राज्य के 13 काराओं में नए सिरे से 9073 सीसीटीवी कैमरा लगाए जाने की स्वीकृति दी गई. इसमें 155 करोड़ 38 लाख 36 हजार 153 रुपए की राशि खर्च होगी.
बिहार कैबिनेट बैठक में रोहतास वालों के लिए खुशखबरी है. रोहतास में सीमेंट फैक्ट्री लगेगी. इसके लिए 107 करोड़ 32 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई. डालमिया सीमेंट लिमिटेड बंजारी रोहतास का विस्तार होगा. 594 कुशल एवं और कुशल कामगारों का नियोजन होगा. राजवंशी नगर और शास्त्री नगर पटना में आवासीय एवं गैर आवासीय रूप में पुनर्विकास हेतु मास्टर प्लान निर्माण के लिए परामर्शी को एक करोड़ 59 लाख ₹30000 भुगतान की स्वीकृति.
बाणसागर समझौते के तहत बिहार और झारखंड के बीच पानी के बंटवारे पर फैसला हुआ है। बिहार को 5.75 मिलियन एकड़ फीट पानी झारखंड को 2.00 मिलियन एकड़ फीट पानी, इस बंटवारे से जुड़े समझौता पत्र को मंजूरी दे दी गई है।
गया में बनने वाले इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) को अच्छी गुणवत्ता की बिजली देने के लिए 220 केवी की बिजली लाइन बनाई जाएगी। यह लाइन चंदौती ग्रिड से IMC, गया तक जाएगी। इसके लिए सरकार ने 33 करोड़ 29 लाख रुपए की नई योजना को मंजूरी दी है। इसके अलावा कृषि विभाग के अलग-अलग दफ्तरों में पहले से स्वीकृत 293 पदों को समायोजित कर पौधा संरक्षण विभाग में नए पद बनाए गए हैं। यानी पौधा संरक्षण से जुड़े कुल 694 पद हो गए हैं।
बैठक सुबह 11 बजे मुख्य सचिवालय स्थित कैबिनेट हॉल में आयोजित हुई। जिसमें दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा सहित सभी कैबिनेट मंत्री शामिल रहे। यह बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। माना जा रहा है कि बैठक में प्रस्तावों पर फैसले सीएम की 16 जनवरी से शुरू होने वाली समृद्धि यात्रा के लिए मजबूत आधार तैयार करेंगे।
सीएम 16 जनवरी से राज्यभर के दौरे पर निकलेंगे
सीएम नीतीश नीतीश कुमार 16 जनवरी से राज्यभर के दौरे पर निकलेंगे, जहां वे विभिन्न जिलों में विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे और जनता से संवाद करेंगे। ऐसे में यात्रा से ठीक पहले होने वाली यह कैबिनेट बैठक काफी अहम मानी जा रही है। बता दें कि पिछली कैबिनेट बैठक 16 दिसंबर 2025 को हुई थी, जिसमें केवल एक एजेंडे पर मुहर लगी थी। उस बैठक में सात निश्चय-3 (2025–2030) कार्यक्रम को मंजूरी दी गई थी, जिसका लक्ष्य बिहार को देश के अग्रणी विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करना है।







