गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर राष्ट्रपति भवन में होने वाले ‘ एट होम रिसेप्शन ‘ की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस बार राष्ट्रपति भवन द्वारा मेहमानों को एक खास इनविटेशन पत्र भेजा जा रहा है। इन इनविटेशन के जरिए भारत की पारंपरिक शिल्पकला और सांस्कृतिक विविधता को विविधता को दर्शाया जा रहा है।
राष्ट्रपति भवन द्वारा दिए यह निमंत्रण पत्र भारत के पूर्वोत्तर में स्थित अष्टलक्ष्मी राज्यों के कुशल कारीगरों और शिल्पकारों को प्रोत्साहित करता है, जो कि इस क्षेत्र में सदियों पुरानी समझ और अलग-अलग सांस्कृतिक परंपराओं को बनाए हुए हैं। अष्टलक्ष्मी राज्यों में असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम आते हैं।
भारत की पारंपरिक शिल्पकला को दर्शाता है निमंत्रण पत्र
‘एट होम रिसेप्शन’ के लिए सोच-समझकर बनाए गए इन निमंत्रण पत्रों के डिजाइन और बारीक चीजों के जरिए यह इनविटेशन भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र की समृद्ध कला विरासत को खूबसूरती से दिखाता है, जो पीढ़ियों से चली आ रही है। राष्ट्रपति भवन द्वारा की गई इस पहल का उद्देश्य न केवल भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाना बल्कि इन कारीगरों को प्रोत्साहित करना भी है, जो कि आधुनिक काल में भी सांस्कृतिक विरासत को सहेजे हुए हैं।
वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देता है यह निमंत्रण पत्र
राष्ट्रपति भवन के निमंत्रण में अष्टलक्ष्मी राज्यों के पारंपरिक शिल्पकारी को उस समय दर्शाया गया है, जब सरकार लगातार वोकल फॉर लोकल और मेक इन इंडिया को बढ़ावा दे ही है। जिसका उद्देश्य इन क्षेत्रों में कारीगरों व उद्यमियों को सशक्त बनाना है। साथ ही सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा दिया जा सके। वहीं गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित एट होम रिसेप्शन हमेशा से ही प्रतिष्ठित रहा है लेकिन इस बार अष्टलक्ष्मी राज्यों द्वारा बनाए गए शिल्पकारों के निमंत्रण पत्र ने और खास बना दिया है।
गणतंत्र दिवस समारोह भारत के संविधान को 26 जनवरी 1950 को अंगीकार किए जाने की स्मृति में मनाया जाता है और यह देश के सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजनों में से एक है। राष्ट्रीय राजधानी के कर्तव्य पथ पर हर वर्ष आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में सशस्त्र बलों की टुकड़ियां, झांकियां और विभिन्न प्रदर्शनों को देखा जा सकता है। इस परेड को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित होते हैं।
गणतंत्र दिवस समारोह में तीनों सेवाएं प्रस्तुत करती हैं सैन्य बैंड
गणतंत्र दिवस समारोह नागरिकों को सशस्त्र बलों और राष्ट्रीय संस्थानों से जुड़ी सैन्य परंपराओं और जनभागीदारी वाले आयोजनों को करीब से देखने का अवसर भी प्रदान करते हैं। विजय चौक पर आयोजित होने वाला बीटिंग द रिट्रीट समारोह परंपरागत रूप से गणतंत्र दिवस समारोहों का औपचारिक समापन होता है, जिसमें थल सेना, नौसेना और वायु सेना के सैन्य बैंड अपनी प्रस्तुतियां देते हैं।







