पाकिस्तान और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के बीच लंबे समय से लगाए जा रहे संबंधों के आरोपों को एक बार फिर सबूत मिला है. लश्कर के डिप्टी चीफ और पहलगाम आतंकी हमले के कथित मास्टरमाइंड सैफुल्लाह कसूरी ने खुले मंच से पाकिस्तान सेना के साथ अपने करीबी रिश्तों को स्वीकार किया है. एक सामने आए वीडियो में कसूरी ने दावा किया कि उसे पाकिस्तान सेना नियमित रूप से अपने कार्यक्रमों में बुलाती है और यहां तक कि सैनिकों की अंतिम संस्कार की नमाज पढ़ाने के लिए भी आमंत्रित करती है.
पाकिस्तान सेना से संबंध पर क्या बोला कसूरी?
भारत को दी धमकी, ऑपरेशन सिंदूर पर टिप्पणी
सैफुल्लाह कसूरी ने भारत को लेकर भी भड़काऊ बयान दिए. उसने दावा किया कि भारत उससे डरा हुआ है. इससे पहले भी वह भारत के ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विवादित बयान दे चुका है. कसूरी ने स्वीकार किया कि इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों को नुकसान पहुंचा, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि भारत ने गलती की है. उसने दोहराया कि लश्कर-ए-तैयबा कश्मीर को लेकर अपने एजेंडे से पीछे नहीं हटेगा.
पहलगाम आतंकी हमले को लेकर घमंड
एक अन्य रैली में कसूरी ने खुद को पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड बताए जाने पर गर्व जताया था. उसने कहा था कि इस आरोप के बाद उसका नाम दुनिया भर में मशहूर हो गया है. गौरतलब है कि 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की मौत हुई थी.
भारत ने किया जोरदार अटैक
भारत के हमले से हिले आतंकी
खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर के तहत 7 मई को किए गए भारतीय वायुसेना के हमले में पंजाब के मुरिदके में स्थित लश्कर का मुख्यालय मरकज तैयबा पूरी तरह ध्वस्त हो गया. इसके बाद लश्कर ने अपने ही ठिकाने को भारी मशीनों से गिराना शुरू किया और दोबारा निर्माण की तैयारी में जुट गया. यह काम अगस्त से सितंबर के बीच तेज किया गया और इसे फरवरी 2026 तक पूरा करने की योजना है ताकि यहां सालाना जिहादी सम्मेलन किया जा सके.







