ईरान विरोध प्रदर्शन जारी हैं। प्रदर्शनों को दबाने के लिए ईरानी सरकार ने देश भर में इंटरनेट और फोन सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी हैं। विरोध प्रदर्शन आर्थिक संकट, महंगाई और मुद्रा में गिरावट के खिलाफ शुरू हुए थे, लेकिन अब ये सरकार विरोधी नारों के साथ बड़े पैमाने पर पूरे देश में फैल चुके हैं। इस बीच विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों ने CNN को बताया कि तेहरान की सड़कों पर भारी भीड़ के साथ बेरहमी से हिंसा हुई है। एक महिला ने बताया कि उसने एक अस्पताल में लाशों का ढेर देखा है।
सुरक्षा बलों ने लोगों को मार डाला
60 साल की एक महिला और 70 साल के एक आदमी ने बताया कि शुक्रवार को उन्होंने ईरान की राजधानी तेहरान की सड़कों पर हर उम्र के लोगों को देखा। हालांकि, उन्होंने सुरक्षा कारणों से नाम ना बताने की शर्त पर बताया कि शुक्रवार रात को राइफलें लहराते हुए सुरक्षा बलों ने कई लोगों को मार डाला। हालात ऐसे हैं कि अब विरोध सुरक्षा बलों ने कई लोगों को मार डाला 100 से ज्यादा शहरों में फैल गए हैं।
ऐसा था मंजर
इंटरनेट ब्लैकआउट के बीच विरोध प्रदर्शनों के बारे जानकारी देते हुए, तेहरान के एक अलग इलाके में प्रदर्शनकारियों ने CNN को बताया कि उन्होंने 60 साल के एक आदमी की मदद की, जो बुरी तरह घायल हो गया था। उन्होंने बताया कि उसके पैरों में करीब 40 छर्रे लगे थे और उसका एक हाथ टूट गया था। शख्स को कई अलग-अलग अस्पतालों में मेडिकल मदद दिलाने की कोशिश की गई लेकिन स्थिति पूरी तरह से अराजक नजर आई।
‘सरकार सत्ता नहीं छोड़ेगी’
अन्य प्रदर्शनकारियों ने CNN को बताया कि सड़कों पर लोगों की संख्या ऐसी थी जैसा उन्होंने पहले कभी अनुभव नहीं किया था। एक प्रदर्शनकारी ने CNN को बताया, “दुख की बात है कि हमें यह सच्चाई माननी पड़ सकती है कि यह सरकार बाहरी ताकत के बिना हार मानकर सत्ता नहीं छोड़ेगी।”

ईरानी सोशल वर्कर ने क्या बताया?
एक ईरानी सोशल वर्कर जो तेहरान में एक विरोध प्रदर्शन में शामिल हुई थी, ने कहा कि जब अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों पर हमला किया तो हालात बुरे सपने जैसे हो गए। उन्होंने कहा, “गोलियां, पता नहीं क्या-क्या, आंसू गैस, आप जो कुछ भी सोच सकते हैं, वो सब चला रहे थे और यह बहुत डरावना था।” उन्होंने बताया कि एक लड़की को बिजली के डिवाइस से गर्दन पर झटका देते हुए देखा जब तक वह बेहोश नहीं हो गई। उनके साथ काम करने वाले का बेटा भी कई मारे गए लोगों में शामिल था।
प्रदर्शनकारियों पर चली गोलियां
ईरानी मेडिकल कर्मचारियों और चश्मदीदों ने भयानक दृश्यों के बारे में बताया। शुक्रवार को दक्षिणी शहर शिराज में, मेडिकल स्टाफ एक महिला का इलाज कर रहा था जिसे सिर में गोली लगी थी। एक मेडिकल कर्मचारी ने कहा, “मैंने अपनी जिंदगी में ऐसे दृश्य कभी नहीं देखे।” “बेशर्म लोगों ने (उसे) सिर और गर्दन में गोली मार दी। क्या आपको अंदाजा है कि अब तक हमारे पास कितने मरीज आए हैं?” पूर्वी शहर नीशाबुर के एक डॉक्टर ने बताया कि सुरक्षाबलों ने इमारतों की छतों से प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाई हैं।
डॉक्टरों पर है काम का दबाव
तेहरान में पढ़े लिखे शिकागो के एक डॉक्टर मोहम्मद लेसानपेजेशकी ने CNN को बताया कि ईरानी अस्पतालों में काम करने वाले उनके दोस्त बहुत ज्यादा काम के बोझ से दबे हुए हैं क्योंकि कार्रवाई में और भी प्रदर्शनकारी घायल हो रहे हैं। लेसानपेजेशकी ने कहा, “एक व्यक्ति जो ऑर्थोपेडिक सर्जन है, उसने बताया कि उनके इमरजेंसी डिपार्टमेंट में कई शव थे, कम से कम 30 लोग ऐसे थे जिन्हें गोली लगी थी।” उनके दोस्तों ने उन्हें यह भी बताया कि तेहरान के फराबी आई हॉस्पिटल में आंखों में छर्रे लगने वाले मरीजों की संख्या में खासतौर पर बढ़ोतरी हुई है, लगभग 200 से 300 मरीज।







