भारत द्वारा मई 2025 में किए गए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पाकिस्तान का रुख अब बदलता नजर आ रहा है। लंबे समय तक नुकसान से इनकार करने के बाद पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि भारतीय हमलों से उसके फौजी ठिकानों को भारी नुकसान पहुँचा था। पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने शनिवार (27 दिसंबर 2025) को एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान भारत की ताकत का लोहा माना है।
भारत के ऑपरेशन सिंदूर का पाकिस्तान पर असर
इशाक डार ने बताया कि भारत ने रावलपिंडी के चकलाल इलाके में स्थित नूर खान एयर बेस को निशाना बनाया, जिससे फौजी ढाँचे को नुकसान हुआ और वहाँ तैनात फौजी घायल हुए। उन्होंने कहा कि भारत ने 36 घंटे के भीतर पाकिस्तान की ओर कम से कम 80 ड्रोन भेजे। डार के मनगढ़ंत झूठ बोलते हुए दावा किया कि पाकिस्तानी वायु रक्षा प्रणाली ने 79 ड्रोन मार गिराए लेकिन एक ड्रोन फौजी इलाके को नुकसान पहुँचाने में सफल रहा।
डार ने यह भी खुलासा किया कि हालात बिगड़ने के बाद 9 मई की रात प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व में पाकिस्तान के नागरिक और फौजी नेतृत्व की आपात बैठक हुई, जिसमें आगे की रणनीति को मंजूरी दी गई। उन्होंने माना कि 10 मई की सुबह नूर खान एयर बेस पर भारतीय हमला एक गंभीर घटनाक्रम था।
बीते आठ महीने पहली बार ऐसा हुआ है जब पाकिस्तान के इतने बड़े नेता ने ये बात कबूली हो. इशाक डार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत के हमले में पाकिस्तानी एयरबेस और सैन्य प्रतिष्ठानों को नुकसान हुआ और वहां तैनात सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए.
ऑपरेशन सिंदूर पर भी दिया बयान
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इशाक डार ने कहा कि भारत ने बेहद कम समय में पाकिस्तान में एक साथ बड़ी संख्या में ड्रोन भेजे थे. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 36 घंटे के अंदर ही 80 ड्रोन पाकिस्तान की सीमा में दाखिल हो चुके थे.उन्होंने कहा कि भारत ने 10 मई की सुबह नूर खान एयरबेस पर हमला कर ‘गलती की’ थी.
भारत ने 11 एयरबेस को बनाया था निशाना
आपको बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान के कुल 11 एयरबेस को निशाना बनाया था. इन एयरबेस में नूर खान एयरबेस भी शामिल था. भारत ने अपने हवाई हमले में पाकिस्तान के कई लड़ाकू विमान भी नष्ट कर दिया था. इसके साथ-साथ भारत ने पाकिस्तान के रडार साइट विमानों को रखने वाले हैंगर और रनवे को भी बर्बाद कर दिया था.
जरदारी ने भी ऑपरेशन सिंदूर पर दिया था बयान
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पाकिस्तान राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भी शनिवार को एक बड़ा बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि भारतीय सेना का शौर्य देखकर पाकिस्तान के बड़े नेताओं की भी हालत इतनी पतली हो चुकी थी कि वो खुदको बचाने के लिए बंकरों में छिपने तक की सोच रहे थे. ये खुलासा खुद पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने किया है. उन्हें ये कबूला है कि किस तरह से ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में खौफ का माहौल था.
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का ये कुबुलनाम शनिवार को सामने आया है. उन्होंने एक कार्यक्रम में ये स्वीकार किया कि भारत की कार्रवाई को देखते हुए उस दौरान पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व में एक डर का माहौल था. भारतीय सेना ने अपने ताबड़तोड़ हमलों से स्थिति को इतना खौफनाक बना दिया था कि जरदारी के मिलिट्री सेक्रेटरी ने उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए बंकर में जाने की सलाह तक दे डाली थी.
ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत भारत ने 7 मई की सुबह की थी। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई, जिसमें 26 नागरिकों की मौत हुई थी।
इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित नौ आतंकी शिविरों को निशाना बनाया, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख ठिकाने शामिल थे।
इस फौजी कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच तनाव तेजी से बढ़ा और सीमापार गोलाबारी शुरू हो गई। हालात तब काबू में आए जब पाकिस्तान के DGMO ने भारत से संपर्क कर सीजफायर का प्रस्ताव रखा, जिसे भारत ने स्वीकार किया।
इस बीच, मैक्सर टेक्नोलॉजीज की सैटेलाइट तस्वीरों में नूर खान एयर बेस, सरगोधा का मुशफ बेस, भोलारी और जैकबाबाद स्थित शाहबाज एयर बेस को भारी नुकसान के संकेत मिले। अब इशाक डार के बयान ने इन दावों को औपचारिक पुष्टि दे दी है।







