घायल अपराधी की पहचान इजमामूल आलम के रूप में हुई. वह मोतिहारी जिले के गोविंदगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत राजेपुर गांव निवासी अनवर अंसारी का पुत्र बताया जा रहा है. पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान इजमामूल आलम के पास से थावे मंदिर से चोरी किए गए सोने के मुकुट का कुछ हिस्सा बरामद किया गया है. यह बरामदगी इस बहुचर्चित चोरी कांड में पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रही है.
बताया जा रहा है कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इजमामूल आलम अपने साथियों के साथ इलाके में छिपा हुआ है. सूचना के आधार पर पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की. खुद को घिरा देख अपराधियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई. इसी दौरान इजमामूल आलम घायल हो गया, जबकि उसके अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए. पुलिस उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है. इससे पहले इस कांड के मुख्य आरोपी, गाजीपुर निवासी दीपक राय को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. जांच के दौरान पुलिस को इस पूरे गिरोह से जुड़े कई अन्य लोगों के नाम भी पता चले हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
दीपक राय उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले का रहने वाला
थावे दुर्गा मंदिर में चोरी के आरोप में गिरफ्तार किए गए दीपक राय के जानने वाले लोगों को पुलिस टीम चिन्हित कर रही है। दीपक राय उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के जमनिया थाने के बेटावर कला गांव के देवानंद राय का बेटा है।
पुलिस इन लोगों से पूछताछ कर जेवरों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। हालांकि, घटना के आठवें दिन भी पुलिस को जेवरों के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है और न ही चोरी का सामान बरामद किया जा सका है।
इस बीच, सोशल मीडिया पर थावे दुर्गा मंदिर के नाम से फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब सहित कई पेज चलाए जा रहे हैं। भक्तों को यह समझने में परेशानी हो रही है कि मंदिर न्यास समिति का असली पेज कौन सा है।
थावे दुर्गा मंदिर की गतिविधियों को इन सोशल मीडिया चैनलों पर लगातार प्रकाशित किया जाता है। पुलिस इन सोशल साइटों पर भी नजर रख रही है।
सीसीटीवी कैमरे में कैद चोरों की पहचान में जुटी पुलिस
इसके अतिरिक्त, थावे दुर्गा मंदिर में चोरी के आरोप में गिरफ्तार दीपक राय को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोग चोरी के समय की एआई जेनरेटेड तस्वीर और गिरफ्तार किए गए दीपक राय की तस्वीर का मिलान कर विभिन्न तरह के कयास लगा रहे हैं।
पुलिस ने सोशल मीडिया पर चोरी के समय सीसीटीवी कैमरे में कैद चोरों की नकाबपोश तस्वीर को डाला था। लेकिन कुछ लोग ए आई से चोरों के चेहरे से नकाब हटा दिया था और वायरल कर दिया था।
जिसको लेकर लोगों में सस्पेंस है। पुलिस का दावा है कि बहुत सारे एविडेंस उनके पास है। जिससे यह प्रमाण हो रहा है कि दीपक राय चोरी के मामले के मुख्य सरगना है







