देर से ही सही पर प्रदेश कांग्रेस पार्टी ने दुरुस्तगी के साथ ऑपरेशन संगठन अभियान छेड़ दी है। इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य समर्पित कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को चिह्नित कर पार्टी को एक मजबूत संगठन के हाथ सौंपना है। इस संगठन को बदलने का आधार बिहार विधानसभा चुनाव में भितरघात करने वाले या फिर निष्क्रिय रहे लोगों से पार्टी को मुक्त कराना है। इस महत्वपूर्ण उद्देश्य के आड़े पुराने और नए पर्यवेक्षक के हाथों कांग्रेस को सुरक्षित और सुगठित पार्टी बनाने की जिम्मेदारी है।
भितरघात करने वालों की खैर नहीं
संगठन को मजबूती देने के लिए कांग्रेस उन तमाम शिकायतों को जांच करेगी जो उन्हें उनके उम्मीदवारों ने या साथी दल के उम्मीदवारों से मिली है। कांग्रेस ऐसे पदाधिकारी को काफी सख्त निर्णय लेने जा रही है। इस कार्य के लिए कांग्रेस आलाकमान ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी अपने पर्यवेक्षक को भेजेगी। जिन पर्यवेक्षक के बारे में शिकायत आई है उन पर प्रदेश कमिटी की सूचना पर निर्णय लिया जायेगा। कांग्रेस आलाकमान इस पर विचार कर कही कही नए पर्यवेक्षक भी बना सकती है।
महत्वपूर्ण भूमिका में पर्यवेक्षक
बिहार विधानसभा चुनाव में मिली जबरदस्त हार के बाद कांग्रेस आलाकमान आत्ममंथन की दिशा की ओर कदम बढ़ा दी है। इस लिहाजा प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व में पुराने जिला पर्यवेक्षकों की एक अहम बैठक भी हुई। इस बैठक में हार के कारणों और पार्टी-संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की रणनीति पर बातचीत हुई। मिली जानकारी के अनुसार आलाकमान के निर्देश पर कुछ जगहों पर नए पर्यवेक्षक भी बहाल किए जाएंगे। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के निर्देश पर पुराने जिला पर्यवेक्षकों को यह निर्देश दिया गया है कि अपने अपने जिला संगठन की स्थिति बताएं,वह भी टाइम फ्रेम में। इन्हें हर हाल में 8 जनवरी तक अपने-अपने जिलों और प्रखंडों का दौरा कर संगठन की वास्तविक स्थिति के बारे में राज्य संगठन के सामने रखना है।
क्या मिली है जिम्मेदारी?
कांग्रेस ने सबसे पहले उन जिलों को चिह्नित किया है जहां संगठन नहीं है। उन जिलों के पर्यवेक्षकों को पहले जिला और फिर प्रखंड स्तर पर कमेटी गठित करनी है। इस नए संगठन में कांग्रेस के समर्पित नेताओं की पहचान कर शामिल करना सबसे बड़ा उद्देश्य रखा गया है। चुनाव के दौरान निष्क्रिय या भीतरघात का जिस पर आरोप लगे हैं उन्हें हटा कर संगठन को मजबूत बनाना है। प्रखंड लेवल के बाद पंचायत और फिर बूथ लेवल पर कमिटी गठित करनी है। इसकी पूरी रिपोर्ट को वो प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सामने रखेंगे। निष्क्रिय और कमजोर पदाधिकारी या कार्यकर्ता पर आला कमान अपनी तलवार चलाएंगे।
संगठन सृजन चल रहा है : असित नाथ तिवारी
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता असित नाथ तिवारी कहते हैं अभी संगठन का सृजन काल चल रहा है। अभी जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर पर कमेटी बनेगी। फिर इसके बाद गांव और बूथ लेवल कमिटी बनेंगी। दरअसल यह मुहिम जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने की चल रही है जहां विश्वसनीय और सक्रिय कांग्रेसी टिकेंगे। निष्क्रिय कांग्रेसियों को जिम्मेदारी से दूर करने में कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी।







