बिहार में एक बार फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है. दरअसल विशेष निगरानी विभाग (SVU) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भवन निर्माण विभाग के निदेशक (गुणवत्ता) गजाधर मंडल के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है. गजाधर मंडल फिलहाल दरभंगा में पदस्थापित हैं. विशेष निगरानी विभाग द्वारा दर्ज FIR संख्या 27/2025 के आधार पर यह कार्रवाई की गई है, जिसमें उन पर आय से अधिक 2 करोड़ 82 लाख रुपये की संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप लगाया गया है.
भागलपुर और पटना में एक साथ छापेमारी
सूत्रों के अनुसार, विशेष निगरानी विभाग की टीमों ने भागलपुर और पटना में स्थित गजाधर मंडल के कार्यालय और आवासीय परिसरों पर एक साथ दबिश दी. छापेमारी का उद्देश्य आय, निवेश, चल-अचल संपत्ति और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेजों की जांच करना है. टीम ने मौके पर मौजूद फाइलों, वित्तीय कागजात और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को खंगालना शुरू कर दिया ह.
FIR में क्या हैं आरोप
FIR में उल्लेख है कि गजाधर मंडल ने अपने ज्ञात वैध आय स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है. जांच एजेंसी के अनुसार, प्रारंभिक आकलन में करीब 2.82 करोड़ रुपये की आमदनी से ज्यादा संपत्ति सामने आई है. यह संपत्ति सेवा अवधि के दौरान अर्जित की गई बताई जा रही है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है.
दस्तावेज और संपत्तियों की हो रही जांच
छापेमारी के दौरान बैंक खातों, निवेश से जुड़े कागजात, जमीन-मकान से संबंधित दस्तावेजों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है। विशेष निगरानी विभाग यह भी पता लगाने में जुटा है कि कथित तौर पर अर्जित संपत्ति किन माध्यमों से और किन नामों पर रखी गई है.
जांच पूरी होने के बाद होगा खुलासा
विशेष निगरानी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच जारी है. छापेमारी और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले में आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी. यदि आरोप प्रमाणित होते हैं, तो गजाधर मंडल के खिलाफ आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. गौरतलब है कि बिहार में भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर विशेष निगरानी विभाग लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है. वरिष्ठ अधिकारियों के ठिकानों पर हो रही इस कार्रवाई से प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है.







