भारत की सबसे बड़ी और दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो बीते कुछ दिन से अपने इतिहास के सबसे कठिन दौर से गुजर रही है। रोजाना लगभग 2300 फ्लाइट्स ऑपरेट करने वाली और घरेलू एविएशन मार्केट में 60% से भी अधिक हिस्सेदारी रखने वाली इस एयरलाइन का मार्केट कैप मौजूदा संकट के बाद करीब 21,000 करोड़ रुपये तक घट चुका है। इसी बीच इंडिगो के परिचालन में उपजे संकट के 11वें दिन नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एक बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत डीजीसीए ने चार फ्लाइट इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है।
डीजीसीए ने ये कदम ऐसे समय में उठाया है जब गुरुवार को ही इंडिगो ने हालिया संकट से प्रभावित हुए यात्रियों के लिए रिफंड के बाद अब अतिरिक्त मुआवजे का एलान किया है। वहीं गुरुवार को ही दूसरी बार इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स डीजीसीए के समक्ष पेश हुए। बता दें कि इंडिगो ने शुक्रवार को भी बंगलूरू एयरपोर्ट से 54 उड़ानें रद्द की, जिनमें 31 आगमन और 23 प्रस्थान उड़ानें शामिल हैं। इससे पहले गुरुवार को दिल्ली और बंगलूरू से 200 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी थीं।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई इंडिगो में पिछले कुछ हफ्तों से चल रही ऑपरेशनल गड़बड़ियों और बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसलेशन के बाद की गई है. डीजीसीए को आशंका थी कि इंडिगो के सुरक्षा और ऑपरेशन की निगरानी में गंभीर लापरवाही हुई है. इसी कारण से डीजीसीए की विशेष टीम ने इन इंस्पेक्टरों की जिम्मेदारी, रिपोर्टिंग और पिछले महीनों की ओवरसाइट गतिविधियों का मूल्यांकन किया. प्रारंभिक जांच में कई अनियमितताएं और निगरानी में कई चूक मिलने के बाद यह सख्त कदम उठाया गया है.
सूत्रों के अनुसार, ये चारों इंस्पेक्टर इंडिगो की फ्लाइट्स की नियमित जांच, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, क्रू मैनेजमेंट, फ्लाइट शेड्यूलिंग और ऑपरेशनल कंप्लायंस की मॉनिटरिंग करते थे. इंडिगो में एफडीटीएल के नए नियमों, क्रू की उपलब्धता और ऑपरेशनल मिसमैनेजमेंट की वजह से बढ़ते संकट के बीच डीजीसीए की जवाबदेही भी बढ़ गई थी. इसलिए डीजीसीए ने यह सुनिश्चित करने के लिए कठोर रुख अपनाया है, जिससे भविष्य में एयरलाइंस की निगरानी में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो.
हालांकि दूसरी ओर डीजीसीए ने इंडिगो संकट के बीच अपनी जांच तेज कर दी है। अधिकारी एयरलाइन के मुख्यालय पर तैनात हैं और संचालन पर नजर रख रहे हैं। जांच समिति में जॉइंट डायरेक्टर जनरल संजय ब्रह्माने, डिप्टी डायरेक्टर जनरल अमित गुप्ता, वरिष्ठ एफओआई कपिल मंगलीक और एफओआई लोकेश रामपाल शामिल हैं। समिति का काम इंडिगो में बड़े पैमाने पर संचालन में हुई गड़बड़ी के कारणों की पहचान करना है।
गहन जांच के लिए डीजीसीए की तैयारी
समिति एयरलाइन के मानव संसाधन योजना, फ्लक्चुएटिंग रोस्टर सिस्टम और पायलटों के नए ड्यूटी पीरियड और रेस्ट नियमों के पालन की भी समीक्षा करेगी, जो एक नवंबर से लागू हुए हैं। ऐसे में डीजीसीए ने पूरी तरह से साफ किया है कि एयरलाइन संचालन में खामियों की जड़ तक पहुंचने के लिए सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी।
गौरतलब है कि इससे पहले गुरुवार को देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने हालिया संकट से प्रभावित हुए यात्रियों के लिए रिफंड के बाद अब अतिरिक्त मुआवजे का एलान किया है। हालांकि, यह राहत सिर्फ कुछ चुनिंदा यात्रियों को ही मिलेगी। इंडिगो ने कहा है कि अगर यात्रियों ने अपने टिकट किसी ट्रैवल पार्टनर प्लेटफॉर्म से लिया है तो उनके रिफंड के लिए सारी कार्रवाई शुरू कर दी गई हैं। हालांकि, एयरलाइन के पास सिस्टम में ऐसे यात्रियों की पूरी जानकारी नहीं है। ऐसे में वे यात्री इंडिगो की ईमेल आईडी- customer.experience@goindigo.in पर जानकारी दे सकते हैं। हम उनकी सहायता जारी रखेंगे।
इंडिगो ने आगे कहा कि 3, 4 और 5 दिसंबर को हमारे साथ यात्रा करने वाले लोगों का अनुभव खराब रहा और वे कई घंटों तक एयरपोर्ट पर ही फंसे रहे। इनमें से कई लोग जबरदस्त भीड़ की वजह से बुरी तरह प्रभावित हुए। हम ऐसे प्रभावित यात्रियों को 10 हजार रुपये के ट्रैवल वाउचर मुहैया कराएंगे। ये ट्रैवल वाउचर अगले 12 महीने में इंडिगो के साथ किसी भी यात्रा में इस्तेमाल किए जा सकेंगे।







