ADVERTISEMENT
Saturday, July 11, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

बांग्लादेश में चुनाव भारत के लिए क्यों है अहम………………….

UB India News by UB India News
December 12, 2025
in खास खबर, ब्लॉग
0
बांग्लादेश में चुनाव भारत के लिए क्यों है अहम………………….
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

बांग्लादेश में आज चुनाव की तारीखों का एलान हो गया। पूरे देश में 12 फरवरी को चुनाव की तारीख तय की गई है। इस शेड्यूल के सामने आने के बाद यह तय हो गया कि दो महीने बाद जब भारत अपने रिश्तों को लेकर बांग्लादेश से संपर्क में होगा, तब उसकी बात मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार नहीं, बल्कि एक स्थायी-चुनी हुई सरकार होगी। ऐसे में शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद अब भारत के लिए अगली सरकार से चर्चा की रणनीति काफी अहम होने वाली है।

1971 में बांग्लादेश की आजादी के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में उतार-चढ़ाव देखे गए हैं। हालांकि, 21वीं सदी के अधिकतर हिस्से में भारत-बांग्लादेश परस्पर सहयोगी रहे हैं। शेख हसीना के नेतृत्व में (2009-2024) के बीच बांग्लादेश सरकार ने भारत के पूर्वोत्तर में फैले उग्रवाद को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाई। खासकर उल्फा और एनडीएफबी जैसे संगठन, जो कभी बांग्लादेश से सप्लाई होने वाले हथियारों के जरिए भारत में आतंकी घटनाओं को अंजाम देते थे, उनकी गतिविधियों को रोकने में खासी सफलता हासिल हुई। बांग्लादेश की तरफ से इस तरह के कूटनीतिक सहयोग में किसी तरह का बदलाव भारत के उत्तर में स्थित क्षेत्र के लिए सुरक्षा का मुद्दा बन सकता है।
कौन सी पार्टियां लड़ रहीं चुनाव, किसका-कैसा रुख?
बांग्लादेश में चार पार्टियां मुख्य तौर पर मुकाबले में हैं। हालांकि, इसमें अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की आवामी लीग शामिल नहीं है। दरअसल, बीते साल जब हसीना के शासन के खिलाफ छात्र आंदोलन हिंसक हो गया तब वे बांग्लादेश छोड़कर भारत आने को मजबूर हो गईं। इसके बाद बांग्लादेश में बनी मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने कट्टरपंथी ताकतों के दबाव में न सिर्फ आवामी लीग को प्रतिबंधित कर दिया, बल्कि शेख हसीना के खिलाफ उनकी गैरमौजूदगी में कई केस भी चलवाए। इनमें से एक केस का फैसला इसी साल नवंबर में आया, जिसमें अपदस्थ पीएम को मौत की सजा सुनाई गई। चूंकि शेख हसीना भारत में हैं, इसलिए उन्हें सजा नहीं दी जा सकती। बांग्लादेश में यह भी एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी)

  • बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की नींव देश के प्रधानमंत्री रहे जिया-उर-रहमान ने की थी। फिलहाल उनकी पत्नी खालिदा जिया इसका नेतृत्व कर रही हैं।
  • यह पार्टी 1979, 1991, 1996, 2001 में सत्ता हासिल करने में भी सफल हुई है। बांग्लादेश में शेख हसीना के दौर में बीएनपी प्रमुख विपक्षी दल रहा।
  • बीएनपी ने 2024 के आम चुनाव का बहिष्कार किया था। इस पार्टी ने तब शेख हसीना पर भारत को ज्यादा करीब रखने का आरोप लगाया था और राष्ट्रवाद को मुद्दा बनाया था।
  • 3 दिसंबर को बीएनपी ने आम चुनाव के लिए 237 सीटों पर उम्मीदवारों का भी एलान कर दिया। हालांकि, इसकी प्रमुख नेता खालिदा का स्वास्थ्य लगातार खराब हुआ है।

जमात-ए-इस्लामी (जेआई)

RELATED POSTS

स्वदेशी युद्धपोत महेंद्रगिरि को भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े में हुआ शामिल ,क्यों खास आईएनएस महेंद्रगिरि ……

दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद क्यों हुआ बवाल……….

  • जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश का सबसे बड़ा इस्लामिक दल है। 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान जमात पर पाकिस्तान का साथ देने और बांग्ला भाषियों के साथ ही बर्बरता के आरोप लगे थे।
  • यह पार्टी इतिहास के अधिकतर समय प्रतिबंध झेल रही थी। शेख हसीना के हटने के बाद 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने इन पाबंदियों को हटाया और जमात का राजनीति में लौटने का रास्ता साफ हो गया।
  • जमात-ए-इस्लामी की राजनीतिक ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसने सितंबर 2025 में ढाका यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनावों में जबरदस्त जीत हासिल की।

नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी)

  • नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) का उभार छात्र आंदोलन के चलते हुआ था। इसका गठन उन छात्रों की तरफ से किया गया है, जिन्होंने अगस्त 2024 में शेख हसीना के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व किया था और उन्हें हटाने में बड़ी भूमिका निभाई थी।
  • इस पार्टी का नेतृत्व नाहिद इस्लाम जैसे छात्र नेता कर रहे हैं, जो कि यूनुस की अंतरिम सरकार में सलाहकार की भूमिका में भी रहे। इस पार्टी का फोकस वंशवादी राजनीति को खत्म करना और इसके लिए ढाचांगत बदलाव लाना है।

 

बांग्लादेश में आज चुनाव की तारीखों का एलान हो गया। पूरे देश में 12 फरवरी को चुनाव की तारीख तय की गई है। इस शेड्यूल के सामने आने के बाद यह तय हो गया कि दो महीने बाद जब भारत अपने रिश्तों को लेकर बांग्लादेश से संपर्क में होगा, तब उसकी बात मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार नहीं, बल्कि एक स्थायी-चुनी हुई सरकार होगी। ऐसे में शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद अब भारत के लिए अगली सरकार से चर्चा की रणनीति काफी अहम होने वाली है।

1971 में बांग्लादेश की आजादी के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में उतार-चढ़ाव देखे गए हैं। हालांकि, 21वीं सदी के अधिकतर हिस्से में भारत-बांग्लादेश परस्पर सहयोगी रहे हैं। शेख हसीना के नेतृत्व में (2009-2024) के बीच बांग्लादेश सरकार ने भारत के पूर्वोत्तर में फैले उग्रवाद को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाई। खासकर उल्फा और एनडीएफबी जैसे संगठन, जो कभी बांग्लादेश से सप्लाई होने वाले हथियारों के जरिए भारत में आतंकी घटनाओं को अंजाम देते थे, उनकी गतिविधियों को रोकने में खासी सफलता हासिल हुई। बांग्लादेश की तरफ से इस तरह के कूटनीतिक सहयोग में किसी तरह का बदलाव भारत के उत्तर में स्थित क्षेत्र के लिए सुरक्षा का मुद्दा बन सकता है।
कौन सी पार्टियां लड़ रहीं चुनाव, किसका-कैसा रुख?
बांग्लादेश में चार पार्टियां मुख्य तौर पर मुकाबले में हैं। हालांकि, इसमें अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की आवामी लीग शामिल नहीं है। दरअसल, बीते साल जब हसीना के शासन के खिलाफ छात्र आंदोलन हिंसक हो गया तब वे बांग्लादेश छोड़कर भारत आने को मजबूर हो गईं। इसके बाद बांग्लादेश में बनी मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने कट्टरपंथी ताकतों के दबाव में न सिर्फ आवामी लीग को प्रतिबंधित कर दिया, बल्कि शेख हसीना के खिलाफ उनकी गैरमौजूदगी में कई केस भी चलवाए। इनमें से एक केस का फैसला इसी साल नवंबर में आया, जिसमें अपदस्थ पीएम को मौत की सजा सुनाई गई। चूंकि शेख हसीना भारत में हैं, इसलिए उन्हें सजा नहीं दी जा सकती। बांग्लादेश में यह भी एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी)

  • बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की नींव देश के प्रधानमंत्री रहे जिया-उर-रहमान ने की थी। फिलहाल उनकी पत्नी खालिदा जिया इसका नेतृत्व कर रही हैं।
  • यह पार्टी 1979, 1991, 1996, 2001 में सत्ता हासिल करने में भी सफल हुई है। बांग्लादेश में शेख हसीना के दौर में बीएनपी प्रमुख विपक्षी दल रहा।
  • बीएनपी ने 2024 के आम चुनाव का बहिष्कार किया था। इस पार्टी ने तब शेख हसीना पर भारत को ज्यादा करीब रखने का आरोप लगाया था और राष्ट्रवाद को मुद्दा बनाया था।
  • 3 दिसंबर को बीएनपी ने आम चुनाव के लिए 237 सीटों पर उम्मीदवारों का भी एलान कर दिया। हालांकि, इसकी प्रमुख नेता खालिदा का स्वास्थ्य लगातार खराब हुआ है।

जमात-ए-इस्लामी (जेआई)

  • जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश का सबसे बड़ा इस्लामिक दल है। 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान जमात पर पाकिस्तान का साथ देने और बांग्ला भाषियों के साथ ही बर्बरता के आरोप लगे थे।
  • यह पार्टी इतिहास के अधिकतर समय प्रतिबंध झेल रही थी। शेख हसीना के हटने के बाद 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने इन पाबंदियों को हटाया और जमात का राजनीति में लौटने का रास्ता साफ हो गया।
  • जमात-ए-इस्लामी की राजनीतिक ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसने सितंबर 2025 में ढाका यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनावों में जबरदस्त जीत हासिल की।

नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी)

  • नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) का उभार छात्र आंदोलन के चलते हुआ था। इसका गठन उन छात्रों की तरफ से किया गया है, जिन्होंने अगस्त 2024 में शेख हसीना के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व किया था और उन्हें हटाने में बड़ी भूमिका निभाई थी।
  • इस पार्टी का नेतृत्व नाहिद इस्लाम जैसे छात्र नेता कर रहे हैं, जो कि यूनुस की अंतरिम सरकार में सलाहकार की भूमिका में भी रहे। इस पार्टी का फोकस वंशवादी राजनीति को खत्म करना और इसके लिए ढाचांगत बदलाव लाना है।

 

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

स्वदेशी युद्धपोत महेंद्रगिरि को भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े में हुआ शामिल ,क्यों खास आईएनएस महेंद्रगिरि ……

स्वदेशी युद्धपोत महेंद्रगिरि को भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े में हुआ शामिल ,क्यों खास आईएनएस महेंद्रगिरि ……

by UB India News
July 11, 2026
0

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े में छठे प्रोजेक्ट 17ए स्वदेशी स्टील्थ...

दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद क्यों हुआ बवाल……….

दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद क्यों हुआ बवाल……….

by UB India News
July 11, 2026
0

नरोत्तम मिश्रा मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दिग्गज नेताओं में गिने जाते रहे हैं. शिवराज सिंह चौहान...

विधानसभा चुनाव :  BJP ने असम के लिए 88 और केरल के लिए 39 उम्मीदवारों का ऐलान………..

बांकीपुर को लेकर बीजेपी इतना अव्यवस्थित क्यों है ! …

by UB India News
July 11, 2026
0

बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी ने अपने पहले उम्मीदवार अभिषेक बंटी (पिता का चारा घोटाले में नाम होने...

विश्व जनसंख्या दिवस : हर हाथ को अवसर, हर जीवन को सम्मान…………….

विश्व जनसंख्या दिवस : हर हाथ को अवसर, हर जीवन को सम्मान…………….

by UB India News
July 11, 2026
0

दस वर्ष पूर्व जहां बढ़ती जनसंख्या पूरी दुनिया के लिए चिंता थी, वहीं आज घटती जनसंख्या को लेकर मंथन किए...

बांकीपुर उपचुनाव: तीन चेहरे, तीन दावे और मतदाता की असली परीक्षा

बांकीपुर उपचुनाव: तीन चेहरे, तीन दावे और मतदाता की असली परीक्षा

by UB India News
July 10, 2026
0

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव अब केवल भाजपा और राजद के बीच की लड़ाई नहीं रह गया है। यह चुनाव भाजपा के...

Next Post
यूपी बीजेपी के नए अध्यक्ष का ऐलान 14 दिसंबर को……….

यूपी बीजेपी के नए अध्यक्ष का ऐलान 14 दिसंबर को..........

राहुल ने संसद में सरकार को क्यों भेजी ‘फ्रेंडशिप रिक्वेस्ट’?

राहुल ने संसद में सरकार को क्यों भेजी ‘फ्रेंडशिप रिक्वेस्ट’?

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend