पाकिस्तान में गृह युद्ध का काउंटडाउन शुरू हो गया है। इमरान की पार्टी के नेता थोड़ी देर में अडियाला जेल की तरफ प्रोटेस्ट मार्च करेंगे। इस बीच इमरान की बहन नोरीन नियाज़ी का बड़ा बयान सामने आया है और नोरीन नियाज़ी ने कहा है कि जेल में इमरान के ऊपर बहुत जुल्म हो रहा है। इमरान को कैद-ए-तन्हाई में रखकर उनपर अत्याचार किया जा रहा है… नोरीन ने कहा है कि मुनीर किसी एक से भी इमरान को मिला दे तो बात नहीं बिगड़ेगी।
इमरान समर्थक अडियाला जेल पहुंच रहे हैं, गाड़ियों से इमरान समर्थक अडियाला जेल की तरफ निकल गए हैं। जेल में इमरान से उनके परिवार की मुलाकात की डिमांड है। वहीं, पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से खबर है कि शहबाज़ शरीफ नवाज शरीफ से मिलने लाहौर पहुंचे हैं। इमरान को लेकर पाकिस्तानी मीडिया का दावा, ‘नोटिफिकेशन तक इमरान से किसी की मुलाकात नहीं’। इसके साथ ही आसिम मुनीर के नोटिफिकेशन को लेकर मुलाकात हो सकती है और मुनीर के नोटिफिकेशन पर बड़ा फैसला हो सकता है।
थोड़ी देर में पाकिस्तान में अहम मीटिंग
इस मीटिंग में मुनीर के भविष्य पर फैसला हो सकता है। मुनीर का सीडीएफ नोटिफिकेशन जारी होगा या नहीं और ये आज क्लियर हो जाएगा। मुनीर का नोटिफिकेशन अभी तक जारी नहीं हुआ है..वहीं इमरान के करीबी पत्रकार ने दावा किया है कि पाकिस्तान आर्मी में अभी चार पद खाली हैं। CDF आर्मी के वाइस चीफ और स्ट्रेटिजिक कमांड के हेड का पद खाली है। इसके अलावा ISI चीफ की पोस्ट भी अभी खाली है। सीडीएफ के लिए आसिम मुनीर नोटिफिकेशन का इंतज़ार कर रहा है, जबकि स्ट्रेटिजिक कमांड के हेड की पोस्ट भी काफी अहम है और इसके पास पाकिस्तान के एटम बम की हिफ़ाज़त की ज़िम्मेदारी है।
मुनीर के नोटिफिकेशन को लेकर सस्पेंस गहराता जा रहा है। इस बीच मुनीर के बेहद ख़ास और पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी का बयान सामने आया है। मोहसिन नकवी ने कहा है कि CDF के नोटिफ़िकेशन का कोई मसला नहीं है, नोटिफ़िकेशन की देरी पर जो लोग सवाल उठा रहे हैं, उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।
पाकिस्तान में गृहयुद्ध का काउंटडाउन शुरू हो चुका है
रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद इमरान की पिछले 29 दिनों से कोई ख़बर नहीं है। इमरान की बहनें अडियाला जेल पहुंच चुकी हैं। उधर इमरान की पार्टी के नेता बड़ा प्रोटेस्ट मार्च निकालने जा रहे हैं। PTI के सांसद और विधायक अडियाला जेल पर धावा बोलने जा रहे हैं। इमरान के समर्थन में होने जा रहे इस प्रोटेस्ट मार्च को कुचलने के लिए मुनीर ने चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात कर दी है। इमरान के समर्थक आज की मुलाकात पर अड़े हैं, लेकिन मुनीर और शहबाज़ किसी भी सूरत में समर्थकों की इमरान से मुलाकात नहीं करवाना चाहते हैं यानी आज इस्लामबाद से लेकर रावलपिंडी तक भयंकर टकराव होगा।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी, तहरीक-ए-इंसाफ़ के ‘चलो अडियाला’ की कॉल के बाद समर्थकों ने रावलपिंडी की तरफ बढ़ना शुरू कर दिया है। पेशावर, लाहौर, फ़ैसलाबाद और हरिपुर से इमरान समर्थकों का काफिला बढ़ रहा है। इमरान ख़ान की रावलपिंडी की अडियाला जेल से रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन आज आहूत किया गया है। ख़ैबर-पख्तूनख्वा के सीएम सोहेल अफ़रीदी ने आज प्रदर्शन का एलान किया है। बता दें कि इमरान खान की मौत की लगातार अफवाहों और अशांति की आशंकाओं के बीच, सरकार ने रावलपिंडी में धारा 144 लागू कर दी है और सार्वजनिक समारोहों पर प्रतिबंध लगा दिया है।
रावलपिंडी के उपायुक्त डॉ. हसन वकार चीमा के कार्यालय द्वारा हस्ताक्षरित आदेश में कहा गया है कि दंड प्रक्रिया संहिता (पंजाब संशोधन) अधिनियम, 2024 की धारा 144 तीन दिनों के लिए – 1 दिसंबर से 3 दिसंबर तक – लागू रहेगी।
आज और कल जारी रहेंगे ये प्रतिबंध
- सभी प्रकार की सभाएं, जलसे, धरना, रैलियां, जुलूस, प्रदर्शन, जलसे, धरने, विरोध प्रदर्शन और पांच या अधिक लोगों के जमावड़े पर प्रतिबंध रहेगा।
- हथियार, कीलें, लदे हुए डंडे, गुलेल (गोफन), बॉल बेयरिंग, पेट्रोल बम, तात्कालिक विस्फोटक या कोई अन्य उपकरण ले जाने पर प्रतिबंध है।
- हथियारों का प्रदर्शन (एलईएएस द्वारा ले जाए जाने वाले हथियारों के अलावा) नहीं कर सकते हैं।
- आपत्तिजनक या घृणास्पद भाषण नहीं दिया जा सकता है।
- लोगों के जमावड़े या यातायात की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए पुलिस द्वारा लगाए गए किसी भी प्रतिबंध को हटाने का प्रयास ना करें।
- वाहन चालक पीछे की सीट पर सवारी नहीं बैठा सकते ।
- कहीं भी लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं किया जाएगा।
- एक दिसंबर को जारी आदेश में कहा गया है कि ज़िला रावलपिंडी की सीमाओं के भीतर खतरे को देखते हुए ये प्रतिबंध “सार्वजनिक सुरक्षा, सुरक्षा, शांति और सौहार्द” सुनिश्चित करने के लिए लगाए जा रहे हैं।
खुफिया जानकारी के बाद जारी आदेश
आदेश में कहा गया है कि, “ज़िला ख़ुफ़िया समिति (डीआईसी) ने विशिष्ट ख़ुफ़िया जानकारी दी है जिससे पता चलता है कि कुछ समूह और तत्व बड़ी सभाओं, विरोध प्रदर्शनों और विघटनकारी सभाओं के माध्यम से कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ने के इरादे से सक्रिय रूप से लामबंद हो रहे हैं और ये तत्व संवेदनशील स्थानों को निशाना बना सकते हैं, प्रमुख प्रतिष्ठानों और अन्य संवेदनशील स्थलों के पास हिंसक कार्रवाई करने की क्षमता रखने वाले व्यक्तियों को लामबंद कर सकते हैं, जिससे सार्वजनिक शांति और सौहार्द को ख़तरा हो सकता है।”
परिवार ने इमरान खान के जीवित होने का मांगा प्रमाण
कभी विश्व कप विजेता क्रिकेटर रहे ख़ान अगस्त 2023 से जेल में हैं, क्योंकि उन्हें कई मामलों में दोषी ठहराया गया था, जिनके बारे में उन्होंने दावा किया है कि वे राजनीति से प्रेरित हैं। तब से उन्हें रावलपिंडी की अदियाला जेल में रखा गया है। खान के परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्हें एक महीने से अधिक समय से उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई है और उन्होंने उनके जीवित होने का प्रमाण मांगा है। उनकी बहनें जेल के बाहर धरने पर बैठी हैं।







