पटनाः बिहार में नई सरकार के गठन के बाद विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज 1 दिसंबर से शुरू हो रहा है. सत्र के पहले दिन जीते हुए सभी 243 विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी. सत्र के दौरान राजद नेता तेजस्वी यादव भी सदन में मौजूद रहेंगे. लोगों को उम्मीद है कि वह विधानसभा चुनाव परिणाम और राजद की अगुवाई वाले महागठबंधन की करारी हार पर अपना पक्ष रखेंगे.
चुनाव परिणाम के बाद तेजस्वी यादव ने मीडिया का सामना नहीं किया है. उन्होंने केवल ट्वीट के माध्यम से नीतीश कुमार को जीत की बधाई दी थी. चूंकि तेजस्वी यादव को राजद और महागठबंधन विधायक दल का नेता चुना गया है. इसलिए वे सदन में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाएंगे.
स्पीकर पद के चुनाव की प्रक्रिया होगी शुरू
वरिष्ठ जदयू विधायक नरेंद्र नारायण यादव को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया है. वे सबसे पहले खुद शपथ लेंगे. जिसके बाद बाकी सभी विधायकों को शपथ दिलाएंगे. स्पीकर पद के लिए चुनाव प्रक्रिया भी आज से शुरू होगी. शपथ ग्रहण के बाद स्पीकर पद के लिए नामांकन दाखिल किया जाएगा और नामांकन वापस लेने का मौका भी आज भर ही रहेगा. 2 दिसंबर को सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर का चुनाव कराया जाएगा.
बता दें कि 14 नवंबर को चुनाव का परिणाम आया था. जिसमें एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिला. वहीं, महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा. 243 सीटों वाली विधानसभा में NDA ने 202 सीटों पर शानदार जीत हासिल करके दो-तिहाई बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की. इस चुनाव में बीजेपी 89 सीटें जीतकर गठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, उसके बाद नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जनता दल (यूनाइटेड) को 85 सीटें मिलीं, जबकि चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) ने 19 सीटें जीतीं.
इसके विपरीत तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा और वह केवल 35 सीटों पर सिमट गया. जिसमें राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को सिर्फ 25 सीटें और कांग्रेस को 6 सीटें मिलीं. इस निर्णायक जनादेश ने नीतीश कुमार को दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने का मौका दिया और बिहार की राजनीति में NDA के वर्चस्व को पुनः स्थापित किया.
समाज के किसी भी तबके में कोई उपेक्षा या नाराजगी का भाव लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं………
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