बिहार की राजनीति में इन दिनों लालू प्रसाद यादव के महुआबाग स्थित विवादित बंगले को लेकर हलचल तेज हो गई है. इसको लेकर फिर से सवाल उठे हैं और कानूनी कार्रवाई की बात होने लगी है. राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड खाली करने के नोटिस के बाद अब लालू यादव का यह बंगला दोबारा सुर्खियों में है.सत्ता पक्ष ने साफ कहा है कि-कानून सबके लिए बराबर है, चाहे कोई कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो.
लालू परिवार का यह महुआ बाग बंगला पिछले कई सालों से विवादों में रहा है. करीब 2 एकड़ से ज्यादा जमीन पर फैला यह आलीशान बंगला पटना के सबसे पॉश इलाकों में गिना जाता है. सूत्रों की मानें तो इस बंगले की कीमत आज के समय में सैकड़ों करोड़ रुपये है. विपक्ष बार-बार आरोप लगाता रहा है कि लैंड फॉर जॉब घोटाले के दौरान रेलवे की नौकरी के बदले मिली जमीनें इसी बंगले के लिए इस्तेमाल की गईं. ईडी ने पहले ही लालू परिवार की कई संपत्तियों को जब्त किया है, जिनमें इस बंगले से जुड़े कुछ हिस्से भी शामिल हैं.
आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के महुआ बाग के निर्माणाधीन बंगले को लेकर सियासत तेज हो गई है. रविवार देर रात पटना पहुंचे लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है. पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में चिराग पासवान ने साफ कहा कि अगर बंगला गलत दस्तावेजों या अवैध आधार पर बनाया जा रहा है तो यह भी जांच के दायरे में आएगा.
‘कागज गलत हुआ तो कार्रवाई होगी’
चिराग पासवान ने कहा कि लालू यादव की मौजूदा परेशानियों की जड़ लैंड फॉर जॉब स्कैम है और इसी घोटाले ने कई सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने तंज करते हुए कहा, मुझे नहीं पता बंगला कितना वैध है या कितने गलत आधार पर खड़ा है, लेकिन अगर कागजात गड़बड़ हुए तो कार्रवाई तय है. उन्होंने कहा कि भारत में कानून सबके लिए बराबर है. चाहे वह आम नागरिक हो या बड़ा नेता, किसी को भी जांच से बचने का अधिकार नहीं है. चिराग पासवान ने कहा कि जांच एजेंसियां राजनीतिक दबाव में नहीं बल्कि सबूतों के आधार पर काम कर रही हैं.
चिराग पासवान ने कहा, लैंड फॉर जॉब घोटाला ही लालू जी को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रहा है. उस घोटाले से जो भी संपत्ति बनी है, चाहे वह बंगला हो या कुछ और, सब जांच के घेरे में आएगी. बीजेपी की सरकार में जांच एजेंसियां किसी के दबाव में नहीं काम करतीं. गलत किया है तो बचने का कोई रास्ता नहीं. चिराग यहीं नहीं रुके. उन्होंने कहा, कानून के सामने सब बराबर हैं. कोई नेता यह कहकर नहीं बच सकता कि मेरे खिलाफ राजनीतिक साजिश हो रही है. जनता सब समझती है.
राबड़ी देवी को नोटिस के बाद बढ़ा राजनीतिक तापमान
बता दें कि पटना में लालू परिवार के इस बंगले को लेकर बिहार की सियासत में पहले भी कई बार हंगामा हो चुका है. वर्ष 2022 में ईडी की छापेमारी के दौरान भी इस बंगले का नाम सामने आया था. अब चिराग पासवान का ताजा बयान एक बार फिर इस बंगले को सुर्खियों में ला रहा है. अब जब 10 सर्कुलर रोड का बंगला खाली करने का नोटिस राबड़ी देवी को मिल चुका है तब महुआबाग वाला मामला फिर सुर्खियों में है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है.