18वीं विधानसभा के पहले सत्र में नवनिर्वाचित सदस्यों ने शपथ ली। बाहुबली राजबल्लभ की पत्नी और नवादा से जदयू विधायक विभा देवी शपथ पत्र नहीं पढ़ पाईं। अटक-अटक के किसी तरह से शपथ पढ़ रही थीं। इस बीच उन्होंने पास बैठी विधायक मनोरमा देवी से बताने को कहा। फिर मनोरमा देवी के प्रॉम्प्ट करने के बाद उन्होंने टूट-फूटे शब्दों में शपथ ली।
वहीं बाहुबली अशोक महतो की पत्नी और वारिसलीगंज विधायक अनीता देवी ने बहुजन के नेताओं कोट करते हुए शपथ लेना शुरू किया। उन्होंने कहा, मैं बहुजन समाज की बेटी अनीता, रुहानी आशीर्वाद लेते हुए बाबा साहब को यादव करते हुए शपथ लेती हूं…. जिसके बाद प्रोटेम स्पीकर ने उन्हें टोका। उन्होंने दोबारा अपना नाम लेते हुए शपथ पढ़ी।
बेतिया से बीजेपी विधायक और पूर्व डिप्टी सीएम रेणु देवी ने सदन में गलत शपथ ली। जिसके बाद प्रोटेम स्पीकर ने उन्हें टोका और फिर से शपथ पढ़वाई।
अनंत सिंह समेत 6 विधायक की शपथ बाकी
मोकामा से निर्वाचित जदयू विधायक अनंत सिंह आज की कार्यवाही में शामिल नहीं हुए हैं। चुनाव के दौरान हुई राजद नेता दुलारचंद की हत्या के आरोप में वे जेल में हैं।
सदन की कार्यवाही कल मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है। आज 6 विधायक सदन नहीं पहुंचे, जिन्हें कल शपथ दिलाई जाएगी।
कई विधायकों ने मैथिली, संस्कृत, इंग्लिश और उर्दू में शपथ ली
मंत्रियों के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शपथ ली। अरुण शंकर प्रसाद, गौराबोराम से सुजीत, विनोद नारायण झा,सुधांशु, मीना कुमारी, आसिफ़ अहमद, माधव आनंद और नीतीश मिश्रा,मैथिली ठाकुर ने मैथिली भाषा में शपथ ली।
आबिदुर्रहमान, कमरूल होदा, कोचाधामन से सरबर आलम, अमौर से अख्तरुल ईमान और जोकीहाट विधायक मुर्शीद आलम ने उर्दू में शपथ ली। सीमांचल के विधायकों ने अंत में जय बिहार-जय सीमांचल कहा।
दरौली से LJP (R) विधायक विष्णुदत्त पासवान और बिक्रम से सिद्धार्थ सौरभ, शाहपुर से रमेश रंजन, शिवहर विधायक चेतन आनंद और डुमराव से राहुल कुमार सिंह ने इंग्लिश में शपथ ली।
पूर्व डिप्टी सीएम और कटिहार से विधायक तारकिशोर प्रसाद, सोनबरसा से विधायक रत्नेश सदा,संजय सिंह,पीरपैंती से मुरारी पासवान, रोसड़ा से वीरेंद्र कुमार और बैकुंठपुर से विधायक मिथिलेश तिवारी ने संस्कृत में शपथ ली।
कोई ऑटो चलाकर, कोई चप्पल में पहुंचे
इससे पहले गयाजी के टेकारी से विधायक अजय कुमार डांगी ऑटो चलाकर विधानसभा पहुंचे। बीजेपी के सीनियर लीडर और 8 बार के विधायक प्रेम कुमार ने सदन को प्रणाम किया। राजद विधायक गौतम ऋषि हवाई चप्पल में विधानसभा पहुंचे।
वहीं सदन पहुंचे राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा, ‘ये सरकार वोट चोरी से बनी है। जनता ने इन्हें नहीं चुना है। हमारी संख्या भले कम हो, लेकिन आवाज उतनी ही बुलंद है।’
कल होगा विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव
प्रोटेम स्पीकर नरेंद्र नारायण यादव ने सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई । कल 2 दिसंबर को विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा।
3 दिसंबर को दोनों सदनों की बैठक को राज्यपाल संबोधित करेंगे। 4 दिसंबर को राज्यपाल के भाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर सरकार जवाब देगी। आखिरी दिन 5 दिसंबर को द्वितीय अनुपूरक व्यय विवरणी पर चर्चा होगी।
इस सत्र के साथ ही बिहार विधानसभा अब हाईटेक बन गई है. सदन की प्रत्येक सीट पर डिजिटल टैब स्थापित किए गए हैं, जिसके माध्यम से विधायक प्रश्नोत्तर, प्रस्ताव, विधेयकों की प्रतियां और अन्य सभी दस्तावेज सीधे टैब पर देख सकेंगे. यह कदम विधानसभा की कार्यवाही को पेपरलेस बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है.
इसके अलावा सदन में एक उन्नत माइक्रोफोन सिस्टम भी लगाया गया है, ताकि भाषण और संवाद के दौरान कोई तकनीकी बाधा न आए. नए ऑडियो-विजुअल उपकरण न केवल कार्यवाही की गुणवत्ता सुधारेंगे, बल्कि रिकॉर्डिंग प्रणाली को भी मजबूत करेंगे. इन तकनीकी उन्नयनों से सदन की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ने की उम्मीद है.
बिहार में नई सरकार के गठन के बाद 18वीं विधानसभा का पहला सत्र आज यानी सोमवार से शुरू हो रहा है। शीतकालीन सत्र 5 दिसंबर तक चलेगा। पहले दिन नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी। विधायकों का सदन पहुंचना शुरू हो गया है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी भी विधानसभा पहुंच गए हैं। प्रोटेम स्पीकर नरेंद्र नारायण यादव सभी को शपथ दिलाएंगे। राज्यपाल ने उन्हें प्रोटेम स्पीकर चुना है। 2 दिसंबर को विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा। 3 दिसंबर को दोनों सदनों की बैठक को राज्यपाल संबोधित करेंगे। 4 दिसंबर को राज्यपाल के भाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर सरकार जवाब देगी। 5 सितंबर को द्वितीय अनुपूरक व्यय विवरणी पर चर्चा होगी।
बिहार विधानसभा सत्र के दौरान आज क्या-क्या होगा?
सत्र के पहले दिन आज सबसे पहले नवनिर्वाचित 243 विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी. प्रोटेम स्पीकर के रूप में वरिष्ठ जदयू विधायक नरेंद्र नारायण यादव को नियुक्त किया गया है. वे सबसे पहले खुद शपथ लेंगे और उसके बाद बाकी सभी विधायकों को शपथ दिलाएंगे. शपथ ग्रहण के बाद स्पीकर पद के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया होगी. नामांकन वापसी का भी आज भर ही मौका रहेगा. 2 दिसंबर को सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर का चुनाव कराया जाएगा.
सत्र में जहां विपक्ष ने सरकार को घेरने की तैयारी की है। पहले दिन नवनिर्वाचित 243 विधायकों का शपथ ग्रहण होगा। साथ ही नए विस अध्यक्ष के लिए नामांकन भी होगा, जबकि दो दिसंबर को अध्यक्ष का निर्वाचन होगा। विधान परिषद का सत्र केवल तीन दिनों का होगा। यह तीन से पांच दिसंबर तक चलेगा। एक दिसंबर को प्रोटेम स्पीकर नरेन्द्र नारायण यादव नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाएंगे। अगले दिन नवनिर्वाचित विधायकों में से ही विधानसभा अध्यक्ष का विधिवत चुनाव होगा। तीन दिसंबर को राज्यपाल दोनों सदनों के सदस्यों को संबोधित करेंगे। इसी दिन राज्यपाल की ओर से प्रख्यापित अध्यादेशों की प्रतियां सदन पटल पर रखी जाएंगी। द्वितीय अनुपूरक बजट भी सदन में पेश होगा। चार दिसंबर को दोनों सदनों में राज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर वाद-विवाद और सरकार का उत्तर होगा। सत्र के अंतिम दिन पांच दिसंबर को दोनों सदनों में द्वितीय अनुपूरक बजट वाद-विवाद, मतदान होगा। इसी दिन इसपर मुहर लगेगी और फिर विनियोग विधेयक पेश होंगे।
संसदीय कार्यमंत्री विजय चौधरी ने कहा कि सरकार ने सदन संचालन को लेकर अपने स्तर से पूरी तैयारी की है। सरकार सदन के अंदर विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने को तैयार है।
18वीं विधानसभा में सदन के अंदर का गणित इस बार पूरी तरह बदला हुआ होगा। सदन के अंदर की लगभग 85 फीसदी सीटों पर एनडीए विधायक ही दिखेंगे। विपक्ष की ओर एक ब्लॉक में ही विपक्ष के सभी विधायक बैठेंगे। हालांकि विपक्ष के दलीय नेताओं को सामने वाली बेंच पर जगह दी जाएगी। यह बगल के ब्लॉक में होगी। इनमें राजद, कांग्रेस, भाकपा माले, सीपीएम, आईआईपी के अलावा एआईएमआईएम और बसपा विधायक दल के नेता अगली कतार में बैठेंगे। एनडीए ने 2010 के बाद इस बार 243 सीटों में सर्वाधिक 202 सीटें जीती हैं। इसके पहले 2010 में एनडीए ने 206 सीटों पर जीत हासिल की थी। आजादी के बाद यह पहली विधानसभा है, जिसमें कोई निर्दलीय विधायक जीत कर नहीं आया है। भाजपा ने 89, जबकि जदयू ने 85 सीटें जीती हैं। मुख्य विपक्षी पार्टी राजद को 25 और कांग्रेस को छह सीटों पर जीत मिली है।







