सोमवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में पक्ष और विपक्ष में भिड़ंत के आसार हैं। सरकार की ओर से रविवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने एक सुर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर दोनों सदनों में चर्चा की मांग की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सभी दलों से सत्र सुचारू रूप से चलाने की अपील की गई। एसआईआर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों में कई नेता हैं जो संसद चलाना और मुद्दे उठाना चाहते हैं। इसलिए यह कहना उचित नहीं है कि सभी दल कार्यवाही बाधित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, विपक्ष ने कई मुद्दे रखे, उनमें से एसआईआर एक है। बैठक में 36 दलों के 50 नेता पहुंचे थे।
सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने एसआईआर का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। सरकार की अपील के बावजूद विपक्ष के तेवर सख्त हैं। कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि एसआईआर पर चर्चा नहीं होती है तो साफ है कि सरकार सदन नहीं चलाना चाहती। सपा ने कहा, एसआईआर पर चर्चा नहीं होती है तो वह संसद नहीं चलने देगी। तृणमूल नेता कल्याण बनर्जी ने कहा, हम संसद चलाना चाहते हैं, पर सरकार को भी विपक्ष की बात सुननी होगी।
मानसून सत्र में लोकसभा में 29% ही काम हो सका
मानसून सत्र के दौरान भी बिहार में एसआईआर मुद्दे पर जबरदस्त हंगामा हुआ था। सदन की कार्यवाही लगातार कई दिनों तक बाधित रही। हालांकि, बाद में सरकार ने हंगामे की बीच कुछ अहम विधेयक पारित कराए। मानसून सत्र में लोकसभा 29 फीसदी और राज्यसभा 34 प्रतिशत काम कर पाई।
विपक्षी दलों के मुद्दे
● मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर संसद में चर्चा
● दिल्ली धमाके के बाद सुरक्षा और सुरक्षा एजेंसियों की विफलता
● राजधानी में बढ़ता प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती
● बेरोजगारी और आर्थिक चुनौतियों पर व्यापक बहस हो
● विदेशी नीति की विफलता







