बिहार में पर्यटन सुविधाओं को मजबूत और विश्वस्तरीय बनाने के लिए आज विभाग में महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई। पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद के पदभार संभालने के बाद पहली विभागीय समीक्षा बैठक पर्यटन निदेशालय सभागार में की। जिसमें विभाग की योजनाओं, प्रगति और आगे की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में पर्यटन सचिव लोकेश कुमार सिंह, निदेशक सह विशेष सचिव उदयन मिश्रा समेत निगम और विभाग के तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
विभागीय प्रस्तुति ने मंत्री को किया प्रभावित
पर्यटन सचिव लोकेश कुमार सिंह ने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से विभाग की संरचना, कार्यप्रणाली और प्रमुख योजनाओं की जानकारी दी। वहीं निदेशक उदयन मिश्रा ने बिहार के प्रमुख पर्यटन सर्किट—बुद्ध सर्किट, ईको सर्किट, सिख सर्किट, जैन सर्किट, रामायण सर्किट, सूफी सर्किट, शिव शक्ति सर्किट और गांधी सर्किट—से जुड़े स्थलों की प्रगति और संचालन का ब्योरा प्रस्तुत किया।
प्रजेंटेशन में राज्य और केंद्र सरकार के सहयोग से चल रही योजनाओं की वर्तमान स्थिति, उन पर हो रहे व्यय, और मुख्यमंत्री की प्रगति यात्राओं के दौरान की गई घोषणाओं पर काम की रिपोर्ट भी शामिल थी। इसके अलावा केंद्रीय बजट में गया, बोधगया, नालंदा और राजगीर के विकास से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति पर भी मंत्री को विस्तृत जानकारी दी गई।
पर्यटन मंत्री ने दिए 100 दिनों का रोडमैप तैयार करने के निर्देश
मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने विभाग की प्रस्तुति को उत्साहजनक बताया और कहा कि इससे स्पष्ट है कि विभाग पर्यटन को बढ़ावा देने में संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है। उन्होंने विभाग को निर्देश दिया कि अगले 100 दिनों के भीतर पर्यटन विकास का एक ठोस रोडमैप तैयार किया जाए, जो बिहार को देश और दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित कर सके।
मंत्री ने कहा कि बिहार पर्यटन को एक वैश्विक ब्रांड के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है, जिसके लिए विभाग को नवाचार और रणनीतिक योजनाओं के साथ आगे बढ़ना होगा।
रिक्त पदों पर होगी समीक्षा, रोजगार सृजन पर जोर
मंत्री ने कहा कि विभाग में कितने पद रिक्त हैं, इसकी विस्तृत समीक्षा कर रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यटन क्षेत्र से बड़े पैमाने पर स्थायी और अस्थायी रोजगार का अवसर पैदा होता है और विभाग को इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि रिक्तियों को भरने और नई नियुक्तियों के प्रस्ताव जल्द तैयार कर सरकार को भेजें।
स्थानीय व्यवसायियों को होगा फायदा, होटल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
मंत्री ने कहा कि पर्यटन से स्थानीय व्यवसायियों और उद्यमियों को सीधा फायदा मिलना चाहिए। उन्होंने फाइव स्टार होटलों के साथ-साथ बजट होटलों के निर्माण पर विशेष ध्यान देने की बात कही, ताकि आम पर्यटक भी बिहार के धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों पर आसानी से ठहर सकें और उन्हें किसी तरह की असुविधा न हो।
अगले 5 साल में शीर्ष 5 राज्यों में शामिल हो बिहार
मंत्री ने बताया कि वर्तमान में पर्यटकों की संख्या में बिहार देश में 10वें स्थान पर है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि विभाग रणनीतिक योजना बनाकर अगले पांच सालों में बिहार को शीर्ष 5 पर्यटन राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य निर्धारित करे।
इसके लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा, सुविधाओं के विस्तार, ब्रांडिंग और प्रचार-प्रसार पर मजबूत कदम उठाने की जरूरत बताई गई।







