बिहार विधानसभा चुनाव के हार की समीक्षा के लिए कांग्रेस ने एक अहम बैठक बुलाई है। आज कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में 3 बजे से बैठक शुरू होगी। इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी, पूर्व CLP, सभी सांसद, विधायक, सभी कांग्रेस प्रत्याशी को बुलाया गया है। बिहार प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम सहित कांग्रेस के तमाम बड़े नेता पटना से दिल्ली रवाना हुए हैं।
चुनावी नतीजों के बाद प्रदेश के नेताओं के साथ कांग्रेस नेतृत्व की यह पहली बैठक है। इस बैठक में विधानसभा चुनाव में हार की समीक्षा और आगे की रणनीति पर होगी चर्चा। बिहार चुनाव में कांग्रेस ने सिर्फ 6 सीट ही जीती है।
इस्तीफे पर बोले राजेश राम- केंद्रीय नेतृत्व जो फैसला करेगी, अमल करूंगा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम कांग्रेस की दिल्ली में आज होने वाली बैठक पर कहा- चुनाव में हार के बाद यह पार्टी की समीक्षा बैठक है। चुनाव लड़ने वाले नेताओं और राज्य के नेताओं के साथ यह बैठक होगी। 14 दिसंबर को SIR पर दिल्ली में होने वाली रैली पर भी इस बैठक में चर्चा होगी।
कांग्रेस को बिहार में मिली बड़ी हार के बाद पार्टी में विरोध पर कहा- कांग्रेस लोकतांत्रिक पार्टी है। टिकट नहीं मिलने से नेताओं में नाराजगी है। घर के लोग हैं, घर में ही नाराज होने पर घर में ही मांग करेंगे।
हार की जिम्मेवारी को लेकर इस्तीफा देने की बात पर राजेश राम ने कहा- जिम्मेदारी केंद्रीय नेतृत्व फैसला करती है। केंद्रीय नेतृत्व जो फैसला करेगी, उसे पर अमल करूंगा। रोड पर इस तरह की चर्चा सामान्य होती है, यह कोई बड़ी बात नहीं है।
नेतृत्व की इस्तीफा की मांग पर बोले पप्पू यादव
बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद आज दिल्ली में कांग्रेस की समीक्षा बैठक को लेकर के पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने कहा- बिहार चुनाव की समीक्षा बैठक होगी। किसने जिम्मेदारी को अच्छे तरीके से निभाया, कैसे वोट चोरी की गई, कैसे आम जनता के अधिकारों को छीना गया, कैसे SIR को लेकर के चुनाव आयोग ने गड़बड़ी की, इस मुद्दे को लेकर के सारी बैठक होगी।
बिहार कांग्रेस के नेता नेतृत्व की इस्तीफा की मांग कर रहे हैं। बिहार कांग्रेस में विरोध दिखाई दे रहा है, इस पर पप्पू यादव ने कहा- यह मुद्दा डिसिप्लिन कमेटी का है। यह मुद्दा सिर्फ नेतृत्व का है। मैं इसमें कहीं नहीं आता हूं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह चलता रहता है। लेकिन जो लोग इस्तीफा मांग रहे हैं, उन्हें अपने गिरेबान में भी झांकना चाहिए। अपने दायित्व और जिम्मेदारी का एहसास करना चाहिए।
राबड़ी आवास खाली करने के आदेश को पप्पू यादव ने बताया गलत राबड़ी आवास खाली करने को लेकर पप्पू यादव ने कहा- ‘यह गलत है। यह लगातार बिहार में गरीबों का आशियाना छिना जा रहा है। दुकानदारों को मारा जा रहा है, आप कहीं किसी को आशियाना जमीन दोगे नहीं, यह हिटलर का राज थोड़ी है, जो बदले की भावना से काम करेंगे।’
पप्पू यादव ने कहा, ‘मैं सरकार से मांग करता हूं कि जो लगातार अपने नालंदा में गरीबों का घर तोड़ दिया, पटना में लगातार दुकान तोड़ रहे हो, ऐसा मैंने कभी भी लालू-नीतीश जी के राज में नहीं देखा और यह बर्दाश्त भी नहीं होगा। इसको मैं लोकसभा में भी रखूंगा और इसकी लड़ाई भी लडूंगा।’
योगी मॉडल पर पप्पू यादव का पलटवार
बिहार में योगी मॉडल पर कहा- यहां कोई बुलडोजर नहीं चल पाएगा। यहां नीतीश मॉडल की बात होनी चाहिए। यह बिहार है, ये कर्पूरी ठाकुर, जेपी और लोहिया का बिहार है। यह हिटलर का बिहार नहीं है। नेता पदाधिकारी और जमीन माफिया मिल करके इस तरह की हरकतें शुरू किए हैं, ताकि जमीन पर कब्जा किया जा सके।
पप्पू यादव ने आगे कहा, आप फैक्ट्री लगाइए, भ्रष्टाचार खत्म कीजिए। लगातार मर्डर हो रहा है, गोली मारी जा रही है। आते ही ऐसी कौन सी राजनीतिक भावना से काम शुरू किया है। ना हम गरीबों के आशियाना उजड़ने देंगे और ना ही राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के साथ इनको कोई कार्य करने देंगे।
सभी 61 प्रत्याशी देंगे अपने क्षेत्र की रिपोर्ट
इस बैठक में जीते हुए छह विधायकों सहित उन सभी 61 प्रत्याशियों को बुलाया गया है, जिन्होंने इस चुनाव में पार्टी का प्रतिनिधित्व किया था। हर प्रत्याशी को अपने क्षेत्र की डिटेल रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जिसमें यह बताया जाएगा कि किस वजह से हार का सामना करना पड़ा, स्थानीय स्तर पर कौन से मुद्दे प्रभावी रहे और संगठनात्मक रूप से पार्टी किन मोर्चों पर पिछड़ गई। यह रिपोर्टें चुनावी रणनीति की समीक्षा का आधार बनेंगी।
छह साल के लिए 7 नेताओं को किया निष्कासित
दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी ने 43 कांग्रेस नेताओं को कारण बताओ नोटिस भेजा था। इसमें से कांग्रेस ने पार्टी-विरोधी गतिविधियों के कारण 6 साल के लिए 7 नेताओं को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया।
इसमें कांग्रेस सेवा दल के पूर्व उपाध्यक्ष आदित्य पासवान, प्रदेश कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष शकीलुर रहमान, किसान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजकुमार शर्मा, प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजकुमार राजन, अति पिछड़ा विभाग के पूर्व अध्यक्ष कुंदन गुप्ता, बांका जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष कंचना कुमारी और नालंदा जिला के रवि गोल्डन को पार्टी से निष्कासित किया गया है।
बागी नेताओं ने भी दिल्ली में डाला हुआ है डेरा
कांग्रेस हाईकमान की बैठक के पहले कांग्रेस के नाराज नेता भी दिल्ली पहुंचे हुए हैं। इन नेताओं में पूर्व विधायक और पार्टी के अन्य पदाधिकारी शामिल हैं। ये नेता प्रदेश नेतृत्व के साथ होने वाली बैठक के पूर्व आलाकमान से मिलने की कोशिश में हैं। ताकि केंद्रीय नेतृत्व को चुनाव में पराजय की वजह, टिकटों की खरीद-बिक्री, जिताऊ उम्मीदवारों को दरकिनार करने जैसे मुद्दे गिना सकें। इसके अलावा वह लोग प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरू के इस्तीफे की मांग भी करने वाले हैं।







