बिहार विधानसभा चुनाव में NDA गठबंधन को प्रचंड जीत मिली है। NDA ने राज्य की 243 विधानसभा सीटों में से 202 सीटों पर जीत हासिल की है और सत्ता को बरकरार रखा है। अब बिहार में एनडीए की नई सरकार के गठन की प्रक्रिया जारी है। आपको बता दें कि बिहार में एनडीए की जीत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भी बड़ी भूमिका मानी जा रही है। संघ की सक्रियता के कारण बिहार में भाजपा का ग्राफ काफी ज्यादा बढ़ा है। आइए जानते हैं कि संघ ने कैसे निभाई है इस जीत में बड़ी भूमिका।
RSS ने 20 लाख युवाओं पर ध्यान केंद्रित
बिहार में संघ और उसके सहयोगी संगठनों ने लगभग 20 लाख युवाओं पर ध्यान केंद्रित किया था। जमीनी स्तर के मतदाताओं के साथ नए मतदाताओं को मतदान केंद्र तक खींच लाने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बड़ी भूमिका रही। RSS बार-बार यह दोहरा रहा था कि शत-प्रतिशत मतदान हो, शत प्रतिशत मुहिम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं की बड़ी हिस्सेदारी देखी गई। जिसका परिणाम यह रहा की बिहार के दोनों चरणों में हुए चुनाव में वोटिंग परसेंटेज में काफी ज्यादा इजाफा हुआ है।
ABVP ने पहले ही शुरू कर दी चुनाव की तैयारी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, संघ परिवार के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने चुनाव के ऐलान से पहले ही चुनाव की तैयारी आरंभ कर दी थी। एक-एक विधानसभा क्षेत्र में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं की बैठक हुई, कैंपस एंबेसडर, युथ क्लब आदि तैयार किए गए और नये मतदाताओं से संपर्क साधने पर जोर दिया गया।
हर गांव में 15 से 20 कार्यकर्ता लगे थे
विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, संघ एवं उसके सहयोगी संगठन के स्वयंसेवक घर-घर जाकर बूथ लेवल पर मीटिंग करते थे और लोगों को समझते थे। लोगों के बीच में जो एनडीए को लेकर कंफ्यूजन था, उसको दूर करने का काम संघ एवं उसके सहयोगी संगठनों ने किया, और उन्हें एनडीए के पक्ष में कन्वर्ट करने का कार्य किया। संघ एवं उसके सहयोगी संगठनों का पूरा ध्यान ग्रामीण अंचलों पर बहुत ज्यादा था। हर गांव में 15 से 20 कार्यकर्ता काम में जुटे हुए थे, लोगों का फीडबैक एकत्र कर रहे थे, फीडबैक के आधार पर उन क्षेत्रों में चुनावी रणनीति उसी हिसाब से तय की जा रही थी।
बिहार विधानसभा चुनाव का परिणाम
बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 243 सदस्यों वाली विधानसभा में 202 सीट जीतकर सत्ता बरकरार रखी। NDA में भाजपा को 89, जदयू को 85, लोजपा (RV) को 19, हम (एस) को 5, आरएलएम को 4 सीटें मिलीं। वहीं, महागठबंधन में राजद को 25, कांग्रेस को 6, भाकपा (माले) लिबरेशन को 2 और माकपा को 1 सीट यानी कुल मिलाकर 34 सीटें मिली। AIMIM को 5, बसपा को 1 और IIP को 1 सीट मिली है।







