शपथ से पहले दिल्ली से पटना तक हलचल तेज
बिहार विधानसभा चुनाव में NDA की प्रचंड जीत के बाद नई सरकार के गठन की हलचल तेज हो गई है. दिल्ली से लेकर पटना तक लगातार बैठकों का दौर चल रहा है. उसी के साथ राजधानी पटना के गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने की तैयारियाँ भी जोर-शोर से जारी हैं. शपथ ग्रहण समारोह में देश की बड़ी हस्तियों का जमावड़ा देखने को मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई वरिष्ठ नेता समारोह में शामिल होंगे. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा भी पटना पहुँचने वाले हैं.
चिराग, मांझी और उपेंद्र कुशवाहा से बातचीत पूरी
NDA के तीन अहम सहयोगियों—चिराग पासवान, जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा—के साथ बातचीत का जिम्मा केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को दिया गया है. सूत्रों के अनुसार, इन तीनों दलों के साथ सरकार गठन को लेकर लगभग सहमति बन चुकी है और अब बस आखिरी औपचारिकताएं बाकी हैं.
बिहार में नई NDA सरकार की तैयारी तेज, दिल्ली में आज बड़ी राजनीतिक बैठक
बिहार में नई NDA सरकार बनाने की प्रक्रिया अब तेज हो गई है. सरकार गठन से पहले आज दिल्ली में जेडीयू और बीजेपी के शीर्ष नेता मुलाकात करेंगे. जेडीयू के संजय कुमार झा और ललन सिंह बीती रात पटना से दिल्ली पहुंचे और वे आज केंद्रीय बीजेपी नेताओं से बातचीत करेंगे.
शपथ ग्रहण समारोह 20 नवंबर को
बिहार में नयी सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 20 नवंबर को पटना में होने की संभावना है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कई शीर्ष नेता और केंद्रीय मंत्रियों के शामिल होने की उम्मीद है. सूत्रों के अनुसार, शपथ ग्रहण समारोह के लिए पटना के गांधी मैदान में तैयारियां जारी हैं. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बिहार इकाई के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने बताया कि नवनिर्वाचित विधायक मंगलवार को बैठक कर अपने विधायक दल के नेता का चुनाव करेंगे।
स्पीकर पद पर फंसा पेंच
फिलहाल विधानसभा अध्यक्ष का पद भाजपा के पास है। जदयू का तर्क है कि विधान परिषद सभापति का पद भाजपा के पास है, इसलिए विधानसभा का अध्यक्ष हमें मिलना चाहिए।
जबकि भाजपा की राय में सबसे बड़ा पद (मुख्यमंत्री) जदयू के पास है, तो विधानसभा अध्यक्ष पद पर उसका स्वाभाविक हक है।
JDU-BJP में बराबर का फॉर्मूला
बिहार की नई कैबिनेट का फॉर्मूला तय हुआ है- 6 विधायक पर 1 मंत्री। जिसे भी विधानसभा का अध्यक्ष पद मिलेगा, उसका एक मंत्री कम होगा। दोनों पार्टियों से 15-15 मंत्री बनने हैं। इसमें मुख्यमंत्री का पद शामिल नहीं है।
इसी तरह अगर लोजपा (आर) को डिप्टी सीएम का एक पद मिलने पर उसके 2 मंत्री होंगे। यह पद नहीं मिला तो उसके 3 मंत्री होंगे। हम और रालोमो से 1-1 मंत्री होंगे।
ज्यादातर मंत्रियों को फिर से जिम्मेदारी मिलने की बात है। उन कुछ मंत्रियों को दिक्कत हो सकती है कि जिन पर पिछले दिनों आरोप लगे थे। नई सरकार, भ्रष्टाचार और अपराध के मसले पर किसी भी स्तर पर विपक्ष को कोई मौका नहीं देगी।
शपथ ग्रहण के 2 फॉर्मूले
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के अलावा कितने मंत्री शपथ लेंगे, इसके बारे में अभी दो तरह की चर्चा है। एक यह कि मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री 5-6 मंत्रियों के साथ शपथ लें। शेष मंत्रियों को बाद में शपथ दिलाई जाए।
दूसरी यह कि मुख्यमंत्री, 2 उपमुख्यमंत्री और 20 मंत्री शपथ लेंगे। बाकी मंत्रियों की शपथ आगे के दिनों में होगी।
बराबर की हिस्सेदारी ने बढ़ाई खींचतान
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो नीतीश कुमार सरकार में बराबरी की हिस्सेदारी को लेकर सख्त हैं। उन्होंने साफ कहा कि सरकार में बराबरी सिर्फ संख्या से नहीं, गठबंधन की गरिमा से तय होगी। चर्चा है कि जदयू सीएम के साथ-साथ एक डिप्टी सीएम का पद भी चाहता है।
बराबरी के फॉर्मूले के तहत विधानसभा अध्यक्ष जदयू से होगा, जबकि विधान परिषद में सभापति भाजपा का। सूत्रों की मानें तो भाजपा की तरफ से जिसे भी उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा, उसकी नियुक्ति से पहले नीतीश कुमार की स्वीकृति अनिवार्य होगी। यानी नाम पर अंतिम मुहर नीतीश कुमार ही लगाएंगे।
इन मांगों से बीजेपी और जदयू में शक्ति संतुलन को लेकर तनाव बढ़ गया है।
JDU अपने कोटे के मंत्रियों में बड़ा बदलाव नहीं करेगी
पिछली सरकार में JDU कोटे से 13 मंत्री थे। संभव है कि इसमें से 10 मंत्रियों को नई सरकार में फिर से मंत्री बनाया जा सकता है। पार्टी मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल करने के मूड में नहीं है।
भाजपा अपने डिप्टी CM को बदल सकती है
पिछली सरकार में भाजपा कोटे से 19 मंत्री हैं। इसमें बड़े पैमाने पर बदलाव की सूचना है। डिप्टी CM विजय सिन्हा को रिप्लेस किया जा सकता है। साथ ही सम्राट चौधरी को भी बदला जा सकता है, लेकिन वह अभी भी डिप्टी CM की रेस में हैं। इसके अलावा मंगल पांडेय और रजनीश कुमार में से किसी एक के डिप्टी CM बनने की चर्चा है।
243 सीटों वाली विधानसभा में NDA ने 200 से ज्यादा सीटें जीतकर भारी बहुमत हासिल किया है. BJP 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि जेडीयू ने 85 सीटें जीतीं. इसके अलावा, लोजपा (रामविलास) को 19, हम सेक्यूलर को 5 और RLMP को 4 सीटें मिली हैं. चुनाव नतीजों के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल ने औपचारिक रूप से निर्वाचित विधायकों की सूची राज्यपाल को सौंप दी है, जिससे नई सरकार का रास्ता साफ हो गया है.







