गांधी मैदान में 20 नवंबर को नीतीश कुमार 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। इसे लेकर गांधी मैदान में तैयारियां शुरू कर दी गई है। नीतीश सरकार का कार्यकाल 22 नवंबर को खत्म हो रहा है। उससे पहले हर हाल में नई सरकार का गठन करना जरूरी होगा। 19 नवंबर को मौजूदा विधानसभा CM नीतीश समेत सभी मंत्री इस्तीफा देंगे और विधानसभा भंग करेंगे।
NDA शासित राज्यों के CM शामिल होंगे
20 नवंबर को नीतीश कुमार मुख्यमंत्री की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह गांधी मैदान में होगा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ ही उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता, उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी, मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव, राजस्थान से भजन लाल शर्मा, महाराष्ट्र से देवेंद्र फडणवीस सहित भाजपा शासित राज्यों के सीएम और डिप्टी सीएम शामिल होंगे। इसके साथ ही पद्मभूषण, पद्मश्री से सम्मानित व्यक्ति, वैज्ञानिक, साहित्यकार सहित अन्य लोग शामिल होंगे।
आज से SPG के हाथ में गांधी मैदान की सुरक्षा
पटना के गांधी मैदान में 20 नवंबर को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह की तेजी से तैयारी हो रही है। पीएम नरेन्द्र मोदी के आगमन को देखते हुए मंगलवार से एसपीजी मैदान की सुरक्षा की कमान अपने हाथ में ले लेगा। पटना जिला प्रशासन पहले ही 17-20 नवंबर तक गांधी मैदान में आम लोगों के आगमन पर रोक लगा चुका है। मैदान के चारों तरफ भी सार्वजनिक परिवहन को नियंत्रित किया गया है। सोमवार काे मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव पहुंचे।
राज्यपाल से मिलकर नीतीश कुमार ने सौंपा पत्र
आज सोमवार को नीतीश सरकार की मौजूदा कैबिनेट की आखिरी बैठक हुई, जिसमें मौजूदा विधानसभा को 19 नवंबर को भंग करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके बाद नीतीश कुमार राज्यपाल से मिले और पत्र सौंपा। जिसमें 19 नवंबर को विधानसभा भंग किए जाने की अनुशंसा की जानकारी दी गई। 20 नवंबर को गांधी मैदान में नीतीश कुमार 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। गांधी मैदान में इसकी तैयारी चल रही है। शपथ ग्रहण में पीएम नरेंद्र मोदी भी रहेंगे। मुख्यमंत्री आवास पर JDU विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक भी बुलाई गई है। जिसमें शामिल होने के लिए सभी विधायक सीएम हाउस पहुंचेंगे।
एनडीए विधायक दल की बैठक आज
शपथ ग्रहण समारोह से पहले ललन सिंह और संजय झा दिल्ली पहुंचे, सियासी हलचल तेज
अड़ गए नीतीश कुमार
बिहार के सियासी गलियारे से ये खबर आ रही है कि नीतीश कुमार मंत्रिमंडल गठन से पहले कुछ कमिटमेंट चाहते हैं। चर्चा ये है कि नीतीश कुमार ने बराबरी की लड़ाई छेड़ दी है। कुछ विधायकों की ज्यादा संख्या के कारण बीजेपी नेतृत्व कुछ ज्यादा उम्मीद कर रहा है। नीतीश कुमार को जब पता चला तो सीधे ना कह दिया। फिर तो भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व में हड़कंप मच गया। इस स्थिति में भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने चार्टर प्लेन भेज कर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा को तत्काल दिल्ली बुला लिया।
क्या चाहते हैं नीतीश?
- नीतीश का बराबरी फॉर्मूला: सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार ने मंत्रिमंडल गठन से पहले बीजेपी नेतृत्व के सामने बराबरी की शर्त रखी है।
- बीजेपी को ज्यादा की अपेक्षा: विधायकों की संख्या अधिक होने के कारण बीजेपी नेतृत्व को सरकार में ज्यादा हिस्सेदारी की अपेक्षा है।
- सरकार से पहले शर्तबाजी: बीजेपी की चाहत पर नीतीश ने सीधे तौर पर इनकार कर दिया, जिससे भाजपा केंद्रीय नेतृत्व में हड़कंप मच गया।
- आधीरात को दिल्ली तलब: गतिरोध को दूर करने के लिए, भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने तुरंत चार्टर प्लेन भेजकर ललन सिंह और संजय झा को दिल्ली बुलाया।
- पदों पर बराबरी का फॉर्मूला: नीतीश कुमार चाहते हैं कि एक उपमुख्यमंत्री जदयू से और दूसरा बीजेपी से रहे। साथ ही, विधानसभा अध्यक्ष जदयू से और सभापति बीजेपी से होना चाहिए।
- उपमुख्यमंत्री पर ‘वीटो पावर’: नीतीश की मांग है कि बीजेपी की तरफ से जो भी उपमुख्यमंत्री बनेगा, उसे पद ग्रहण करने से पहले उनकी स्वीकृति मिलनी अनिवार्य होगी।
शपथ से पहले शर्तबाजी!
जदयू के सूत्र बताते हैं कि नीतीश कुमार ने बराबरी का खेल खेल डाला है। सूत्रों की मानें तो नीतीश कुमार ने साफ कहा कि एक उपमुख्यमंत्री जदयू से दूसरा बीजेपी से रहेगा। सभापति बीजेपी का और विधानसभा अध्यक्ष जदयू से रहेगा। साथ ही बीजेपी से जो भी उपमुख्यमंत्री होगा उसकी स्वीकृति नीतीश कुमार से मिलेगी, तभी वो पद ग्रहण कर पाएगा।







