बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले महागठबंधन (INDIA गठबंधन) में सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप देने का प्रयास तेज हो गया है. गठबंधन में नए सहयोगी दलों के शामिल होने और पुराने सहयोगियों के बढ़े हुए दावों के कारण मुख्य घटक दलों राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस को पिछली बार की तुलना में अधिक सीटें छोड़नी पड़ रही हैं. जिससे सीटों के फार्मूले पर सहमति बनाने में खींचतान जारी है.
RJD और कांग्रेस पर त्याग का दबाव
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, इस बार के बंटवारे में RJD और कांग्रेस दोनों को बड़ा ‘त्याग’ करना पड़ सकता है. चर्चा है कि RJD, जो पिछली बार 144 सीटों पर लड़ी थी, इस बार 135 सीटों से कम पर चुनाव लड़ने को तैयार नहीं है. जबकि कांग्रेस भी 2020 में लड़ी गई 70 सीटों की तुलना में कमोबेश उतनी ही सीटों की मांग कर रही है. हालांकि, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मिले संकेतों के बाद, पार्टी लगभग 50-60 सीटों पर लड़ने के लिए तैयार हो सकती है, ताकि गठबंधन के नए सहयोगियों को समायोजित किया जा सके.
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, इस बार के बंटवारे में RJD और कांग्रेस दोनों को बड़ा ‘त्याग’ करना पड़ सकता है. चर्चा है कि RJD, जो पिछली बार 144 सीटों पर लड़ी थी, इस बार 135 सीटों से कम पर चुनाव लड़ने को तैयार नहीं है. जबकि कांग्रेस भी 2020 में लड़ी गई 70 सीटों की तुलना में कमोबेश उतनी ही सीटों की मांग कर रही है. हालांकि, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मिले संकेतों के बाद, पार्टी लगभग 50-60 सीटों पर लड़ने के लिए तैयार हो सकती है, ताकि गठबंधन के नए सहयोगियों को समायोजित किया जा सके.
नए सहयोगियों और वामदलों का बढ़ा हुआ दावा
सीट बंटवारे में सबसे बड़ा पेच नए सहयोगी दल विकासशील इंसान पार्टी (VIP) और वाम दलों की बढ़ी हुई मांगों से आया है:
- VIP के मुखिया मुकेश सहनी ने लगभग 15 से 20 सीटों की मांग की है.
- भाकपा माले (CPI-ML), जिसने पिछले चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया था. अपनी प्रासंगिकता को देखते हुए 40 सीटों तक का दावा कर रही है. हालांकि, उन्हें 25 से 35 सीटें मिलने की संभावना है.
- झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (पारस गुट) के भी गठबंधन में शामिल होने की स्थिति में उन्हें 2-2 सीटें दी जा सकती हैं.
महागठबंधन के नेताओं का दावा है कि सीटों की संख्या को लेकर कोई विवाद नहीं है और एक-एक सीट पर जीत की संभावना को देखते हुए अंतिम फैसला लिया जा रहा है. उम्मीद है कि आगामी 6 अक्टूबर तक इस फार्मूले का औपचारिक ऐलान हो सकता है.







