बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव ने 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर अपने सोशल मीडिया एक्स पर एक विशेष संदेश साझा किया.
तेजस्वी यादव ने लिखा कि महात्मा गांधी, जो सत्य और अहिंसा के सबसे बड़े उपासक थे, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम को जन आंदोलन का रूप देकर ब्रिटिश साम्राज्य को चुनौती दी और अपने जीवन से संयम, सादगी और आत्मनियंत्रण का संदेश पूरे मानव जाति को दिया, उन्हें उनकी जयंती पर नमन.
राजनीति में भी गांधी जी विचारधारा का होना चाहिए पालन- तेजस्वी
तेजस्वी यादव ने अपने संदेश में महात्मा गांधी के मूल्यों को उजागर किया और यह संकेत दिया कि राजनीति में भी उनकी विचारधारा और नैतिकता का पालन होना चाहिए. उन्होंने गांधी जी के सत्याग्रह, अहिंसा और सामाजिक समानता के सिद्धांतों को बिहार की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए अपने संदेश में शामिल किया. तेजस्वी ने इस अवसर का इस्तेमाल यह दिखाने के लिए किया कि उनका राजनीतिक दृष्टिकोण सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है.
बिहार चुनाव में राजद की क्या है राजनीतिक रणनीति
बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए तेजस्वी यादव का यह ट्वीट राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है. यह ट्वीट केवल गांधी जयंती का श्रद्धांजलि संदेश नहीं बल्कि राजद के नैतिक और सामाजिक मूल्यों को चुनावी प्रचार के संदर्भ में जनता तक पहुंचाने की कोशिश माना जा रहा है. बिहार की राजनीतिक पटल पर राजद हमेशा सामाजिक न्याय, विकास और समानता के मुद्दों पर अपने चुनावी अभियान को मजबूती देती रही है.
युवा और मतदाता वर्ग पर प्रभाव
तेजस्वी यादव ने हमेशा युवा और मतदाता वर्ग के बीच अपने संदेश को प्रभावी बनाने की रणनीति अपनाई है. महात्मा गांधी के मूल्यों का उदाहरण देकर उन्होंने लोकतांत्रिक और नैतिक राजनीति की दिशा में अपने विचारों को प्रस्तुत किया. इससे मतदाता वर्ग खासकर युवा और शहरी आबादी में राजद की सकारात्मक छवि बनाने में मदद मिल सकती है.







