उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन आज 28 सितंबर 2025 को अपने पहले बिहार दौरे पर आए हैं। वे आज सुबह पटना पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत हुआ। सबसे पहले उन्होंने पटना के जेपी गोलंबर पर लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद वे ज्ञान भवन में आयोजित उन्मेष – अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जिसमें बड़ी संख्या में साहित्यकार और बुद्धिजीवी भी मौजूद थे।
मुख्य कार्यक्रम
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पटना में जेपी गोलंबर पर श्रद्धांजलि
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ज्ञान भवन में अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव ‘उन्मेष’ के समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधन
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दोपहर 1 बजे के करीब हेलीकॉप्टर से मुजफ्फरपुर के कटरा स्थित प्रसिद्ध चामुंडा देवी मंदिर पहुंचे, जहाँ उन्होंने पूजा-अर्चना की।
प्रशासनिक तैयारियाँ और स्वागत
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बिहार सरकार और प्रशासन ने उपराष्ट्रपति के स्वागत और सुरक्षा के लिए विशेष तैयारी की थी।
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मुजफ्फरपुर के कटरा में चामुंडा मंदिर समेत पूरे इलाके को सजाया गया और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।
यह यात्रा उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का बिहार राज्य में बतौर उपराष्ट्रपति पहला दौरा है और इसे साहित्य, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के बिहार दौरे का प्रमुख उद्देश्य सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं आस्था से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेना है। वे पटना में ‘उन्मेष – अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव’ के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर साहित्यिक संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने का संदेश दे रहे हैं।
दूसरा उद्देश्य, मुजफ्फरपुर के कटरा स्थित प्रसिद्ध चामुंडा देवी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना है, जहाँ उपराष्ट्रपति अपनी आस्था प्रकट करने और स्थानीय समाज एवं धार्मिक परंपराओं के साथ जुड़ाव दर्शाने पहुंचे हैं।
उद्देश्य के मुख्य बिंदु
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साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विकास: ‘उन्मेष’ जैसे बड़े साहित्यिक कार्यक्रम को प्रोत्साहित करना, देश-विदेश के साहित्यकारों के साथ संवाद और सहभागिता को बढ़ाना।
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धार्मिक आस्था और सामाजिक संवाद: शक्तिपीठ चामुंडा देवी मंदिर में पूजा के माध्यम से बिहार की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करना।
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लोकतांत्रिक मूल्यों की प्रेरणा: जेपी गोलंबर पर पुष्पांजलि अर्पण कर युवाओं को लोकतंत्र और सामाजिक संघर्ष की प्रेरणा देना।
इस तरह उपराष्ट्रपति का दौरा साहित्यिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, जो राज्य के विकास और राष्ट्रीय एकता के संदेश को आगे बढ़ाता है।
मुजफ्फरपुर में भारत के नवनियुक्त उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन आज माता चामुंडा देवी के दर्शन और पूजन के लिए आएंगे
भारत के नवनियुक्त उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन आज बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में माता चामुंडा देवी के दर्शन और पूजन के लिए आएंगे। उनके आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने दो दिन पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं, जो पूरी कर ली गई हैं। उपराष्ट्रपति कटरा प्रखंड स्थित शक्तिपीठ माता चामुंडा देवी में विशेष आस्था के साथ दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे।
यह उनकी दूसरी बार इस मंदिर में आने की जानकारी है। इससे पहले 15 जून 2010 को वे मुजफ्फरपुर आए थे और माता चामुंडा देवी के दर्शन कर चुके हैं। उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद यह उनका पहली बार बिहार का दौरा है। उन्होंने नवरात्रि पर्व के दौरान इस क्षेत्र आने की इच्छा जताई थी, क्योंकि माता चामुंडा देवी के प्रति उनकी विशेष आस्था है।
उपराष्ट्रपति दिल्ली से सीधे पटना पहुंचेंगे और वहां से हेलीकॉप्टर के माध्यम से मुजफ्फरपुर आएंगे। दर्शन और पूजन के बाद वे वहीं से वापस लौट जाएंगे। उनके आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल पूरे कर लिए हैं। देर रात तक प्रशासन के आला अधिकारी स्थल का जायजा लेते रहे और हर बिंदु पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।
माता चामुंडा देवी का मंदिर कटरा गढ़ में बागमती और लखनदेई नदियों के संगम पर करीब 85 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इसी स्थान पर माता दुर्गा ने राक्षस चंड और मुंड का वध किया था। नवरात्र के दौरान मंदिर में विशेष पूजन और दर्शन होते हैं, जिसके कारण यहां भक्तों की भीड़ हमेशा रहती है। उपराष्ट्रपति के आगमन को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट पर है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।







