ADVERTISEMENT
Wednesday, July 15, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

वक्फ संशोधन कानून पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का परिप्रेक्ष्य व्यापक, सुधार की पहल को उचित…

UB India News by UB India News
September 18, 2025
in कानून, राष्ट्रीय
0
वक्फ संशोधन कानून पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का परिप्रेक्ष्य व्यापक, सुधार की पहल को उचित…
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

सर्वोच्च न्यायालय ने बहुप्रतीक्षित फैसले में वक्फ संशोधन कानून पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया है, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने साफ किया कि पूरे कानून पर रोक लगाने का कोई आधार नहीं है, लेकिन कुछ प्रावधानों पर अंतरिम सुरक्षा दी जा रही है।

उल्लेखनीय है कि वक्फ संपत्तियों का सही प्रबंधन और उपयोग लंबे समय से विवाद का मुद्दा रहा है और वक्फ में सुधार की मांग मुस्लिम समुदाय के भीतर से भी उठती रही है। इस संदर्भ में, केंद्र सरकार ने आठ अप्रैल, 2025 को वक्फ संशोधन अधिनियम, 2025 को लागू करने का फैसला किया था और शीर्ष अदालत ने इस मामले में दाखिल पांच याचिकाओं पर 22 मई को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

RELATED POSTS

भोजशाला परिसर को लेकर सुप्रीम कोर्ट का अहम निर्देश ………………..

दीवानी कानून में सुधार की दरकार……………….

अब अदालत ने जिस सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान पर अंतरिम रोक लगाई है, वह था वक्फ का सदस्य बनने के लिए न्यूनतम पांच वर्ष इस्लाम का पालन करने अनिवार्यता। शीर्ष अदालत ने यह कहा है कि जब तक राज्य सरकारें इस शर्त के अनुपालन के लिए नियम नहीं बनातीं, तब तक यह प्रावधान लागू नहीं होगा। इसके अतिरिक्त अदालत ने उन प्रावधानों पर भी रोक लगाई है, जो कलेक्टर या सरकारी अधिकारी को यह तय करने की शक्ति देते थे कि कोई वक्फ संपत्ति सरकारी भूमि है या नहीं।

दरअसल, मुख्य न्यायाधीश का यह कहना है कि कलेक्टर कार्यपालिका का अंग होता है, जिस कारण अगर उसे यह शक्ति दी गई, तो यह शक्तियों के पृथक्करण सिद्धांत के खिलाफ होगा। इसके अतिरिक्त, वक्फ बोर्डों में गैर-मुस्लिम सदस्यों को नामांकित करने वाले प्रावधान पर रोक नहीं लगाने के बावजूद शीर्ष अदालत ने कुछ नियम दिए हैं। उनके मुताबिक, केंद्रीय वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों की संख्या चार और राज्यों के वक्फ बोर्ड में तीन से अधिक नहीं हो सकेगी।

इसके अतिरिक्त अदालत ने मंशा जाहिर की है कि जहां तक मुमकिन हो, बोर्डों के पदेन सदस्य मुस्लिम हों, हालांकि इसकी जिम्मेदारी सरकार पर ही छोड़ दी गई है। अदालत का मानना है कि संसद द्वारा पारित कानून को दुर्लभतम मामलों में ही बदला जा सकता है।

यह उम्मीद की जानी चाहिए कि लोकसभा और राज्यसभा में करीब 14 घंटे की बहस और संयुक्त संसदीय समिति में छह महीने तक चली चर्चा के बाद अब शीर्ष अदालत के परीक्षण से वक्फ संशोधन कानून सभी दृष्टि से त्रुटिविहीन होगा। ऐसे मसलों को राजनीतिक हितों की दृष्टि से देखने के बजाय व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखने पर ही सही दिशा में बढ़ा जा सकता है।

वक्फ कानून पर सुबह सुप्रीम कोर्ट के फैसले को जीत मान रहा था मुस्लिम पक्ष, शाम होते-होते पलट गई बाजी

कोर्ट के निर्णय पर गंभीर अध्ययन किए बिना मीडिया से कुछ भी कह देने की हड़बड़ी कई बार मुश्किल में डाल देती है. वक्फ मामले पर सुप्रीम कोर्ट का सोमवार को फैसला आया. निर्णय आते ही मुस्लिम पक्ष के वकीलों ने अपनी जीत बता दी, लेकिन पूरा जजमेंट पढ़ा तो कहानी कुछ और ही निकली…

वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अपना अंतरिम फैसला सुनाया. सर्वोच्च अदालत ने वक्फ कानून पर रोक नहीं लगाई, लेकिन कुछ धाराओं पर जरूर रोक लगा दी है. चीफ जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस ए.जी. मसीह की दो सदस्यीय बेंच ने कहा कि संसद द्वारा पारित कानून की संवैधानिकता का अनुमान हमेशा उसके पक्ष में होता है, लेकिन कुछ प्रावधानों पर अंतरिम सुरक्षा की आवश्यकता है.

जमीयत उलमा-ए-हिंद के मौलाना अरशद मदनी से लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, शिया मौलाना कल्बे जव्वाद और कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी सहित तमाम मुस्लिम संगठन और उलेमाओं ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा था कि यह मुस्लिम संपत्तियों पर सरकारी हस्तक्षेप रोकने का महत्वपूर्ण कदम है.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का मुस्लिम पक्षकारों ने स्वागत करते हुए अपनी जीत का ऐलान कर दिया, लेकिन शाम होते-होते बाज़ी पलट गई. मुस्लिम पक्षकारों की खुशी फीकी पड़ गई और जिस फैसले को सुबह तक अपने पक्ष में मान रहे थे, अब उसे ही अपने खिलाफ बताने लगे.

वक्फ का फैसला कुछ और निकला

वक्फ मामले पर अदालत के फैसले को सरसरी तौर पर कोर्टरूम में निर्णय के कार्यकारी हिस्से को सुनकर ही मुस्लिम पक्षकार राहत और अपनी जीत मान रहे थे, लेकिन जब 128 पेज का जजमेंट सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड हुआ. इस पूरे जजमेंट को विस्तार से संदर्भ सहित पढ़ा गया तब मुस्लिम पक्षकारों को अहसास हुआ कि जिसे जीत और राहत समझ रहे थे वह तो कुछ और ही निकला.

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और मुस्लिम पक्ष के वकीलों में से एक एम.आर. शमशाद ने बताया कि फैसला सुनते समय लगा कि सुप्रीम कोर्ट ने कानून के कुछ धाराओं पर रोक लगा दी है. उसके आधार पर ही हमने प्रारंभिक प्रतिक्रियाएँ भी दे दी थीं.

हालांकि, जब हमने पूरा निर्णय पढ़ा तो बात कुछ और ही निकली. कोर्ट के फैसले में शुरू में हमें लगा कि कलेक्टर की शक्तियों पर रोक लगा दी गई है. यह स्वागत योग्य है. साथ ही सर्वोच्च न्यायालय ने हमारे द्वारा उठाए गए अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रथम दृष्टया निष्कर्ष दिए हैं, लेकिन जो निर्णय आया है उसमें लिखे तथ्य तो हमें परेशान करने वाले लगते हैं.

एएसआई सर्वेक्षण पर नहीं लगी रोक

एम.आर. शमशाद ने कहा कि एएसआई सर्वेक्षण के तहत वक्फ संपत्तियों को कानून में संशोधन के तहत गैर-वक्फ बनाने के लिए बातचीत हुई थी. इस पर दबाव डाला गया था. इस पर अदालत ने कोई रोक नहीं लगाई. प्रथम दृष्टया, वहाँ एक अंतरिम टिप्पणी थी.

एएसआई सर्वेक्षण के बाद स्वामित्व का स्थानांतरण चिंता का विषय है. अन्य ग्रे क्षेत्र धार्मिक विषय के बारे में था. अब इसकी अनुमति दी जाएगी या नहीं, यह एक ग्रे एरिया है. आदिवासी क्षेत्रों में, मुसलमान अपनी संपत्ति के नाम पर कोई भी ज़मीन जब्त नहीं कर सकते हैं. इसका सीधा अर्थ है कि उन्हें अनुच्छेद 25, 26 का अधिकार नहीं है.

लिमिटेशन एक्ट नहीं होगा वक्फ पर लागू

शमशाद बताते हैं कि कानून में कहा गया था कि लिमिटेशन एक्ट भी वक्फ पर लागू नहीं होगा. इसका मतलब है कि अगर एक बार वक्फ संपत्ति हो गई और कोई उस पर कब्ज़ा या फिर अतिक्रमण कर लेता है तो फिर 12 साल तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, क्योंकि लिमिटेशन एक्ट लागू नहीं होगा. यह वक्फ संपत्तियों को बचाने के लिए था. अब लिमिटेशन एक्ट को हटाने का निष्कर्ष आया है.

वह कहते हैं कि यह सही है कि वक्फ संपत्तियों पर दूसरों ने अतिक्रमण किया है. कोर्ट के फैसले में दृष्टिकोण ऐसा लगता है कि वक्फ संस्थानों ने सरकारी संपत्तियों पर कब्ज़ा कर लिया है. यह एक ऐसा मुद्दा है, जहाँ कोर्ट का ऐसा नज़रिया हमारे लिए समस्या बढ़ाएगा.

कलेक्टर के पास पॉवर बरकरार – ओवैसी

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को पहले कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और बाद में जब उन्होंने पूरे फैसले को पढ़ा तो कहा कि वक्फ संशोधन अधिनियम पर सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश भी वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा नहीं कर पाएगा. ओवैसी ने कहा कि यह कानून अतिक्रमणकारियों को लाभ पहुँचाएगा और वक्फ भूमि पर विकास कार्य रुक जाएगा.

ओवैसी ने कहा कि वक्फ कानून पर कोर्ट से अंतिम निर्णय अभी नहीं आया है. यह केवल एक अंतरिम आदेश है. उम्मीद है कि वह (शीर्ष अदालत) इस अधिनियम के पूरे मुद्दे पर जल्द ही फैसला सुनाएगी. ओवैसी ने कहा कि कलेक्टर के वक्फ संपत्तियों की जाँच के प्रावधान पर रोक लगा दी गई है, लेकिन कलेक्टर के पास अभी भी सर्वेक्षण करने का अधिकार है.

गैर-मुस्लिम की नियुक्ति पर ओवैसी का सवाल

उन्होंने कहा कि सीईओ की नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जहाँ तक संभव हो, यह एक मुस्लिम होना चाहिए. सरकार दावा करेगी कि उन्हें कोई योग्य मुस्लिम नहीं मिला. एक पार्टी जो किसी मुस्लिम को सांसद का टिकट नहीं देती और जिसके पास एक भी मुस्लिम सांसद नहीं है, क्या वह एक मुस्लिम अधिकारी चुनेगी? साथ ही ओवैसी ने कहा कि इंटेलिजेंस ब्यूरो में कितने मुस्लिम हैं?

ओवैसी ने कहा कि वे वक्फ में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति करेंगे. क्यों? यह अनुच्छेद 26 का उल्लंघन है. अगर एक गैर-सिख को एसजीपीसी का सदस्य बनाया जाए तो सिखों को कैसा लगेगा? ओवैसी ने इस तरह के प्रावधानों को धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ बताया और मोदी सरकार से इस पर स्पष्ट जवाब मांगा.

ओवैसी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने उस प्रावधान पर पूरी तरह से रोक नहीं लगाई है जिसके तहत व्यक्ति को 5 साल तक मुस्लिम होना ज़रूरी है. किसी भी धर्म के व्यक्ति को दूसरे धर्म को दान देने से रोकने वाला कोई कानून नहीं है. संविधान के अनुच्छेद 300 के अनुसार मैं अपनी संपत्ति जिसे चाहूँ उसे दे सकता हूँ. फिर इस्लाम धर्म के अनुयायियों के लिए ऐसा प्रावधान क्यों किया गया है? उन्होंने बीजेपी से मांग की कि वह आँकड़े पेश करे कि धर्म परिवर्तन के बाद किन लोगों ने वक्फ को संपत्ति दान की.

 

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

भोजशाला परिसर एक मंदिर है, नमाज नहीं पढ़ी जाएगी…

भोजशाला परिसर को लेकर सुप्रीम कोर्ट का अहम निर्देश ………………..

by UB India News
July 14, 2026
0

मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला परिसर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अहम निर्देश दिया.इस मामले की सुनवाई...

आखिर उन धमाकों का गुनहगार कौन था?

दीवानी कानून में सुधार की दरकार……………….

by UB India News
July 14, 2026
0

आज कहा जाता है कि दीवानी वाद बाप मरे, बेटा लड़े और पोता भुगते। तारीख पर तारीख मिलना इसकी सबसे...

चारा घोटाले में लालू यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, जमानत रहेगी बरकरार

चारा घोटाले में लालू यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, जमानत रहेगी बरकरार

by UB India News
July 15, 2026
0

लालू यादव को देवघर चारा घोटाला मामले में बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने लालू यादव की जमानत रद्द...

यूसीसी के पक्ष में, समान नागरिक संहिता की जरूरत पर अदालत का जोर………

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में सुप्रीम कोर्ट ने SIT से मांगी जांच रिपोर्ट…….

by UB India News
July 13, 2026
0

अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के दान की कथित चोरी पर सुप्रीम कोर्ट ने जानकारी मांगी है. चीफ जस्टिस...

साहेबगंज विधायक गैर-इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट में दोषी करार, राजू सिंह को हिरासत में लेने का आदेश

BJP विधायक राजू सिंह की विधानसभा सदस्यता खत्म

by UB India News
July 6, 2026
0

दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा वर्ष 2018 के बहुचर्चित हर्ष फायरिंग मामले में बिहार के साहेबगंज (मुजफ्फरपुर) से भाजपा...

Next Post
जन्मदिन विशेष : ‘मैं नरेंद्र दामोदर दास मोदी…………..

जन्मदिन विशेष : 'मैं नरेंद्र दामोदर दास मोदी..............

ICC ने पाकिस्तान को दिया तगड़ा झटका, भारत से हार के बाद लगाई थी गुहार

ICC ने पाकिस्तान को दिया तगड़ा झटका, भारत से हार के बाद लगाई थी गुहार

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend