बिहार में विधानसभा को लेकर सभी दल अब मैदान में हैं. कोई यात्रा निकाल रहा है तो कोई रैली कर रहा है. भाजपा भी मैदान में है. प्रधानमंत्री की कई सभाएं हो चुकी है और कई केंद्रीय मंत्रियों का दौरा हो चुका है. पार्टी का कार्यकर्ता सम्मेलन चल रहा है. चुनाव चाहे जिस स्तर का हो, भाजपा के लिए नरेंद्र मोदी ही सबसे बड़े ब्रांड रहे हैं. ऐसे में भाजपा पीएम मोदी की छवि को भुनाने का कोई मौका खोना नहीं चाहती है. पीएम मोदी के बर्डडे पर शुरू हुए “चलो जीते हैं” अभियान के जरिये भाजपा बिहार के जन-जन को पीएम मोदी के जीवन संघर्ष से परिचित करायेगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बर्थडे पर भाजपा ने एक विशेष अभियान की शुरुआत की है. ‘चलो जीते हैं’ अभियान की शुरुआत आज पटना के गांधी मैदान से की गयी. दर्जनों की संख्या में रथ रवाना हुए. इन रथों के माध्यम से भाजपा मोदी के जीवन संघर्ष को बिहार के जन-जन तक पहुंचायेगी. रथ में लगे एलईडी स्क्रीन पर पीएम मोदी के जीवन संघर्ष पर आधारित वृतचित्र दिखाया जायेगा. लगभग 50 हजार जगहों पर इन रथों के माध्यम से नरेंद्र मोदी के जीवन से संबंधित जानकारी दी जानी है. भाजपा मोदी की छवि को बिहार के मतदाताओं के मानस पटल से हटने नहीं देना चाहती है.
सेवा पखवाड़ा का उद्देश्य
भाजपा का यह ‘सेवा पखवाड़ा’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर हर साल मनाया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य जनता के बीच जाकर सेवा कार्यों को बढ़ावा देना और सरकार की योजनाओं के बारे में जागरुकता फैलाना है. इस साल बिहार में चुनाव है, ऐसे में सरकार की योजनाओं के साथ-साथ पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि को भी कैश करने का प्लान बनाया है. ‘चलो जीतें’ रथ भी इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाएगा. यह रथ यात्रा पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम जनता के बीच मोदी की छवि को एक बार फिर मजबूती से स्थापित करेगी. यह अभियन वोटरों को भावनात्मक रूप में एकजुट करने का बड़ा माध्यम बनेगी. पीएम मोदी के बर्थडे के जरिए पार्टी बिहार के हर कोने में अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है. यह अभियान आगामी चुनावों के लिए भी एक महत्वपूर्ण तैयारी मानी जा रही है.
पीएम मोदी का चेहरा बड़ा सहारा
भले ही इस बार बिहार विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा जा रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लगातार रैलियों और सक्रियता से यह साफ होता जा रहा है कि असली चेहरा मोदी ही होंगे. हर मंच से विकास, राष्ट्रवाद और स्थिरता की बात कर रहे प्रधानमंत्री अब बिहार में एनडीए की मुख्य चुनावी धुरी बनते दिख रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बिहार सिर्फ एक राज्य नहीं है, बल्कि सत्ता वापसी का टर्निंग पॉइंट है. भाजपा के लोग भी मानते हैं कि पार्टी के लिए यह इलेक्शन नहीं, भविष्य की दिशा तय करने की लड़ाई है, जिसमें पीएम मोदी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते.
जन्मदिन पर पीएम मोदी इस राज्य को देंगे बड़ी सौगात, PM मित्र पार्क का होगा उद्घाटन, 3 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार
देश में सात राज्यों में प्रस्तावित पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क की शुरुआत मध्य प्रदेश से होने जा रही है। धार जिले के भैंसोला में बनने वाले इस मेगा पार्क का भूमिपूजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को अपने जन्मदिन के अवसर पर करेंगे। यह पार्क 2100 एकड़ में विकसित होगा और देश का पहला ऐसा परिसर होगा, जहां 5F चेन– फार्म, फाइबर, फैक्ट्री, फैशन और फॉरेन– एक ही जगह पर जुड़ेगी। पार्क पूरी तरह सोलर एनर्जी से संचालित होगा और इसमें जीरो लिक्विड डिस्चार्ज सिस्टम लगाया जाएगा, ताकि पर्यावरण को किसी तरह की हानि न हो।
कितनों को मिलेगा रोजगार ?
पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क की इस परियोजना से 3 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने का अनुमान जताया जा रहा है। इसमें धार, झाबुआ, आलीराजपुर और बड़वानी के आदिवासी श्रमिकों और हुनरमंद महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
और कहां बन रहे हैं ऐसे पार्क ?
तमिलनाडु (विरुद्धनगर), तेलंगाना (वारंगल), गुजरात (नवसारी), कर्नाटक (कलबुर्गी), उत्तर प्रदेश (लखनऊ) और महाराष्ट्र (अमरावती) में पीएम मित्र पार्क का कार्य प्रारंभिक स्तर पर है। यह ऐसा पार्क है जहां विदेशी कंपनियों के लिए लॉजिस्टिक हब, वेयरहाउस और बड़ा पार्किंग एरिया भी होगा। कंपनियां अपने कंटेनर-ट्रक यहां आसानी से खड़ा कर सकेंगी।
पार्क में कौन सी सुविधाएं मिलेंगी ?
पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क में प्लग एंड प्ले यूनिट्स उपलब्ध होंगी। उद्योगों को केवल प्लॉट ही नहीं, बल्कि तैयार शेड भी मिलेगा, जिसमें बिजली और पानी की सुविधा पहले से मौजूद होगी। 81 प्लॉट सूक्ष्म और छोटे उद्योगों के लिए तय किराए पर उपलब्ध कराए जाएंगे। आधुनिक ढांचा और सुविधाएं उपलब्ध होगी। इस पार्क में लॉजिस्टिक हब, वेयरहाउस और बड़ा पार्किंग एरिया होगा, जहां कंटेनर और ट्रक आसानी से खड़े हो सकेंगे।
पार्क में प्रतिदिन 150 मेगावाट बिजली की खपत होगी, जिसमें 10 मेगावाट सोलर पैनल से आपूर्ति की जाएगी। उद्योगों से निकलने वाले पानी का 24 घंटे में ट्रीटमेंट होगा। रोजाना 20 एमएलडी पानी शुद्ध कर परिसर की सफाई और पौधों में इस्तेमाल किया जाएगा। श्रमिकों और कर्मचारियों के लिए 3500 बेड का हॉस्टल, डॉरमैट्री, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, अस्पताल और पेट्रोल पंप जैसी सुविधाएं भी रहेंगी।
धार को ही क्यों चुना गया ?
पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क के लिए धार के बदनावर को इसलिए चुना गया क्योंकि यहां से माल को झाबुआ–रतलाम होते हुए एक्सप्रेसवे के जरिए मुंबई के जेएनपीटी और गुजरात के कांडला पोर्ट तक आसानी से पहुंचाया जा सकेगा। साथ ही, बदनावर–थांदला हाईवे और पीथमपुर–मऊ–नीमच हाईवे से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। पार्क के विकास में पर्यावरण संतुलन और श्रमिक हितों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। यह पहल विदेशी कंपनियों, खासकर यूरोपियन बाजार के मानकों पर खरी उतरने में मदद करेगी, जहां पर्यावरण और श्रमिकों की स्थिति को प्राथमिकता दी जाती है।
‘मैं नरेंद्र दामोदर दास मोदी…’ गुजरात के आम कार्यकर्ता से CM और फिर PM बनने का सफर
‘मैं नरेंद्र दामोदर दास मोदी…’ 26 मई 2014 को जब पीएम मोदी ने देश के 14वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली, तो पूरी दुनिया में उनके नाम का जयघोष गूंजने लगा। दुनिया के सबसे मशहूर नेताओं की फेहरिस्त में शुमार पीएम मोदी 17 सितंबर 2025 को अपना 75वां जन्मदिन मनाएंगे।। गुजरात के आम प्रचारक से लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर देश के प्रधानमंत्री बनने का पीएम मोदी का सफर काफी प्रेरणादायक है।
पीएम मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के एक छोटे से शहर वडनगर में हुआ था। उनका बचपन काफी गरीबी में बीता। वो अपने पिता दामोदरदास मूलचंद मोदी के साथ वडनगर रेलवे स्टेशन पर चाय बेचते थे। वहीं, उनकी मां हीराबेन एक आम गृहिणी थीं। चार भाई-बहनों में पीएम मोदी अपने माता-पिता की तीसरी संतान थे।
पीएम इंडिया के अनुसार, “पीएम मोदी के स्कूल के दोस्त बताते हैं कि वो बचपन से ही काफी महत्वाकांक्षी थे। उन्हें किताबें पढ़ना बेहद पसंद था। वो स्कूल में बहस प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते थे। वो स्थानीय लाइब्रेरी में पढ़ते हुए घंटों बिता देते थे। उन्हें बचपन से स्वीमिंग भी बहुत पसंद थी।”
पीएम मोदी की अनदेखी तस्वीरें
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बचपन की तस्वीर। फोटो – narendramodi.in
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स्कूल में अपने शिक्षकों और प्रधानाध्यक्ष के साथ ग्रुप फोटो में पीएम मोदी। फोटो – X/@modiarchive
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पीएम मोदी की युवावस्था की तस्वीर। फोटो – X/@modiarchive
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स्वामी विवेकानंद की तस्वीर के साथ पीएम मोदी। फोटो – X/@modiarchive
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जनसभा को संबोधित करते पीएम मोदी। फोटो – X/@modiarchive
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अमित शाह के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। फोटो – X/@modiarchive
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गुजरात के अहमदाबाद में एक बैठक के दौरान लोगों को संबोधित करते पीएम मोदी। फोटो – X/@modiarchive

अपनी मां हीराबेन मोदी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। फोटो- X/@modiarchive







