देश आज 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। कर्तव्य पथ परेड जारी है। ऑपरेशन सिंदूर फॉर्मेशन हुआ। पैराट्रूपर्स उतरे। सूर्यास्त्र, MI-17 हेलिकॉप्टर्स ने बरसाए फूल। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र ध्वज फहराया। इस दौरान राष्ट्रगान हुआ। 21 तोपों की सलामी हुई। इसके बाद ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया।गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन हैं। कर्तव्य पथ पर मुख्य परेड शुरू हो गई है। समारोह लगभग 90 मिनट तक चलेगा। इस बार मुख्य परेड की थीम वंदेमातरम् पर रखी गई है। परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर 30 झांकियां निकलेंगी, जो ‘स्वतंत्रता का मंत्र-वंदे मातरम्, समृद्धि का मंत्र-आत्मनिर्भर भारत’ थीम पर आधारित होंगी।
केंद्र की मोदी सरकार की तरफ से इस बार गणतंत्र दिवस के मौके पर देशभर के अलग-अलग राज्यों से अल्पसंख्यक मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी समुदाय के लोगों को गणतंत्र दिवस की परेड देखने के लिए विशेष न्योता भेजा गया है. दिल्ली पहुंचे ये सभी परिवार कर्तव्य पथ पर मौजूद हैं. अल्पसंख्यक मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि PM मोदी के निर्देश पर खासतौर पर इन्हें बुलाया गया है और भारत सरकार के विशेष अतिथि हैं. केंद्र सरकार की तरफ से इनके रुकने, रहने और खाने-पीने की विशेष व्यवस्था की गई है. मयूर विहार के होटल क्राउन प्लाजा में केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री किरण रिजिजू ने इन परिवारों के साथ बातचीत भी की. देश के अलग-अलग राज्य से आए इन लोगों ने सरकार द्वारा चलाई जा रही स्कीम से जो फायदा मिला है, उसकी कहानी भी रिजीजू के साथ साझा की.
दरअसल, ये सभी परिवार अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा अल्पसंख्यकों के लिए चलाई जा रही NMDFC (नेशनल माइनॉरिटीज डेवलपमेंट एंड फाइनेंस कॉरपोरेशन) से जुड़े हैं. इस स्कीम के तहत सेल्फ इंप्लायमेंट देने के लिए सस्ती दरों पर लोन उपलब्ध कराया जाता है. गणतंत्र दिवस की परेड देखने के लिए दिल्ली पहुंचे इन परिवारों ने कहा कि दिल्ली तो पहले कई बार आए हैं, लेकिन ऐसा पहली बार हो रहा है कि जब परेड देखने के लिए विशेष तौर पर हमें बुलाया गया है. सरकार की तरफ से हमें जो लोन मुहैया कराया गया उससे हमें अपने कामकाज को आगे बढ़ाने में काफी मदद मिली है.
राष्ट्रपति ने ने वीरता पुरस्कारों को दी मंजूर
77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 70 सशस्त्र बल कर्मियों के लिए वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी है, जिनमें छह मरणोपरांत पुरस्कार शामिल हैं. इनमें एक अशोक चक्र, तीन कीर्ति चक्र, 13 शौर्य चक्र (एक मरणोपरांत सहित), एक बार टू सेना मेडल (वीरता), 44 सेना पदक (वीरता) (पांच मरणोपरांत सहित), छह नौ सेना पदक (वीरता), और दो वायु सेना पदक (वीरता) शामिल हैं. शौर्य चक्र पाने वालों में 21 पैरा (स्पेशल फोर्स) से लेफ्टिनेंट कर्नल घाटगे आदित्य श्रीकुमार, 32 असम राइफल्स से मेजर अंशुल बाल्टू, 5 पैरा (स्पेशल फोर्स) से मेजर शिवकांत यादव, 42 राष्ट्रीय राइफल्स से मेजर विवेक मेच, 11 पैरा (स्पेशल फोर्स) से मेजर लीशांगथेम दीपक सिंह और 6 पैरा (स्पेशल फोर्स) से कैप्टन योगेंद्र सिंह ठाकू शामिल हैं. एक असम राइफल्स से सूबेदार पीएच मोसेस, 4 राष्ट्रीय राइफल्स से बलदेव चंद (मरणोपरांत), 3 असम राइफल्स से राइफलमैन मंगलम सांग वैफेई, और 33 असम राइफल्स से राइफलमैन ध्रुबा ज्योति दत्ता थलसेना से शौर्य चक्र पाने वाले अन्य लोग हैं.
नेवी की महिला अफसरों को भी सम्मान
नौसेना की दो महिला अधिकारियों, लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए. को शौर्य चक्र प्रदान किया गया है. राष्ट्रपति ने सशस्त्र बलों और दूसरे जवानों के लिए 301 सैन्य अलंकरणों को भी मंजूरी दी है. इनमें 30 परम विशिष्ट सेवा पदक, चार उत्तम युद्ध सेवा पदक, 56 अति विशिष्ट सेवा पदक, नौ युद्ध सेवा पदक, दो बार टू सेना पदक (विशिष्ट), 43 सेना पदक (विशिष्ट), आठ नौसेना पदक (विशिष्ट), 14 वायु सेना पदक (विशिष्ट) और 135 विशिष्ट सेवा पदक शामिल हैं. इसके अलावा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने वर्ष 2026 के लिए 131 पद्म पुरस्कारों के वितरण को मंजूरी दी. पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक हैं, जो तीन श्रेणियों में प्रदान किए जाते हैं – पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री.
कर्तव्य पथ पर यूरोपीय संघ का दस्ता भी परेड में शामिल हुआ। यूरोपीय संघ का सैन्य प्रतिनिधित्व ईयू मिलिट्री स्टाफ के डायरेक्टर जनरल की ओर से कर्नल फ्रेडरिक साइमोन स्प्रुइट ने किया, जो एक जिप्सी में सवार थे।
गणतंत्र दिवस परेड LIVE:
MY भारत NSS मार्चिंग ग्रुप का नेतृत्व जयपुर की चारू सिंह ने किया
जम्मू कश्मीर और लद्दाख डायरेक्टोरेट के SD बॉयज कंटींजेंट के कमांडर सीनियर अंडर ऑफिसर तौहीद अल्ताफ ने 148 बॉयज कैडेट के दल का नेतृत्व किया। उनके बाद 200 वॉलेंटियर्स के MY भारत NSS मार्चिंग ग्रुप का नेतृत्व जयपुर, राजस्थान की चारू सिंह ने किया। इसके बाद एक-एक करके 30 झांकियां निकाली गईं। इनमें 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की और 13 मंत्रालयों/विभागों/सेवाओं की झांकियां थीं। ये ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम’ और ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’ की व्यापक थीम पर आधारित रहीं।
148 गर्ल्स कैडेट वाले NCC दल का मार्च, मानसी विश्वकर्मा ने लीड किया
उत्तराखंड डायरेक्टोरेट सीनियर विंग गर्ल्स की कमांडर सीनियर अंडर ऑफिसर मानसी विश्वकर्मा ने 148 गर्ल्स कैडेट वाले NCC दल का नेतृत्व किया।
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल दल और दिल्ली पुलिस दल ने मार्च किया
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल दल का नेतृत्व सब इंस्पेक्टर करण सिंह ने किया। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल दल, का नेतृत्व असिस्टेंट कमांडेंट सिमरन बाला और असिस्टेंट कमांडेंट सुरभि रवि ने किया। इसके बाद बैंड मास्टर-एएसआई देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस दल और असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस अनंत धनराज सिंह के नेतृत्व में दिल्ली पुलिस दल ने मार्च किया। बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स का ऊंट दल डिप्टी कमांडेंट महेंद्र पाल सिंह राठौर की कमान में मार्च पास्ट करता निकला।
ब्रह्मोस से लेकर राफेल और आकाश सिस्टम दिखाया दम
कर्तव्य पथ पर परेड शुरू हो चुका है. इस मौके पर ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल के साथ ही आकाश डिफेंस सिस्टम की झलक भी दिखी. राफेल और मिग विमानों ने ऑपरेशन सिंदूर का फॉर्मेशन पेश किया. इसके अलावा अत्याधुनिक मिसाइल और डिफेंस टेक्नोलॉजी भी देखने को मिली.