महागठबंधन ने बिहार में वोट अधिकार यात्रा में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी 26 और 27 अगस्त को शामिल होंगी, जबकि समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव 30 अगस्त को समापन समारोह में शिरकत करेंगे. कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि यह यात्रा मतदाता जागरूकता और गठबंधन की एकता को मजबूत करने का प्रयास है. मगर प्रियंका की मौजूदगी ने बिहार और बिहारियों से संबंधित एक पुराने विवाद की याद फिर से ताजा कर दी है जो बिहार की सियासत को गरमा सकता है. घटना पंजाब से जुड़ी है जहां प्रियंका गांधी का मौजूदगी में यूपी बिहार के लोगों को लेकर नफरती माहौल बनाया गया था और तब प्रियंका गांधी ने इस बात पर अपनी मुस्कुराहट नहीं रोक पाईं और ताली भी बजाने से परहेज नहीं किया था.
बात फरवरी 2022 की है जब पंजाब के रूपनगर में एक रैली के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा था, “यूपी, बिहार, दिल्ली के भइये पंजाब में घुसकर राज नहीं करेंगे.” तब प्रियंका गांधी मंच पर मौजूद थीं और इस बयान पर हंसते हुए ताली बजाती दिखीं. यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ और इसे यूपी-बिहार के लोगों का अपमान से जोड़ा गया था. तब बीजेपी नेता अमित मालवीय ने तब ट्वीट किया, प्रियंका यूपी में वोट मांगती हैं और पंजाब में बिहारियों का अपमान करती हैं. अब जब प्रियंका गांधी बिहार दौरे पर आ रही हैं तो इस विवाद की आग फिर सुलगने की आशंका है.
क्या था वह वाकया जब प्रियंका ने बजाई ताली?
पंजाब के रूपनगर में 15 फरवरी 2022 को प्रियंका गांधी तत्कालीन मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ चुनाव प्रचार रैली कर रही थीं. तब अपने भाषण में प्रियंका गांधी ने कहा कि पंजाब पंजाबियों का है. पंजाब को पंजाबी चलाएंगे अपनी सरकार बनाओ यहां कोई नई राजनीति नहीं मिलेगी, ये जो बाहर से आते हैं, आपके पंजाब में उन्हें सिखाइए कि पंजाबियत क्या है, पंजाब मेरी ससुराल है. इसके बाद चरणजीत सिंह चन्नी बोलता है प्रियंका पंजाबियां दी बहू है यूपी दे, बिहार दे, दिल्ली दे भइये आके इत्थे राज नई कर दे यूपी बिहार के भइयों को पंजाब में फटकने नहीं देना है. चरणजीत सिंह चन्नी के इतना बोलते ही जो बोले सो निहाल के नारे लगते हैं प्रियंका गांधी जोर से हंसती हैं तालियां बजाती है और खुद भी नारे लगाती है. इस वीडियो को बीजेपी के अमित मालवीय ने तब अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया था.
बिहार में क्यों गर्म हुआ विवाद?
बता दें कि बिहार में क्षेत्रीय अस्मिता और सम्मान की भावना गहरी है, ऐसे में पंजाब में चरणजीत सिंह चन्नी का बयान और प्रियंका की हंसी-ताली बिहार के लोगों के लिए अपमानजनक मानी गई. अब प्रियंका की वोट अधिकार यात्रा से पहले बीजेपी ने इस वीडियो को फिर से उछाला है. बीजेपी का दावा है कि प्रियंका का यह रवैया बिहार के मतदाताओं के साथ विश्वासघात है. जानकार कहते हैं कि प्रियंका गांधी की हंसी और ताली वाला यह मुद्दा ग्रामीण और शहरी मतदाताओं, खासकर प्रवासी मजदूरों को प्रभावित कर सकता है जो पंजाब जैसे राज्यों में काम करते हैं.
महागठबंधन की राह में चुनौती
बता दें कि वोट अधिकार यात्रा का लक्ष्य बिहार में महागठबंधन को मजबूत करना और 2025 के विधानसभा चुनावों की जमीन तैयार करना है. प्रियंका की करिश्माई अपील से गठबंधन को फायदा होने की उम्मीद है. मगर पंजाब विवाद ने इस रणनीति पर सवाल उठा दिए हैं. राजनीति के जानकार मानते हैं कि बीजेपी इस मुद्दे को फिर हवा देगी और महागठबंधन पर हमला करने से नहीं चूकेगी. हालांकि कांग्रेस ने इसे पुराना और वर्तमान संदर्भ से हटकर बताया है. कांग्रेस की ओर से कहा जा रहा है कि, प्रियंका बिहार के लोगों के लिए समर्पित हैं और यह बीजेपी की साजिश है.
क्या भूल पाएंगे बिहारवासी?
बहरहाल, सवाल यह है कि प्रियंका गांधी की उस हंसी और ताली को बिहार के लोग आसानी से भूल पाएंगे? एक ओर बीजेपी जहां इसे भावनात्मक मुद्दा बनाकर मतदाताओं को लामबंद करने की कोशिश में है, वहीं दूसरी ओर, अखिलेश यादव की मौजूदगी सपा को बिहार में मजबूत करने का प्रयास है, मगर यह विवाद उनकी रणनीति पर भी असर डाल सकता है. हालांकि, जानकार कहते हैं कि बिहार की सियासत में यह मुद्दा क्षेत्रीय अस्मिता को लेकर सियासत में गर्माहट ला सकता है.
जानकारों की नजर में विवाद
हालांकि, बिहार के कुछ जानकार और स्थानीय नेताओं ने इस विवाद को पुराना बताकर खारिज किया है, मगर कई लोग प्रियंका से स्पष्टीकरण की मांग कर रहे हैं. प्रवासी मजदूरों के बीच यह मुद्दा खासा संवेदनशील है. जाहिर है महागठबंधन के लिए प्रियंका गांधी की यह यात्रा एक अवसर के साथ-साथ जोखिम भी है. प्रियंका गांधी को इस विवाद का जवाब देना होगा वरना बीजेपी इसे सियासी हथियार बनाएगी और जरूर भुनाएगी.
महागठबंधन ने बिहार में वोट अधिकार यात्रा में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी 26 और 27 अगस्त को शामिल होंगी, जबकि समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव 30 अगस्त को समापन समारोह में शिरकत करेंगे. कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि यह यात्रा मतदाता जागरूकता और गठबंधन की एकता को मजबूत करने का प्रयास है. मगर प्रियंका की मौजूदगी ने बिहार और बिहारियों से संबंधित एक पुराने विवाद की याद फिर से ताजा कर दी है जो बिहार की सियासत को गरमा सकता है. घटना पंजाब से जुड़ी है जहां प्रियंका गांधी का मौजूदगी में यूपी बिहार के लोगों को लेकर नफरती माहौल बनाया गया था और तब प्रियंका गांधी ने इस बात पर अपनी मुस्कुराहट नहीं रोक पाईं और ताली भी बजाने से परहेज नहीं किया था.
बात फरवरी 2022 की है जब पंजाब के रूपनगर में एक रैली के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा था, “यूपी, बिहार, दिल्ली के भइये पंजाब में घुसकर राज नहीं करेंगे.” तब प्रियंका गांधी मंच पर मौजूद थीं और इस बयान पर हंसते हुए ताली बजाती दिखीं. यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ और इसे यूपी-बिहार के लोगों का अपमान से जोड़ा गया था. तब बीजेपी नेता अमित मालवीय ने तब ट्वीट किया, प्रियंका यूपी में वोट मांगती हैं और पंजाब में बिहारियों का अपमान करती हैं. अब जब प्रियंका गांधी बिहार दौरे पर आ रही हैं तो इस विवाद की आग फिर सुलगने की आशंका है.
क्या था वह वाकया जब प्रियंका ने बजाई ताली?
पंजाब के रूपनगर में 15 फरवरी 2022 को प्रियंका गांधी तत्कालीन मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ चुनाव प्रचार रैली कर रही थीं. तब अपने भाषण में प्रियंका गांधी ने कहा कि पंजाब पंजाबियों का है. पंजाब को पंजाबी चलाएंगे अपनी सरकार बनाओ यहां कोई नई राजनीति नहीं मिलेगी, ये जो बाहर से आते हैं, आपके पंजाब में उन्हें सिखाइए कि पंजाबियत क्या है, पंजाब मेरी ससुराल है. इसके बाद चरणजीत सिंह चन्नी बोलता है प्रियंका पंजाबियां दी बहू है यूपी दे, बिहार दे, दिल्ली दे भइये आके इत्थे राज नई कर दे यूपी बिहार के भइयों को पंजाब में फटकने नहीं देना है. चरणजीत सिंह चन्नी के इतना बोलते ही जो बोले सो निहाल के नारे लगते हैं प्रियंका गांधी जोर से हंसती हैं तालियां बजाती है और खुद भी नारे लगाती है. इस वीडियो को बीजेपी के अमित मालवीय ने तब अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया था.
बिहार में क्यों गर्म हुआ विवाद?
बता दें कि बिहार में क्षेत्रीय अस्मिता और सम्मान की भावना गहरी है, ऐसे में पंजाब में चरणजीत सिंह चन्नी का बयान और प्रियंका की हंसी-ताली बिहार के लोगों के लिए अपमानजनक मानी गई. अब प्रियंका की वोट अधिकार यात्रा से पहले बीजेपी ने इस वीडियो को फिर से उछाला है. बीजेपी का दावा है कि प्रियंका का यह रवैया बिहार के मतदाताओं के साथ विश्वासघात है. जानकार कहते हैं कि प्रियंका गांधी की हंसी और ताली वाला यह मुद्दा ग्रामीण और शहरी मतदाताओं, खासकर प्रवासी मजदूरों को प्रभावित कर सकता है जो पंजाब जैसे राज्यों में काम करते हैं.
महागठबंधन की राह में चुनौती
बता दें कि वोट अधिकार यात्रा का लक्ष्य बिहार में महागठबंधन को मजबूत करना और 2025 के विधानसभा चुनावों की जमीन तैयार करना है. प्रियंका की करिश्माई अपील से गठबंधन को फायदा होने की उम्मीद है. मगर पंजाब विवाद ने इस रणनीति पर सवाल उठा दिए हैं. राजनीति के जानकार मानते हैं कि बीजेपी इस मुद्दे को फिर हवा देगी और महागठबंधन पर हमला करने से नहीं चूकेगी. हालांकि कांग्रेस ने इसे पुराना और वर्तमान संदर्भ से हटकर बताया है. कांग्रेस की ओर से कहा जा रहा है कि, प्रियंका बिहार के लोगों के लिए समर्पित हैं और यह बीजेपी की साजिश है.
क्या भूल पाएंगे बिहारवासी?
बहरहाल, सवाल यह है कि प्रियंका गांधी की उस हंसी और ताली को बिहार के लोग आसानी से भूल पाएंगे? एक ओर बीजेपी जहां इसे भावनात्मक मुद्दा बनाकर मतदाताओं को लामबंद करने की कोशिश में है, वहीं दूसरी ओर, अखिलेश यादव की मौजूदगी सपा को बिहार में मजबूत करने का प्रयास है, मगर यह विवाद उनकी रणनीति पर भी असर डाल सकता है. हालांकि, जानकार कहते हैं कि बिहार की सियासत में यह मुद्दा क्षेत्रीय अस्मिता को लेकर सियासत में गर्माहट ला सकता है.
जानकारों की नजर में विवाद
हालांकि, बिहार के कुछ जानकार और स्थानीय नेताओं ने इस विवाद को पुराना बताकर खारिज किया है, मगर कई लोग प्रियंका से स्पष्टीकरण की मांग कर रहे हैं. प्रवासी मजदूरों के बीच यह मुद्दा खासा संवेदनशील है. जाहिर है महागठबंधन के लिए प्रियंका गांधी की यह यात्रा एक अवसर के साथ-साथ जोखिम भी है. प्रियंका गांधी को इस विवाद का जवाब देना होगा वरना बीजेपी इसे सियासी हथियार बनाएगी और जरूर भुनाएगी.







