बिहार की राजधानी पटना के मिलर स्कूल ग्राउंड में मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक युवक का शव संदिग्ध हालत में मिला. सूचना मिलते ही कोतवाली थाने की पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक मृतक की उम्र करीब 25 से 30 साल के बीच है और उसके मुंह से झाग निकल रहा था, जिससे जहर दिए जाने या हत्या कर शव को यहां फेंके जाने की आशंका जताई जा रही है . पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. जिससे जहर दिए जाने या हत्या कर शव को यहां फेंके जाने की आशंका जताई जा रही है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके.
एक महीने में पांचवीं लाश से दहला वीवीआईपी इलाका
बता दें कि यह घटना आम वारदातों जैसी नहीं लग रही है, क्योंकि सचिवालय थाने के 500 मीटर के दायरे में एक महीने के भीतर लाश मिलने का यह पांचवां मामला है. इससे पहले, तीन शव सचिवालय थाना क्षेत्र में और एक गर्दनीबाग थाना क्षेत्र में मिल चुके हैं. लगातार मिल रहे शवों के कारण स्थानीय लोगों के बीच भारी दहशत का माहौल है. लोग इस बात से हैरान हैं कि पटना का सबसे सुरक्षित माना जाने वाला वीवीआईपी क्षेत्र अपराधियों के लिए शव ठिकाने लगाने की आसान जगह कैसे बन गया है.
अज्ञात शवों की गुत्थी सुलझाने में नाकाम पुलिस
इस सिलसिलेवार बरामदगी में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पटना पुलिस अब तक अधिकांश शवों की पहचान भी नहीं कर पाई है.
- पहली और दूसरी लाश: सचिवालय थाना क्षेत्र से सटे रेलवे ट्रैक के पास दो युवकों के शव मिले थे, जिनकी पहचान आज तक नहीं हो सकी है.
- तीसरी लाश: गर्दनीबाग थाना क्षेत्र में मिली लाश की शिनाख्त फुलवारी शरीफ निवासी युवक के रूप में हुई थी.
- चौथी लाश: इसी महीने 9 जुलाई को सचिवालय थाने से महज 500 मीटर दूर एक वीवीआईपी इलाके से एक और अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ था, जिसकी गुत्थी आज तक अनसुलझी है.
- पांचवीं लाश: आज फिर ठीक उसी तरह कोतवाली थाना क्षेत्र के मिलर स्कूल ग्राउंड में इस युवक की लाश बरामद हुई.
क्या पटना में एक्टिव है कोई सीरियल किलर?
सचिवालय, गर्दनीबाग और कोतवाली थाना क्षेत्रों के इस त्रिकोण के बीच, वो भी चंद सौ मीटर की दूरी पर लगातार युवाओं की लाशें मिलना किसी बड़े खतरे की ओर इशारा कर रहा है. स्थानीय स्तर पर यह चर्चाएं तेज हो गई हैं कि कहीं इन हत्याओं के पीछे किसी साइको या सीरियल किलर का हाथ तो नहीं है, जो युवाओं को निशाना बनाकर सुरक्षित इलाकों में लाशें डंप कर फरार हो जा रहा है. पटना पुलिस की भारी-भरकम सुरक्षा व्यवस्था और चप्पे-चप्पे पर लगे सीसीटीवी कैमरे भी इस कातिल का सुराग ढूंढने में अब तक पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं.