25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान राजधानी पटना समेत कई जिलों में जमकर उपद्रव हुआ। कई जगहों पर पुलिस और छात्रों की सीधी भिड़ंत हुई। कहीं गोलियां चली तो कहीं पत्थरबाजी हुई।
उस दिन जिन जिलों में उप्रदव हुए, वहां पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छात्रों को अपनी कस्टडी में ले लिया था। मगर, इसका सही आंकड़ा उस दौरान सामने नहीं आया था।
भास्कर ने ग्राउंड जीरो पर मौजूद अपने टीम के हवाले से करीब 600 लोगों को पुलिस कस्टडी में लिए जाने की बात बताई थी। अब इसकी पुष्टि बिहार पुलिस ने भी कर दी है।
भास्कर ने पकड़े गए छात्रों की तस्वीरें जारी करने और उनके भविष्य को लेकर सवाल उठाया। बिहार सरकार ने सोमवार को फैसला किया कि छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कई कानूनी कार्रवाइयों को वापस लिया जाएगा। दर्ज सभी एफआईआर वापस लिए जाएंगे।
1- 270 स्टूडेंट्स की तस्वीरें जारी कर बना दिया गुंडा
प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में पुलिस ने दो हजार छात्रों पर FIR किया। 270 की तस्वीरें जारी कर दिया। इस कार्रवाई को लेकर हमने खबर प्रकाशित की। अब सरकार ने सभी FIR वापस लेने का फैसला किया है।
2- सम्राट चौधरी के नाम दादी की इमोशनल चिट्ठी
दिल्ली में केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स पर पुलिसिया कार्रवाई नहीं करने का ऐलान किया था। इसके बाद भी बिहार पुलिस ने NEET पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शन में शामिल छात्रों को जेल भेजा। इसपर हमने सीएम सम्राट चौधरी के नाम एक छात्र की दादी का पत्र प्रकाशित किया। उन्होंने गिरफ्तार छात्रों को जेल नहीं भेजने और दिल्ली का समझौता मानने की गुहार लगाई थी। सरकार ने ऐसा ही किया।
3- पुलिस ने 600 छात्रों को पकड़ा, सोते हुए लड़कों को उठा ले गई
विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने करीब 600 छात्रों को पकड़ा। भास्कर ने सवाल उठाया कि अब इनका क्या होगा। परिजनों ने बताया कि उनके बच्चे को पुलिस सोते समय उठाकर ले गई।
पुलिस मुख्यालय ने बताया 694 लोगों को हिरासत में लिया
पुलिस मुख्यालय के अनुसार उपद्रव के मामले में पूरे राज्य से 694 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इस मामले में आधिकारिक बयान जारी कर पुलिस मुख्यालय ने बताया है कि हिरासत में लिए गए 339 नाबालिकों व छात्रों को जांच के बाद छोड़ दिया गया। इन सभी का प्रॉपर तरीके से वेरिफिकेशन किया गया था। हिंसा में शामिल 355 लोगों को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उन्हें ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया।
हालांकि, AISA समेत कई छात्र संगठन अब भी दावा कर रहे हैं कि पुलिस ने सभी छात्रों को अब तक नहीं छोड़ा है। जिन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा है, उनमें अधिकांश छात्र हैं।
15 जिलों में 164 सरकारी अधिकारी-कमर्चारी घायल
पुलिस मुख्यालय के अनुसार 25 जुलाई को हुई हिंसक वारदातों में 15 जिलों में 164 सरकारी अधिकारी और कमर्चारी घायल हुए हैं। 157 घायल पुलिस से हैं। घायल हुए 7 लोग दूसरे सरकारी विभागों के हैं।
घायल पुलिस वालों में पटना रेंज के आईजी जितेंद्र राणा, सीतामढ़ी और सीवान के SP से लेकर चौकीदार तक शामिल हैं। इसमें एक आईजी, 2 एसपी, 2 एसडीपीओ, 6 डीएसपी, 9 इंस्पेक्टर, 21 सब इंस्पेक्टर, 5 एएसआई, 7 हवलदार, 92 सिपाही, एक महिला सिपाही, 6 होमगार्ड जवान, 7 चौकिदार शामिल हैं।
इस घटना में कई थाना प्रभारी के सिर फट गए। पटना के गांधी मैदान थाना प्रभारी को गंभीर चोट लगी। 25 जुलाई को हुए उपद्रव में 13 आम लोग भी जख्मी हुए थे। उपद्रव करने वालों ने 14 सरकारी गाड़ियों में तोड़फोड़ की थी और एक गाड़ी में आग लगा दी थी।
घायल हुए दोनों BDO की हालत गंभीर
बिहार बंद के दौरान सारण जिले में दो प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) पर जानलेवा हमला हुआ था। दोनों की हालत गंभीर है। इनका इलाज चल रहा है।
छपरा सदर के BDO दृष्टि पाठक की एक आंख पूरी तरह से खत्म हो गई है। इनका इलाज पटना के IGIMS में इलाज चल रहा है।
रिविलगंज के BDO रितेश कुमार के सिर पर हमला हुआ था। उनके सिर में गंभीर जख्म हुआ है, जिसकी सर्जरी पटना के मेदांता हॉस्पिटल में हुई है।
पकड़े गए छात्र की दादी ने सीएम सम्राट से लगाई थी गुहार
पकड़े गए एक छात्र की दादी ने सीएम सम्राट चौधरी के नाम पत्र में गिरफ्तार छात्रों को जेल नहीं भेजने और दिल्ली का समझौता मानने की गुहार लगाई थी। पत्र पटना की रहने वाली रामसखी देवी का, जिनके पोते को पुलिस ने 25 जुलाई के प्रदर्शन में गिरफ्तार किया है। रामसखी ऐसी एक महिला नहीं हैं। बिहार के पूरे आंदोलन में ऐसे 600 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके परिजन अब पुलिस और कोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं।
मेरा बेटा तो परीक्षा देकर लौट रहा था, पुलिस पकड़ ले गई
बेगूसराय में पुलिस ने अभिषेक झा नाम के छात्र को गिरफ्तार किया है। वह वीरपुर थाना क्षेत्र स्थित डीहपर गांव का रहने वाला है। बेटे की गिरफ्तारी के बाद से मां विभा देवी सदमे में हैं।
उन्होंने कहा, ‘मेरा बेटा अभिषेक ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के आरसीएस कॉलेज मंझौल में बीएससी सेकेंड सेमेस्टर में पढ़ता है। उसका परीक्षा केंद्र एसकेएम महिला कॉलेज बेगूसराय था। 23 जुलाई को सेकंड सीटिंग में उसका पेपर था। परीक्षा देने के बाद शाम को वह पैदल ही पावर हाउस बस स्टैंड की ओर जा रहा था। यहां से अपने गांव के लिए बस पकड़ता। पुलिस ने ट्रैफिक चौक के पास उसे पकड़ लिया।’
‘मेरा बेटा सीधा-साधा है। सिर्फ अपनी पढ़ाई पर ध्यान देता है। पता नहीं वह कहां है। किस हाल में है। उसे छुड़ाने के लिए थाना-थाना भटक रही हूं।
मेरा बेटा दुकान में काम करता है, पुलिस ने पकड़ लिया
पटना के कोतवाली थाना के बाहर बेटे की रिहाई की उम्मीद में खड़ी आशा देवी से बताया, ‘मेरा घर भोजपुर जिले के बिहिया में है। 27 साल का मेरा बेटा सतीश कुमार दुकान में लिफ्ट का काम करता है। वह एक लिफ्ट को बनवाने के लिए पटना आया था। शनिवार को पटना से लौटते समय पुलिस ने मेरे बेटे को गिरफ्तार कर लिया। मुझे पता नहीं चल रहा है कि वह कहां है।’
रिहाई नहीं हुई तो बिहार में दिल्ली जैसा नजारा होगा: नेहा बोरा
बिहार सरकार द्वारा FIR वापस लेने और प्रदर्शनकारियों को छोड़ने का फैसला लेने से पहले आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने सोमवार को जेल में बंद छात्र नेताओं से मुलाकात की।
नेहा ने कहा, ‘अगर बिहार में गिरफ्तार किए गए छात्रों की रिहाई नहीं हुई तो यहां भी दिल्ली के जंतर मंतर जैसा नजारा होगा। बिहार की सड़कों पर पुलिस ने स्टूडेंट्स को गालियां दीं, एनकाउंटर की धमकी दी। साथ ही जाति धर्म के नाम पर टिप्पणी भी की।’
नेहा बोरा ने कहा, ‘मैं लगातार छात्र नेताओं को रिहा करने के लिए अपनी लीगल टीम से बात कर रही हूं। बेऊर जेल में तेजप्रताप यादव और पटना यूनिवर्सिटी के छात्र संघ अध्यक्ष शांतनु शेखर से मुलाकात की। तेजप्रताप की रिहाई की भी कोशिश कर रही हूं।’
‘जेल में वैसे छात्र ही मौजूद थे, जो प्रदर्शन में शामिल तक नहीं थे। जब वह अपने साथियों से मिली तो उनसे सबा आफरीन ने कहा कि जब मुझे पुलिस उठा रही थी तो उन्होंने मुझे धमकी दी की मौके पर ही एनकाउंटर कर देंगे।’
नेहा ने आगे कहा कि छात्रों पर हुआ दमन माफ नहीं किया जाएगा। जब तक जेल में बंद आखिरी छात्र रिहा नहीं होगा, तब तक हम लोग आंदोलन करते रहेंगे। जो आंदोलन जंतर मंतर पर हुआ उससे भी बड़ा आंदोलन बिहार में होगा। हम प्रशासन को कल तक का समय देते हैं कि वह हमें लिखित रूप से दे कि हमारे साथियों को रिहा किया जाएगा, नहीं तो फिर हम अपनी तरफ से एक्शन लेंगे।
नेहा ने कहा, अगर बिहार के जेलों में रह रहे छात्र नहीं रिहा होंगे, तो जो मंजर दिल्ली में देखा गया था वह बिहार के अलग-अलग जिलों में देखने को मिलेगा। यह आंदोलन जंतर मंतर पर चल रहे आंदोलन से ज्यादा तीखा होगा। देशभर के छात्र बिहार की ओर कूच करेंगे।
इधर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास ने एक पोस्ट के जरिए बताया कि हमारी प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ ही घंटों बाद, सरकार के प्रतिनिधियों ने हमसे मुलाकात की। यह बैठक लगभग 2 से 3 घंटे चली। सरकार ने कल तक केंद्र सरकार और अन्य भाजपा/एनडीए (BJP/NDA) शासित राज्यों द्वारा छात्रों को छोड़ने की गारंटी वाले नोटिफिकेशन जारी करने के अपने वादे को दोहराया है।
तेजप्रताप यादव की जमानत याचिका खारिज, जेल में ही रहेंगे
छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए तेजप्रताप यादव की जमानत याचिका सोमवार को कोर्ट ने खारिज कर दी। तेजप्रताप को पुलिस ने गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेजा है।
सीने में दर्द होने की वजह से तेजप्रताप यादव को जेल में ही मेडिकल ऑब्जर्वेशन मे रखा गया है। जानकारी के मुताबिक तेजप्रताप जेल का खाना खाने से मना कर रहे हैं। जेल अधिकारियों के काफी मान-मनौव्वल के बाद उन्होंने सोमवार की सुबह नास्ते में रोटी, दाल और सब्जी खाई।







