भाजपा नेता अरुण जेटली की पुण्यतिथि पर रविवार को पटना के कंकड़बाग स्थित पार्क में भाजपा नेताओं ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय समेत कई भाजपा नेताओं ने जेटली के योगदान को याद किया। साथ ही कांग्रेस-राजद गठबंधन और इनके वोटर अधिकार यात्रा पर तीखा हमला बोला।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और राजद लोकतंत्र के नहीं, बल्कि राजतंत्र के प्रतीक हैं। एक ही परिवार की पार्टी ने 75 वर्षों में से 55 वर्षों तक सत्ता में रहकर देश और बिहार को पीछे धकेला।
गरीबी और पिछड़ापन अगर बिहार में है तो इसका कारण कांग्रेस और राजद की नीतियां हैं। देश में अगर भाईचारा बिगड़ा है तो उसकी जड़ में भी यही दोनों दल हैं।
विपक्ष की यात्राओं से नहीं पड़ता कोई फर्क
चौधरी ने आगे कहा कि बिहार आज बदल रहा है। सड़कों, बिजली और अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल चुकी है। बिहार में सुशासन है। यहां कोई भी बड़ा अपराध होता है तो 100 घंटे के अंदर कार्रवाई की जाती है। यही लोकतंत्र की पहचान है। जितना यह लोग सड़क पर उतरेंगे, उतना ही एनडीए का वोट बढ़ेगा। बिहार ने स्वर्णिम काल दिया है और यही गणतंत्र की जन्मस्थली है। विपक्ष की यात्राओं से कोई फर्क नहीं पड़ता।
उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिवंगत अरुण जेटली की आर्थिक नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी जी के आने के बाद ही देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आया। मनमोहन सिंह अर्थशास्त्री थे, फिर भी देश की अर्थव्यवस्था ठहर गई थी। अरुण जेटली ने जीएसटी लागू कर देश को आर्थिक क्रांति दी। आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जीएसटी को और मजबूत किया जा रहा है।
मोदी जी ने बदली देश की अर्थव्यवस्था
उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष के नेता जिनके साथ घूम रहे हैं, उन्हीं कांग्रेस ने उनके पिता पर पशुपालन घोटाले में पहली बार एफआईआर दर्ज की थी। जनता दल की सरकार के वक्त चार्जशीट हुआ और जेल गए। कांग्रेस की ही सरकार थी जिसने उन्हें सजा दिलवाई। आज उन्हीं कांग्रेसियों के साथ वे हाथ मिलाकर घूम रहे हैं।
मंगल पांडेय ने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ पर साधा निशाना
बिहार सरकार में मंत्री मंगल पांडेय ने कांग्रेस और राजद की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ पर कहा कि इन लोगों को लगता है कि चुनाव आयोग का काम इनके खिलाफ जा सकता है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट समय दिया है, जिसके भीतर कोई भी आपत्ति दर्ज कर सकता है। लेकिन आयोग के सामने बात रखने के बजाय ये सड़क पर राजनीति कर रहे हैं।







