ऑपरेशन सिंदूर को लेकर केंद्र सरकार मंगलवार को लोकसभा में बड़े ही आत्मविश्वास के साथ उतरी। लोकसभा के मैदान में एक तरफ थे गृहमंत्री अमित शाह तो दूसरी तरफ समूचा विपक्ष। शाह ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर इशारों इशारों में कहा कि पाकिस्तान को बचाने वाले नहीं बचेंगे। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के आतंकियों के पाकिस्तान होने का सबूत मांगने वाले पूर्व गृहमंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम को आड़े हाथ लिया। शाह ने आतंकियों के पाकिस्तान का होने का सबूत बताते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में 20 मिनट में 9 आतंकी ठिकाने तबाह किए गए। 100 किलोमीटर भीतर तक घुसकर हमारी सेना ने हमले किए। उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को भी चुप करा दिया।
शाह बोले-ऑपरेशन महादेव में तीनों आतंकी मारे गए
शाह लोकसभा में पूरी तैयारी के साथ आए थे। उन्होंने लोकसभा में कहा-ऑपरेशन महादेव की जानकारी देना चाहता हूं। कल ऑपरेशन महादेव में सुलेमान, अफरान और जिबरान तीन आतंकवादी सेना, सीआरपीएएफ और कश्मीर पुलिस के अभियान में मारे गए हैं। ये जो सुलेमान का लश्कर का कमाडंर था, पहलगाम हमले और गगनवीर आतंकी हमले में लिप्त था, इसके ढेर सारे सबूत हमारे पास है। अफरान और जिबरान ए ग्रेड आतंकी था। सदन को बताना चाहता हूं जिन्होंने बैरसन घाटी में हमारे नागरिकों को मारा था ये तीनों आतंकी थे और तीनों मारे गए।
जब शाह बोले, पाकिस्तान से आपकी बात होती है क्या?
शाह जब ऑपरेशन महादेव की जानकारी दे रहे थे तो उस वक्त अखिलेश समूत पूरा विपक्ष हो-हल्ला करने लगा। उन्होंने कहा-मैं तो अपेक्षा कर रहा था कि सूचना सुनेंगे तो पक्ष विपक्ष में खुशी की लहर दौड़ पड़ेगी. मगर इनके चेहरे पर स्याही पड़ गई। मान्यवार, ये किस तरह की राजनीति है भाई। आतंकवादी भी मारे गए इसकी भी खुशी नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पाकिस्तान से आपकी बात होती है क्या?
अखिलेश जी, आतंकियों का धर्म देख दुखी मत हो
लोकसभा में शाह के बोलने के दौरान जब अखिलेश यादव भी खड़े हो गए तो शाह ने उन्हें चुप करा दिया। उन्होंने कहा कि अखिलेश जी बैठ जाइए मेरा पूरा जवाब सुनिए आपको सब समझ में आ जाएगा, भाई आप आतंकवादियों की धर्म देखकर दुखी मत होइए।
शाह ने चिदंबरम को लिया आड़े हाथ
लोकसभा में अमित शाह पूरी रौ में दिखे। उन्होंने बताया कि पहलगाम के आतंकवादियों की कैसे पहचान हुई। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा-कल पूछ रहे थे कहां से आए, भाई जिम्मेदारी हमारी ही है, हम सरकार में है, पर मैं पूछता हूं कि जब आप सरकार में थे तब आपने क्यों जिम्मेदारी नहीं ली। कल देश के पूर्व गृह मंत्री चिदंबरम जी ने कहा कि क्या प्रूफ है कि आतंकवादी पाकिस्तान से आए, ये कब उठाया जब संसद में चर्चा होने वाली थी। क्या कहना चाहते हैं चिदंबरम साहब, पाकिस्तान को बचाकर आपको क्या मिलेगा।
शाह बोले-हमारे पास आतंकियों के पाकिस्तानी होने का प्रूफ
शाह ने चिदंबरम पर बरसते हुए कहा कि हमारे पास प्रूफ है कि वो पाकिस्तानी हैं। तीन में से दो के वोटर नंबर भी उपलब्ध हैं। रायफल, चॉकलेट भी पाकिस्तान की बनाई हुई है। ये कहते हैं कि पाकिस्तानी नहीं हैं। इसका मतलब पूरी दुनिया के सामने इस देश का पूर्व गृह मंत्री पाकिस्तान को क्लीनचिट दे रहा है। ऐसा बोलकर चिदंबरम पाकिस्तान पर हमले को लेकर सवाल खड़ा कर रहे हैं। पूरी दुनिया में हमारे संसद सदस्य गए थे, वो पूर्व मंत्री जो कांग्रेस पार्टी से आते हैं वो सबूत मांगते हैं, मुझसे मांगते मैं दे देता। टीवी से मांगते वो दे देता। बच नहीं पाओगे आप लोग।
शाह ने चिदंबरम पर बोला जोरदार हमला
शाह ने कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष पर हमला करते हुए कहा-पहलगाम के दोषी कहां गए, ये पूछते थे। ये जो 10 मैंने नाम पढ़े हैं इसमें से 8 चिदंबरम एंड कंपनी के समय आतंकवादी घटना घटाने वाले लोगों को हमारी सेना ने चुन-चुनकर खत्म कर दिया। पाकिस्तान से गलती हो गई, उसके सेना के अधिकारी आतंकियों के नमाजे जनाजा में शामिल हुए। इससे पाकिस्तान पूरी तरह से एक्सपोज हो गया। पाकिस्तान का एक भी मिसाइल हमारा नुकसान नहीं कर पाए।
अमित शाह ने कहा कि अभी तो शुरू हुआ है। मैं पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर के बारे में घटनाक्रम बताना चाहता हूं। मुझे लगा कि कल रक्षा मंत्री के बयान के बाद कांग्रेस पार्टी समर्थन में भाषण देगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और विपक्ष ने कई सवाल उठाए। मैं बताना चाहता हूं कि 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 लोग मारे गए। हमने उसी वक्त मैं श्रीनगर के लिए निकल गया। रात को ही सुरक्षाबलों की बैठक कर आतंकियों को भागने से रोकने की व्यवस्था की। 23 अप्रैल को सीसीएस की बैठक हुई, जिसमें सिंधु जल संधि को स्थगित करने का फैसला किया। हमने अटारी पर एकीकृत जांच चौकी को सस्पेंड कर दिया और पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजा। पाकिस्तानी उच्चायुक्त के सलाहकारों को अवांछित किया और कई को वापस भेजा। साथ ही सुनिश्चित किया कि आतंकियों और उनके आकाओं को उचित जवाब दिया जाएगा।
कल गोगोई जी ने कहा कि पीएम मोदी हमले के वक्त विदेश दौरे पर थे, लेकिन जब राहुल गांधी गए थे, तब वहां कोई नहीं था। बिहार में चुनाव कार्यक्रम करने पर पीएम मोदी के जाने पर बताना चाहूंगा कि ऐसे हमले के समय प्रधानमंत्री को जनता की भावनाओँ के अनुरूप जवाब देना होता है। प्रधानमंत्री ने बिहार की जनसभा में इस पर आतंकियों को कड़ा संदेश दिया और आंतक के आकाओं की कमर तोड़ने की बात कही। अब पीएम मोदी के भाषण में जिसे चुनावी भाषण दिखता है तो ये उनकी समझ पर गंभीर सवाल है।
इसके बाद 30 अप्रैल को सीसीएस की बैठक हुई उसमें सशस्त्र बलों को पूर्ण ऑपरेशन की आजादी दी गई। इसके बाद ऑपरेशन सिंदूर हुआ। 7 मई को रात को 1 बजकर चार मिनट से एक बजकर 24 मिनट तक चला और पाकिस्तान को नौ आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। इससे बड़ा संयमित हमला नहीं हो सकता। दुनियाभर में युद्ध हो रहे है, जिनमें आम नागरिक मर रहे हैं, लेकिन हमारे हमलों में एक भी आम नागरिक नहीं मारा गया। सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक में हमने पीओक में एक तरह से अपने ही हिस्से में हमला किया पर इस बार 100 किलोमीटर अंदर घुसकर पाकिस्तान पर हमला किया। आतंकियों के हमले में जो मारे गए हाफिज मोहम्मद जमील, मुदस्सर खादियान, याकूब मलिक, मोहम्मद हमजा जमील, मोहम्मद यूसुफ अजहर, मोहम्मद आमिर, मोहम्मद हसन, अब्दुल मलिक, नोएल मलिक आदि आतंकी मारे गए। ये जो नाम मैंने पढे हैं, उनमें से आठ ने यूपीए सरकार में आतंकी हमले किए। कम से कम 100 से अधिक लोगों ने हमारी सेना ने मार डाला है।







