सावन का महीना शुरू होने के साथ ही कांवड़ यात्रा भी शुरू हो गई लेकिन हैरान करने वाली बात ये है कि भगवा चोला पहन कर बहुत से अपराधी और बांग्लादेशी भी कांवड़ यात्रा में घुस आए हैं। उत्तराखंड पुलिस ने ऐसे 90 लोगों को पकड़ा है, जो न साधु हैं, न ज्योतिषी, लेकिन भगवा चोला पहनकर लोगों को मूर्ख बना रहे थे। असल में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरे प्रदेश में ऑपरेशन कालनेमी चलाने का आदेश दिया है। इस ऑपरेशन के तहत ऐसे लोगों को पकड़ा जाएगा जो सावन के महीने में साधु का वेश बनाकर लोगों को ठग रहे हैं।
देहरादून में पुलिस ने गेरूआ वस्त्र पहन कर साधु के वेश में घूम रहे एक बांग्लादेशी को पुलिस ने पकड़ा। ये शख्स घर-घर जाकर लोगों से पैसा मांग रहा था। पुलिस ने इसका नाम पूछा तो उसने अपना नाम रकम बताया, लेकिन जब इसकी तलाशी ली गई तो इसके पास बांग्लादेश का पहचान पत्र मिला ।जिसमें उसका नाम रूकन रकम उर्फ शाह आलम निकला। 26 साल का ये शख्स ढाका के पास टंगाईल जिले का रहने वाला है। ऑपरेशन कालनेमी के दौरान देहरादून के SSP अजय सिंह खुद सड़कों पर निकले। सड़क किनारे कई ऐसे बाबा अपनी दुकान लगाकर बैठे थे जिनका धर्म से कोई लेना देना नहीं था। कोई भगवा पहन कर ज्योतिषी बना था, कोई भगवा चोला पहनकर आयुर्वेदिक दवा बांट रहा था, तो कोई तंत्र मंत्र का ज्ञान दे रहा था।
पुलिस ने बांग्लादेशी नागरिक समेत कुल 25 फर्जी बाबाओं को गिरफ्तार किया। साधु संतों ने भी मुख्यमंत्री के इस फैसले का स्वागत किया है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने कहा कि हरिद्वार में ही आपको कई ढोंगी बाबा मिल जाएंगे, इनका काम सिर्फ धर्म के नाम पर कमाई करना है। महंत रविंद्र पुरी ने कहा कि ऐसे लोगों की पहचान बहुत जरूरी है। अगर बांग्लादेशी घुसपैठिए साधु के वेश में घूम रहे हैं तो ये चिंता की बात है। ये अच्छी बात है कि पुष्कर सिंह धामी ने फर्जी बाबाओं के खिलाफ मुहिम शुरू की है। ऐसे लोगों के खिलाफ एक्शन होना ही चाहिए जो धर्म का चोला ओढ़ कर लोगों को ठग रहे।
इसी क्रम में उधम सिंह नगर जनपद के एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने जिले के सभी थानों और कोतवाली के प्रभारी को निर्देशित किया था कि अपने-अपने क्षेत्र में रहने वाले सभी फर्जी बाबाओं को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें. एसएसपी के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए उधम सिंह नगर पुलिस ने ऐसे 66 पीर फकीरों को हिरासत में लिया है जो अपराधिक प्रवृत्ति के थे, पुलिस ने इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की.
ऑपरेशन कालनेमी को सफल बनाने के लिए उधम सिंह नगर जिले के एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने जनपद के सभी थानों और कोतवाली के प्रभारियों को निर्देश दिया है. ढोंगी बाबाओं और पीर फकीरों को चिन्हित करके कार्रवाई करो, जो दूसरों को धर्म की आड़ में ठगने का काम कर रहे हैं. एसएसपी के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 66 ढोंगी बाबाओं और पीर फकीरों को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई की. पुलिस द्वारा हो रही कार्रवाई के बाद से ढोंगियों में हड़कंप मच गया है.
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री महोदय के निर्देश पर पूरे प्रदेश में फर्जी बाबाओं के खिलाफ कालनेमी ऑपरेशन के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है. उधम सिंह नगर जिला पुलिस ने ऐसे 66 पीर फकीरों को चिन्हित कर उन्हें हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई की हैं. जो यूपी के सीमावर्ती जनपद रामपुर, बरेली, मुरादाबाद, पीलीभीत समेत अन्य जनपदों के रहने वाले हैं. उन्होंने बताया कि पूर्व में ऐसे पीर फकीरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा चुका है जो अवैध कार्यों में लिप्त थे, आगे भी हमारी कार्रवाई इसी तरह से जारी रहेगी.
ढोंगियों को पूर्व में भी पुलिस भेज चुकी है जेल
ऑपरेशन कालनेमी की शुरुआत से पहले भी उधम सिंह नगर जिले में पुलिस द्वारा ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है जो धर्म की आड़ में गलत काम कर रहे थे. एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि रुद्रपुर कोतवाली पुलिस ने मदरसे में पढ़ाने वाले एक मौलवी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था जो कई नाबालिग बच्चियों को अपनी हवस का शिकार बना चुका था. जबकि ट्रांजिट कैंप थाना पुलिस ने हाल ही में एक ढोंगी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जो लोगों के साथ ठगी के साथ साथ महिला से दुष्कर्म किया था.







