इजरायल और ईरान के बीच जंग 12 दिनों तक चली थी। जंग के दौरान दोनों देशों की ओर से एक-दूसरे पर लगातार हमले किए थे। इस बीच ईरान की सरकार ने इजरायल के साथ जंग में मरने वाले लोगों की नई संख्या जारी की है। ईरान की सरकार ने बताया है कि इजरायल के हमलों में कम से कम 1,060 लोग मारे गए हैं और यह आंकड़ा बढ़ भी सकता है।
Israel Iran War: इजरायल और ईरान के बीच जंग 12 दिनों तक चली थी। जंग के दौरान दोनों देशों की ओर से एक-दूसरे पर लगातार हमले किए थे। इस बीच ईरान की सरकार ने इजरायल के साथ जंग में मरने वाले लोगों की नई संख्या जारी की है। ईरान की सरकार ने बताया है कि इजरायल के हमलों में कम से कम 1,060 लोग मारे गए हैं और यह आंकड़ा बढ़ भी सकता है।
बढ़ सकती है मृतकों की संख्या
ईरान के ‘फाउंडेशन ऑफ मार्टर एंड वेटरंस अफेयर्स’ के प्रमुख सईद ओहादी ने सोमवार देर रात ईरानी सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक साक्षात्कार में मृतकों की संख्या के बारे में जानकारी दी है। ओहादी ने इस दौरान यह भी कहा कि कुछ लोग जिस तरह से गंभीर रूप से घायल हुए हैं, उसे देखते हुए मरने वालों की संख्या 1,100 तक पहुंच सकती है।
मानवाधिकार कार्यकर्ता समूह ने क्या कहा?
बता दें कि, ईरान ने युद्ध के दौरान इजरायल की 12 दिनों की बमबारी के प्रभावों को कम करके दिखाया, जबकि इन हमलों ने उसकी वायु रक्षा प्रणाली को तबाह कर दिया है। युद्ध विराम लागू होने के बाद से ईरान धीरे-धीरे विनाश की व्यापकता को स्वीकार कर रहा है। हालांकि, उसने अब तक यह नहीं बताया है कि उसकी सेना को कितना नुकसान पहुंचा है। वाशिंगटन स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समूह ने कहा कि 436 नागरिक और सुरक्षाबलों के 435 सदस्यों समेत 1,190 लोग मारे गए हैं। हमलों में 4,475 लोग घायल भी हुए हैं।

बीच बात करें जंग में हुए नुकसान की तो दोनों देशों को इसमें काफी क्षति हुई है। इजरायली हमलों में ईरान के नुकसान का आकलन किया जाए तो सबसे बड़ी क्षति उसके कम से कम 14 परमाणु वैज्ञानिकों का मारा जाना है। इन्हीं वैज्ञानिकों की निगरानी ईरान का परमाणु कार्यक्रम आगे बढ़ रहा था। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि जंग से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को भले ही कुछ समय के लिए धक्का लगा हो लेकिन उसे रोक पाना आसान नहीं होगा। वैज्ञानिकों की मौत पर नजर डालें तो इनमें रसायनशास्त्री, भौतिकशास्त्री, इंजीनियर शामिल हैं।







