गांधी मैदान में रविवार को वक्फ बचाओ-संविधान बचाओ सम्मेलन होगा। इमारत-ए-शरिया, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड समेत कई संगठनों ने इसका आयोजन किया है। आयोजकों की ओर से बताया गया कि बिहार, झारखंड, ओडिशा, बंगाल समेत कई राज्यों से 5 लाख से अधिक लोग इसमें शामिल होंंगे। जिला प्रशासन द्वारा जेपी गंगा पथ, अटल पथ, मिलर हाईस्कूल मैदान में करीब 3 हजार वाहनों की पार्किंग का इंतजाम किया गया है।
गांधी मैदान के सभी गेट से लोगों की इंट्री होगी। गांधी मैदान के अंदर और चारों ओर करीब 500 जवानों की तैनाती रहेगी। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से भी निगरानी होगी। सिटी एसपी सेंट्रल दीक्षा ने बताया कि भीड़ प्रबंधन के लिए अलग से टीम बनाई गई है। ट्रैफिक एसपी अपराजित लोहान ने बताया कि ट्रैफिक के जवानों की तैनाती रहेगी। गांधी मैदान में छोटे वाहन और बाइक की पार्किंग होगी।
300 मस्जिदों में रहने की व्यवस्था
शनिवार की शाम से ही लोगों का आना शुरू हो गया है। उनके रहने के लिए 300 मस्जिदों के अलावा इमारत के सभी संस्थानों के साथ ही निजी लोगों के परिसरों में व्यवस्था की गई है। खाने-पीने की व्यवस्था स्थानीय लोगों ने की है। सम्मेलन के संयोजक मौलाना अहमद हुसैन ने बताया कि सभी धर्मों के धर्म गुरुओं के अलावा सभी समुदायों के लोगों को आने के लिए आमंत्रित किया गया है। किसी राजनीतिक दल के नेता को बुलाया नहीं गया है। इस संशोधन विधेयक के खिलाफ जो भी नेता या लोग हैं और जिन्हें संविधान में विश्वास हैं, वे इसमें आएंगे।
एदारा-ए-शरिया और मरकज खुद्दाम ने किया विरोध : एदारा-ए-शरिया ने रविवार को होने वाले सम्मेलन को लेकर कहा है कि यह मुसलमानों को ठगने के लिए किया जा रहा है। 2018 में इमारत ने दीन बचाओ-देश बचाओे सम्मेलन में भीड़ दिखाकर एमएलसी सीट हथिया ली थी। इस तरह का काम इमारत का कोई नया नहीं है। शाहबानो मामले में जब एदारा और अन्य संगठन विरोध कर रहे थे तब इमारत ने एक को एमएलसी बनवा दिया था। वहीं दूसरी तरफ मरकज खुद्दामे शरीयत के सेवक अरशद मोहिसन ने कहा कि यह सम्मेलन करना किसी भी तरह से उचित नहीं है। हम कुरआन और शरीयत पर यकीन करते हैं। इसमें यह कहीं भी नहीं लिखा है कि किसी कानून के खिलाफ सड़कों पर उतरें या सम्मेलन करें। हमारे नबी ने कभी भी किसी कानून का विरोध नहीं किया।







