मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को 21,391 नवनियुक्त सिपाहियों को नियुक्ति पत्र देंगे। बापू सभागार में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम होगा। मुख्यमंत्री ने कहा-प्रदेश में कानून का राज स्थापित है। विधि-व्यवस्था सुदृढ़ रहे, यह शुरू से हमारी प्राथमिकता रही है। इसको मजबूत करने के लिए लगातार पुलिसकर्मियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की नियुक्ति की जा रही है। कुल 2 लाख 29 हजार से भी अधिक पदों का सृजन कर तेजी से बहाली की जा रही है। स्वीकृत बल के अनुरूप सभी पदों को इस साल के अंत तक भर दिया जाएगा। 24 नवंबर 2005 को नई सरकार बनने के समय पुलिस में बल की संख्या मात्र 42,481 थी।
सिपाही चयन के लिए 2023 में नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसके लिए लिखित परीक्षा अगस्त 2024 में छह चरणों में आयोजित हुई। इसमें करीब 17 लाख 87 हजार अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन किया था, जिसमें 11 लाख 95 हजार 101 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा की पूरी प्रकिया के बाद अब 28 जून को नवचयनित 21 हजार 391 सिपाहियों को नियुक्ति पत्र सौंपने की तैयारी है।
इसे लेकर चयनित अभ्यर्थियों के बीच खुशी का माहौल है। सभी अब शनिवार का इंतजार कर रहे हैं। इस दिन मुख्यमंत्री के हाथों चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपा जाएगा।
अपराध नियंत्रण में होगा सुधार: यह नियुक्ति बिहार पुलिस के इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, क्योंकि इससे पुलिस बल की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी और अपराध नियंत्रण में सुधार होगा. बिहार में पुलिस बल की संख्या बढ़ाने की दिशा में यह भर्ती अभियान एक बड़ा कदम है.
पुलिस-जनसंख्या अनुपात को बढ़ाना लक्ष्य: राज्य सरकार का लक्ष्य है कि पुलिस-जनसंख्या अनुपात को बेहतर बनाया जाए, ताकि कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके. नए सिपाहियों की नियुक्ति से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पुलिस की उपस्थिति बढ़ेगी, जिससे आम नागरिकों को बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी.
हजारों युवाओं को मिला रोजगार: इस भर्ती प्रक्रिया से बिहार के हजारों युवाओं को रोजगार मिला है, जो उनके और उनके परिवारों के लिए एक बड़ी राहत है. सरकारी नौकरी की स्थिरता और सामाजिक सुरक्षा के कारण पुलिस भर्ती युवाओं के बीच हमेशा आकर्षण का केंद्र रही है.
गंगा रिवर फ्रंट का उद्घाटन
पटना के बख्तियारपुर में सीढ़ी घाट पर बने गंगा रिवर फ्रंट का आज सीएम नीतीश कुमार उद्घाटन करेंगे। मरीन ड्राइव की तर्ज पर विकसित इस रिवर फ्रंट में धौलपुर के गुलाबी पत्थरों से सीढ़ियों का निर्माण किया गया है।
रिवर फ्रंट पर 2100 मीटर लंबा प्लांटेशन और रनिंग ट्रैक बनाया गया है। धौलपुर के गुलाबी पत्थरों से निर्मित स्तंभ शहर की सुंदरता को बढ़ा रहे हैं।
यह परियोजना मुख्यमंत्री के लिए विशेष महत्व रखती है क्योंकि उनका बचपन सीढ़ी घाट पर गंगा नदी के किनारे बीता है। शहर से पांच किलोमीटर दूर चली गई गंगा नदी को चैनलाइज कर फिर से सीढ़ी घाट तक लाया गया है।
मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियों का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी और पटना डीएम डॉ त्यागराजन ने स्थल का निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री गंगा आरती में भी हो सकते हैं शामिल
एसडीएम चंदन कुमार के अनुसार, जीर्णोद्धार के बाद तैयार किया गया यह रिवर फ्रंट आम लोगों के लिए मनोरंजन का केंद्र बनेगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के गंगा आरती में शामिल होने की भी संभावना है।

स्थानीय निवासी इस परियोजना से काफी उत्साहित हैं। शाम के समय यहां घूमने आने वाले लोगों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
स्थानीय मनोज कुमार ने कहा कि लगभग 2 किलोमीटर लंबा पाथवे बनाया गया है। पहले यहां बच्चे नहाने के क्रम में डूब जाते थे। यहां पहले तलहटी को लेवल में लाकर के पानी छोड़ा गया है। अब बख्तियारपुर के किनारे गंगा नदी की धारा बहेगी।

‘हमने सुना है सीएम भी यहां आते थे’
रेणु देवी ने बताया कि बख्तियारपुर में कहीं ऐसी सुविधा नहीं थी हम लोगों ने सुना है की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी यही नहाने आया करते थे। हम सभी लोग चाहते हैं कि मुख्यमंत्री फिर से बख्तियारपुर में ही आकर रहे।







