कांग्रेस के दिग्गज नेता डॉ. शशि थरूर ने एक लेख लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। केरल के तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर अक्सर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी नेतृत्व क्षमता की तारीफ करते रहे हैं, जो पार्टी में ही उनके विरोधियों को कई बार रास नहीं आती हैं। थरूर ने देश के पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के बाद पीएम मोदी के नेतृत्व की तारीफ की है और कहा है कि इससे यह बात तय हो गई है कि 21वीं सदी में भारत कैसे आगे बढ़ेगा।
शशि थरूर ने 12 साल में मोदी के कार्यकाल का किया आकलन
डॉ. शशि थरूर के कार्यालय ने गुरुवार को सोशल मीडिया एक्स पर प्रोजेक्ट सिंडिकेट में लिखे अपने एक लेख को री-पोस्ट करते हुए जिक्र किया। इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। शशि थरूर के ऑफिस ने लिखा-क्या पिछले 12 सालों में भारत में बुनियादी बदलाव आया है? प्रोजेक्ट सिंडिकेट के लिए अपने हालिया लेख में डॉ. शशि थरूर ने मोदी सरकार के दौर में हुई तरक्की और उससे जुड़ी चिंताओं का आकलन करते हैं और यह भी बताते हैं कि इसका भारत के भविष्य पर क्या असर होगा।
थरूर ने लिखा-12 साल में मोदी के कार्यकाल में जबरदस्त तरक्की
थरूर ने लेख में लिखा-पिछले 12 सालों में, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में आर्थिक आधुनिकीकरण और सरकारी क्षमता बढ़ाने के मामले में जबरदस्त तरक्की हुई है। साथ ही संस्थागत स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों को शामिल करने के मामले में निराशाजनक गिरावट भी देखी गई है। यह रिकॉर्ड इस बात की अहम जानकारी देता है कि भारत 21वीं सदी में कैसे आगे बढ़ेगा।
मोदी आज नेहरू और इंदिरा के साथ खड़े हैं
थरूर ने लिखा है-10 जून को नरेंद्र मोदी देश के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बन गए। उन्होंने आजादी के दौर के नायक जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने पहले आम चुनावों के बाद 4,398 दिनों तक पद संभाला था।
थरूर ने लिखा-हालांकि नेहरू ने उन पहले चुनावों से पहले भी पांच साल तक भारत का नेतृत्व किया था और इंदिरा गांधी ने कुल मिलाकर उनसे ज्यादा समय तक सेवा की थी, लेकिन लगातार नहीं। फिर भी, आजादी के बाद भारत के तीन सबसे प्रभावशाली नेताओं में मोदी निस्संदेह उनके साथ खड़े हैं। मोदी की विरासत भी उन्हीं की तरह भारत की राह तय करेगी।
मोदी ने 12 साल के अहम् कार्य
नरेंद्र मोदी के पिछले लगभग 12 वर्षों (2014–2026) के कार्यकाल में कई प्रमुख नीतियाँ, योजनाएँ और निर्णय हुए हैं। इनमें से कुछ की व्यापक प्रशंसा हुई, जबकि कुछ पर गंभीर राजनीतिक और सामाजिक बहस भी हुई। प्रमुख कार्य इस प्रकार हैं:
- Goods and Services Tax (GST) लागू
- पूरे देश में एकीकृत अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था लागू हुई।
- “वन नेशन, वन टैक्स” की अवधारणा को लागू करने का प्रयास।
- 2016 Indian banknote demonetisation (नोटबंदी)
- ₹500 और ₹1000 के पुराने नोट बंद किए गए।
- उद्देश्य: काला धन, नकली नोट और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना।
- Abrogation of Article 370
- जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा समाप्त।
- राज्य का पुनर्गठन कर दो केंद्रशासित प्रदेश बनाए गए।
- Citizenship Amendment Act protests (CAA)
- पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए कुछ धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का प्रावधान।
- देशभर में समर्थन और विरोध दोनों देखने को मिले।
- Ayodhya Ram Mandir consecration
- अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा।
- लंबे समय से चले आ रहे विवाद का न्यायिक समाधान होने के बाद निर्माण पूरा हुआ।
- COVID-19 vaccination in India
- दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियानों में से एक।
- करोड़ों लोगों को मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध कराई गई।
- Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana
- करोड़ों बैंक खाते खोले गए।
- वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिला।
- Pradhan Mantri Ujjwala Yojana
- गरीब परिवारों की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन।
- Swachh Bharat Mission
- शौचालय निर्माण और स्वच्छता अभियान।
- खुले में शौच मुक्त (ODF) बनाने पर जोर।
- Pradhan Mantri Awas Yojana
- गरीब परिवारों के लिए पक्के मकानों का निर्माण।
- Jal Jeevan Mission
- ग्रामीण घरों तक नल से जल पहुँचाने का अभियान।
- Digital India
- डिजिटल सेवाओं, डिजिटल भुगतान और ई-गवर्नेंस का विस्तार।
- Unified Payments Interface (UPI) का तेज़ी से विस्तार।
- COVID-19 lockdown in India
- महामारी के दौरान देशव्यापी लॉकडाउन।
- राहत पैकेज और मुफ्त राशन योजना लागू की गई।
- 2020–2021 Indian farmers’ protest
- तीन कृषि कानून लाए गए।
- व्यापक किसान आंदोलन के बाद कानून वापस लिए गए।
- Make in India
- विनिर्माण और निवेश को बढ़ावा देने की पहल।
- Atmanirbhar Bharat Abhiyan
- घरेलू उत्पादन और आत्मनिर्भरता पर जोर।
- बुनियादी ढाँचे का विस्तार
- एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे का आधुनिकीकरण।
- नए हवाई अड्डों और मेट्रो परियोजनाओं का विस्तार।
- बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में निवेश।
- विदेश नीति
- भारत की वैश्विक भूमिका को मजबूत करने का प्रयास।
- G20 की 2023 अध्यक्षता के दौरान नई दिल्ली शिखर सम्मेलन का सफल आयोजन।
संतुलित दृष्टिकोण
इन 12 वर्षों में कई फैसलों को समर्थकों ने ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी बताया, जबकि विपक्ष और अनेक विशेषज्ञों ने नोटबंदी, बेरोज़गारी, महंगाई, कृषि कानून, CAA, सामाजिक ध्रुवीकरण और संस्थागत स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर आलोचना भी की। इसलिए इन कार्यों का मूल्यांकन व्यक्ति के दृष्टिकोण, उपलब्ध आँकड़ों और नीति के प्रभाव के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।







