बिहार चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे दावों और घोषणाओं का दौर तेज हो चुका है. एक ओर जहां तेजस्वी यादव ने गुरुवार को आरजेडी के युवा संसद कार्यक्रम के दौरान इशारे-इशारे में ही खुद को सीएम का उम्मदीवार बता दिया और कहा कि मुझे बस 20 महीने दीजिए, मैं बिहार के लिए उतना काम कर दूंगा, जितना एनडीए की सरकार ने 20 साल में नहीं किया होगा. वहीं तेजस्वी यादव के इस दावे के बाद अब उनके बड़े भाई तेजप्रताप यादव का भी उनको समर्थन मिल गया है.
दरअसल आरजेडी से 6 साल के लिए निष्काषित लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने एक निजी चैनल से बातचीत करते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि उनके भाई तेजस्वी यादव इस साल के अंत में होने वाले चुनावों के बाद बिहार के मुख्यमंत्री बनें, लेकिन वह खुद किंगमेकर की भूमिका निभाना चाहते हैं. “मेरे छोटे भाई, तेजस्वी, को मुख्यमंत्री बनने के लिए मेरा आशीर्वाद और पूरा समर्थन है.
मैं किंगमेकर की भूमिका निभाना चाहता हूं: तेजप्रताप
वहीं तेजप्रताप यादव से जब उनके निष्कासन के बारे में पूछा गया, तो तेज प्रताप ने कहा कि उन्हें बुरा लगा क्योंकि उन्होंने संकेत दिया कि निष्कासन उनके खिलाफ साजिश का परिणाम था. “बिल्कुल, मुझे बुरा लगा. अगर आप किसी पार्टी सदस्य या कर्मचारी को निकालते हैं जिसे आपने नियुक्त किया है क्योंकि किसी ने आपकी राय बदल दी… तो बुरा लगता है.” वहीं अपने भाई तेजस्वी यादव के साथ संबंधों पर, तेज प्रताप ने कहा कि कुछ उथल-पुथल है लेकिन वह स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहे हैं. “तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनना चाहिए, उसे मेरा पूरा समर्थन है. मैं किंगमेकर की भूमिका निभाना चाहता हूं.
‘मैं अगला लालू यादव हूं’
तेजप्रताप यादव ने कहा कि पार्टी के अंदर कुछ लोग पसंद नहीं करते कि मैं जमीन से जुड़ा हूं, कि मैं लोगों के मुद्दों को उठाता हूं बिना किसी से डरते हुए. यही मेरे पिता करते थे, और यही मुझे, उनके बेटे को भी करना चाहिए. गांवों में लोग जमीन से जुड़े लोगों को पसंद करते हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ लोग उन्हें निशाना बनाते हैं क्योंकि वे जानते हैं “मैं अगला लालू यादव हूं, क्योंकि मेरी आवाज, मेरा शुद्ध व्यवहार, मेरी जमीन से जुड़ी प्रकृति उनके जैसी है. कई लोगों ने यह कहा है.”
कौन 4-5 लोगों तेजप्रताप के खिलाफ कर रहे साजिश?
बता दें, तेजप्रताप यादव ने पिछले दिनों ANI को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि पूरे राज्य के लोग जानते हैं कि मेरा स्वभाव कैसा है और मैं सभी के साथ कैसे घुलता-मिलता हूं. इसका फायदा उठाकर, RJD में बैठे कुछ 4-5 लोग सोचते हैं कि अगर मुझे अकेला छोड़ दिया जाए तो वे मुझे दबा देंगे. तेज प्रताप यादव दबाया नहीं जाएगा, और मैं आपको यह बताना चाहता हूं. अब हम जनता के बीच जाएंगे, और जनता मेरे साथ न्याय करेगी. 4-5 लोग बैठे हैं, मैं उनके नाम नहीं लूंगा, इन पापी लोगों के नाम भी उजागर नहीं होने चाहिए.
6 साल के लिए आरजेडी से निष्काषित हो चुके हैं तेजप्रताप
बता दें, तेजप्रताप को पिछले महीने उनके पिता और आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के निर्देश पर पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था. लालू यादव ने यह फैसला तेजप्रताप यादव और अनुष्का यादव के रिश्तों को लेकर सोशल मीडिया पर खुलासे के बाद लिया था. लालू यादव तेजप्रताप यादव के इस हरकत से नाराज थे और उन्होंने उन्हें पार्टी से निकाले जाने का निर्देश दे दिया था.







