पटना में भगवान जगन्नाथ की आज रथयात्रा निकाली जाएगी। इसके लिए इस्कॉन पटना की ओर से दो रथ को तैयार किया गया है। मुख्य रथ 40 फीट ऊंची हाइड्रोलिक सिस्टम से लैस होगी।
इस विशिष्ट रथ पर भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलराम और बहन सुभद्रा संग विराजमान होंगे। रथ का रंग जगन्नाथपुरी के निकलने वाले रथ के जैसा पीले और लाल रंग का है। भगवान के वस्त्र को मायापुर और वृंदावन से मंगाया गया है।
रथ पर बना शंख-गदा का डिजाइन
इस रथ को तैयार करने के लिए ओडिशा से कारीगर आए थे। पूरे रथ में खूबसूरत पेंटिंग की गई और आगे ‘हरे कृष्णा’ के साथ साथ ‘जय जगन्नाथ, जय बलदेव और जय सुभद्रा’ लिखा है। रथ के चक्कों पर शंख, गदा, पद्म जैसे डिजाइन बनाए गए हैं। रथ के ऊपर गदा लगा है, जो मायापुर से बनकर आया है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को इस रथ यात्रा के लिए आमंत्रण दिया गया है।

ओडिसी नृत्य मंगलाचरण से शुरू होगी रथ यात्रा
दोपहर 2 बजे रथ यात्रा की शुरुआत मंगलाचरण से होगी। यह एक प्रसिद्ध ओडिसी नृत्य है, जिसकी प्रस्तुति ओडिशा के कलाकारों द्वारा की जाएगी। यह नृत्य भगवान जगन्नाथ को अति प्रिय है। दिल्ली, बनारस से कीर्तन मंडली भी आएगी।
वहीं, रथ को फूलों से सजाया जाएगा। यह फूल बेंगलुरु, कोलकाता के साथ-साथ थाईलैंड से मंगवाए गए हैं। गुलाब, गेंदा, ऑर्किड, गुलदाउदी, जैसी फूलों से सजाकर रथ को आकर्षक बनाया जाएगा। रथ यात्रा के दौरान फूलों की बारिश की जाएगी। पूरे मार्ग में महाआरती का आयोजन किया जाएगा।

इस रूट से निकलेगी रथ यात्रा
यह रथ यात्रा दोपहर 2 बजे पटना इस्कॉन मंदिर से निकलेगी, जो तारामंडल, इनकम टैक्स गोलंबर, विद्युत भवन, हाईकोर्ट, बिहार म्यूजियम, पटना वीमेंस कॉलेज होते हुए वापस कोतवाली, डाक बंगला चौराहा, मौर्या लोक, और फिर वापस इस्कॉन मंदिर आएगी।
रथ यात्रा के बाद होगा भंडारा
रथ यात्रा के दौरान बड़े पैमाने पर प्रसाद वितरण के लिए प्रसाद बनाए गए है। मूंगफली, मिश्री, सौंफ का पैकेट तैयार किया गया था। रास्ते में इसे भक्तों को वितरित किया गया। वहीं, वापसी में भंडारा का आयोजन किया जाएगा। इसमें पूरी, दाल, चावल, सब्जी, खीर, मिठाइयां आदि की व्यवस्था की जाएगी।







